राजनीति राजनीति से परे कुछ सवाल उठाती डॉक्टरों की हड़ताल

राजनीति से परे कुछ सवाल उठाती डॉक्टरों की हड़ताल

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमले के विरोध में लगभग एक हफ्ते से न सिर्फ पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं बल्कि…

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कविता रावण वध

रावण वध

डॉ.सतीश कुमार किसी ने श्री राम से पूछा, आपने रावण को मारा? श्री राम ने कहा , मैंने नहीं “मैं ” ने रावण को मारा।…

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धर्म-अध्यात्म भगवान हड़ताल पर हैं !

भगवान हड़ताल पर हैं !

प्रभुनाथ शुक्ल भगवान हड़ताल पर हैं। चौंक गए न। आप डर रहे हैं, आप को किसी अनहोनी का खौफ खाए जा रहा है, बिल्कुल सच…

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लेख संत कबीर की तपस्थली ‘कबीर चबूतरा’

संत कबीर की तपस्थली ‘कबीर चबूतरा’

 लोकेन्द्र सिंह अमरकंटक की पहली पहचान माँ नर्मदा नदी के उद्गम और वन्यप्रदेश के रूप में है। लेकिन, यह सामाजिक आंदोलन के प्रख्यात संत कबीर महाराज…

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धर्म-अध्यात्म “पुनर्जन्म का आधार ईश्वर-जीव-प्रकृति के नित्यत्व का सिद्धान्त”

“पुनर्जन्म का आधार ईश्वर-जीव-प्रकृति के नित्यत्व का सिद्धान्त”

मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वेदों ने विश्व को त्रैतवाद और ईश्वर-जीव-प्रकृति के नित्यत्व का सिद्धान्त दिया है। त्रैत में तीन सत्तायें ईश्वर, जीव व प्रकृति…

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लेख फादर्स डे पर विशेष

फादर्स डे पर विशेष

छोटी ही रहना चाहती हूं…पापा मनोज कुमार अखबार पढ़ते हुये अचानक नजर पड़ी कि फादर्स डे आना वाला है। फादर्स डे जैसा चलन नए जमाने…

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राजनीति राजनीति में नंबर एक और दो

राजनीति में नंबर एक और दो

राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं; पर इसमें महत्व नंबर एक या दो होने का ही है। लोग भी तीसरे या चौथे को महत्व नहीं…

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कविता उठो द्रोपदी अब शस्त्र संभालो

उठो द्रोपदी अब शस्त्र संभालो

उठो द्रोपदी अब शस्त्र संभालो , कलयुग में कृष्ण नहीं आयेगे |अपनी रक्षा स्वयं ही करनी ,कोई तुम्हे बचाने नहीं आयेगे || कब तक तुम आस…

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कविता बहती जा रही है ये जिन्दगी

बहती जा रही है ये जिन्दगी

बहती जा रही है ये जिन्दगी, बस किनारा ढूंढते रह जाओगे |जिन्दगी एक ऐसी गहरी दरिया है,जिसे पार नहीं कर पाओगे || जिन्दगी जिन्दा दिली…

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राजनीति राजनेताओं को आख़िर क्यों आता है इतना गुस्सा  ?

राजनेताओं को आख़िर क्यों आता है इतना गुस्सा ?

  प्रभुनाथ शुक्ल लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनेताओं का अशिष्ट व्यवहार बदनुमा दाग है। हमारे संविधान में राजनेताओं के लिए जो लक्ष्मण रेखा खींची गई है…

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धर्म-अध्यात्म “सत्यार्थप्रकाश पठित मनुष्य कल्पित ईश्वर की उपासना नहीं करता”

“सत्यार्थप्रकाश पठित मनुष्य कल्पित ईश्वर की उपासना नहीं करता”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में जितने भी आस्तिक मत हैं उनमें ईश्वर का स्वरूप भिन्न-भिन्न पाया जाता है जो कि तर्क एवं युक्तिसंगत नहीं…

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कविता आँखें ये भर गई।

आँखें ये भर गई।

उत्थान देख गांव की आँखें ये भर गई। हालात देख गांव की आँखें ये भर गई। नाली, खड़ंजे छोड़ो सब वो टूटे फूटे हैं दालान…

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