व्यंग्य पति की अभिलाषा

पति की अभिलाषा

सुन्दर डीपी लगा रखी है मोहतरमा अब तो चाय पिला दें सुबह उठते से ही देखो की है तारीफ़ अब तो चाय पिला दें सोच…

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राजनीति सुषमा चाहें तो यह संभव है

सुषमा चाहें तो यह संभव है

डॉ. वेदप्रताप वैदिक पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि पाकिस्तान नहीं चाहता है कि अफगानिस्तान में भारत की कोई भूमिका हो।…

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समाज शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती

शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती

ब्रह्मानंद राजपूत, शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता हैकिसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्यदेवो भवः यानी कि शिक्षक या आचार्य ईश्वर के समान होता है। यह दर्जा एक शिक्षक को उसके द्वारा समाज में दिए गए योगदानों के बदले स्वरुप दिया जाता है। शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई…

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समाज मृत्यु को महोत्सव बनाने का विलक्षण उपक्रम है संथारा

मृत्यु को महोत्सव बनाने का विलक्षण उपक्रम है संथारा

– ललित गर्ग जैन धर्म में संथारा अर्थात संलेखना- ’संन्यास मरण’ या ’वीर मरण’ कहलाता है। यह आत्महत्या नहीं है और यह किसी प्रकार का…

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गजल जवानी जो आई बचपन की हुड़दंगी चली गई

जवानी जो आई बचपन की हुड़दंगी चली गई

 रूपेश जैन ‘राहत  जवानी जो आई बचपन की हुड़दंगी चली गई दफ़्तरी से हुए वाबस्ता तो आवारगी चली गई शौक़ अब रहे न कोई ज़िंदगी…

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विश्ववार्ता पोंपिओ और मेटिस क्या करेंगे ?

पोंपिओ और मेटिस क्या करेंगे ?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपिओ और रक्षा मंत्री जिम मेटिस इस सप्ताह भारत और पाकिस्तान आएंगे। यह यात्रा कूटनीतिक दृष्टि से…

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कविता क्यों मौन है आवाम

क्यों मौन है आवाम

      – डॉ. छन्दा बैनर्जी   जाने अख़बार क्या कहता है, पढ़कर, पूरा आवाम क्यों मौन रहता है ?   हां, बस्तर का…

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गजल मैंने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा है

मैंने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा है

मैंने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा है उम्र के साथ जिन्दगी के ढंग बदलते देखा है वो जो चलते थे तो शेर के…

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राजनीति अर्थव्यवस्था की सुनहरी होती तस्वीर 

अर्थव्यवस्था की सुनहरी होती तस्वीर 

-ललित गर्ग- भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था है, जिसकी विकास गति ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। कृषि क्षेत्र…

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विविधा (स्वर्गीय) श्रीलाल शुक्ल के अमर ग्रंथ ‘राग दरबारी’

(स्वर्गीय) श्रीलाल शुक्ल के अमर ग्रंथ ‘राग दरबारी’

अनिल सिंह कुछ दिन पहले अखबार में पढ़ा कि (स्वर्गीय) श्रीलाल शुक्ल के अमर ग्रंथ ‘राग दरबारी’ के प्रकाशन के 50 वर्ष पूरे हो गये।…

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धर्म-अध्यात्म कृष्ण  जन्माष्टमी की देश में मची धूम

कृष्ण जन्माष्टमी की देश में मची धूम

डा- राधेश्याम द्विवेदी श्रीकृष्ण भक्ति में रासलीला एक लोकप्रिय साधन डा. राधेश्याम द्विवेदी श्रीकृष्ण भारत की पुण्य भूमि में अवतरित हुये थे। वे भगवान विष्णु…

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कविता अगर कृष्ण कलयुग में जन्म लेते

अगर कृष्ण कलयुग में जन्म लेते

अच्छा हुआ कृष्ण ने लिया द्वापर के जमाने में वर्ना दुर्गति हो जाती उनकी इस कलयुगी जमाने में अच्चा हुआ कृष्ण ने जन्म नहीं लिया…

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