राजनीति           लोकतांत्रिक मूल्यों की सरकार ही देश समाज से डरती है

          लोकतांत्रिक मूल्यों की सरकार ही देश समाज से डरती है

प्रवीण गुणगानी एक प्रसिद्द शेर याद आया – गिरते हैं शह सवार ही मैदाने जंग में  ,वो तिफ्ल (सैनिक) क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल…

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प्रवक्ता न्यूज़ ख़लिश

ख़लिश

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ जिस सहर पे यकीं था वो ख़ुशगवार न हुयी देखो ये कैसी अदा है नसीब की समझा था जिसे बेकार, वो बेकार न हुयी मांगी थी जब तड़प रूह बेक़रार न हुयी कहूँ अब क्या किसी से देखकर माल-ओ-ज़र भी मिरि चाहतें तलबगार न हुयीं सोचा था जिन्हे अपना वो साँसें मददगार न हुयीं है अजीब अशआर क़ुदरत की भूल से छोड़ा था जिसे हमने वो निगाहें शिकबागार न हुयीं

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कविता हिंदुस्तान में हिंदी का हाल व भविष्य

हिंदुस्तान में हिंदी का हाल व भविष्य

मेरे देश में मेरा ही बुरा हाल है विदेशी भाषा पर ठोकते  ताल है मेरे देश में मेरा ही सम्मान नहीं फिर विदेशो में मेरा…

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प्रवक्ता न्यूज़ ‘‘हितकारी प्रकाशन समिति, हिण्डोन सिटी द्वारा सम्मान के लिये हार्दिक धन्यवाद’’

‘‘हितकारी प्रकाशन समिति, हिण्डोन सिटी द्वारा सम्मान के लिये हार्दिक धन्यवाद’’

-मनमोहन कुमार आर्य, ऋषि-भक्त आर्य-श्रेष्ठ श्री प्रभाकरदेव आर्य जी विगत लगभग 25 वर्षों से दुलर्भ, हितकारी एवं जीवनोन्नति के आधार आर्य साहित्य के प्रकाशन का…

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कविता ‘क्या मौन में छुपा है कोई हल’

‘क्या मौन में छुपा है कोई हल’

प्रीति सुराना आजमा के देख ये भी कुछ पल क्या मौन में छुपा है कोई हल हल न भी मिले तो लाभ ही है क्रोध…

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कविता शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस

माँ ही मेरी पहली शिक्षक है क्यों न उसे मै शीश निवाऊ पढ़ा लिखा कर बड़ा किया है क्यों न शिक्षक दिवस मनाऊ पहले जैसे…

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समाज नशे के आदी युवा

नशे के आदी युवा

अनिल अनूप  हाल ही में रिलीज हुई फिल्म उड़ता पंजाब के ट्रेलर ने पंजाब सरकार की नींद उड़ाकर रख दी थी। ये ट्रेलर उस समय…

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समाज वजूद में शामिल है पंजाबियत

वजूद में शामिल है पंजाबियत

अनिल अनूप  अपने अस्तित्व के 47 सालों बाद भी हिमाचल अपने वजूद से पंजाबियत को अलग नहीं कर पाया है। माना कि पहले हिमाचल पंजाब…

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मनोरंजन भूमि की अदाकारी में दिख रही दम लगा के हइशा मेहनत

भूमि की अदाकारी में दिख रही दम लगा के हइशा मेहनत

विवेक कुमार पाठक जो एक हद से ज्यादा मोटी मगर चुलबुली और अपने में मस्त रहने वाली लड़की पर्दे के पीछे थी वो अब पर्दे…

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राजनीति शिवराज को दिग्विजय पसंद हैं

शिवराज को दिग्विजय पसंद हैं

जावेद अनीस राजनीति एक ऐसा खेल है जिसमें चाहे-अनचाहे दुश्मन भी जरूरत बन जाते हैं. चुनाव के मुहाने पर खड़े मध्यप्रदेश में इन दिनों कुछ…

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धर्म-अध्यात्म ‘जीवात्मा विषयक कुछ रहस्यों पर विचार’

‘जीवात्मा विषयक कुछ रहस्यों पर विचार’

मनमोहन कुमार आर्य, मैं कौन हूं और मेरा परिचय क्या है? यह प्रश्न सभी को अपने आप से पूछना चाहिये और इसका युक्तिसंगत व सन्तोषजनक…

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कविता आज हिंदी भाषा की दशा

आज हिंदी भाषा की दशा

भाषाओं की डारि पर,हिंदी फल की कैसी चाहत हैं जब छोटे से पौधे को,इंगलिश दी जावत है उत्तर से लेकर दक्षिण तक,केवल भाषा ही एक…

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