समाज चिंतनशील युवाओं को जोड़ने का प्रयास है “यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव”

चिंतनशील युवाओं को जोड़ने का प्रयास है “यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव”

– लोकेन्द्र सिंह (लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार में सहायक प्राध्यापक हैं) भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है। भारत के पास युवा ऊर्जा…

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शख्सियत संदर्भः प्रेमचंद जयंती 31 जुलाई पर विशेष –

संदर्भः प्रेमचंद जयंती 31 जुलाई पर विशेष –

मुंशी प्रेमचंद की गाय प्रमोद भार्गव कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की एक कहानी हैं ‘मुक्तिधन‘ इस कहानी का शीर्षक  गाय भी हो सकता था, क्योंकि…

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धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द की मानवतावादी वेदानुकूल मान्यताओं को न अपनाकर उनसे न्याय नहीं किया गया”

“ऋषि दयानन्द की मानवतावादी वेदानुकूल मान्यताओं को न अपनाकर उनसे न्याय नहीं किया गया”

–मनमोहन कुमार आर्य,  देश का पतन महाभारत काल युद्ध के बाद से हुआ है। इस पतन को हम धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक पतन सहित राजनीतिक पतन…

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राजनीति पाक अवाम का चरमपंथियों को ठेंगा

पाक अवाम का चरमपंथियों को ठेंगा

तनवीर जाफ़री – पाकिस्तान में गत् 25 जुलाई को हुए नेशनल असेंबली के चुनाव अपने-आप में बेहद महत्वपूर्ण रहे। इन चुनाव परिणामों ने जहां पाकिस्तानी…

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विविधा सेवा कार्य ही ईश्वरीय कार्य : प्रो. संजय द्विवेदी

सेवा कार्य ही ईश्वरीय कार्य : प्रो. संजय द्विवेदी

सेवा भारती द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित, 250 विद्यार्थियों को किया गया पुरुस्कृत प्रो. संजय द्विवेदी भोपाल, 29 जुलाई। सेवा कार्य ही ईश्वरीय कार्य है। जब…

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समाज देश की सड़कों पर मौत का तांडव ?

देश की सड़कों पर मौत का तांडव ?

नरेन्द्र भारती वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तम्भकार लापरवाही के कारण देश में प्रतिदिन सड़क हादसे हो रहे है,यह भीषण व दिल दहला देने वाले सडक हादसे…

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कविता मिलना अपने श्याम से,ये सोच कर आये है

मिलना अपने श्याम से,ये सोच कर आये है

मिलना अपने श्याम से,ये सोच कर आये है दर्शन करने को हम सब लौट कर आये है छटा तुम्हारी सारे संसार में बिखरी है माया…

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शख्सियत भारत राष्ट्र के निर्माताओं में से एक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

भारत राष्ट्र के निर्माताओं में से एक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

  -अशोक “प्रवृद्ध” स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है के उद्घोषक लोकमान्य बालगंगाधर तिलक (3 जुलाई 1856- 1 अगस्त 1920)  एक भारतीय राष्ट्रवादी, शिक्षक, समाज…

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धर्म-अध्यात्म “चलो, स्वाध्याय करें”

“चलो, स्वाध्याय करें”

मनमोहन कुमार आर्य,  हमारा जहां तक ज्ञान है उसके अनुसार संसार में केवल वैदिक मत ही एकमात्र ऐसा धर्म वा मत है जहां प्रत्येक मनुष्य…

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साहित्‍य साहित्य की चोरी से सस्ती लोकप्रियता : समस्या और समाधान

साहित्य की चोरी से सस्ती लोकप्रियता : समस्या और समाधान

डॉ अर्पण जैन ‘अविचल‘ इंटरनेट की दुनिया ने हिंदी या कहे प्रत्येक भाषा के साहित्य और लेखन को जनमानस के करीब और उनकी पहुँच में…

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कविता लगे ना ग्रहण मेरे चाँद को,उसे दिल में छिपा लिया

लगे ना ग्रहण मेरे चाँद को,उसे दिल में छिपा लिया

लगे ना ग्रहण मेरे चाँद को,उसे दिल में मैंने छिपा लिया पड़े ना बुरी निगाह राहू-केतू की,उसे नयनों में समां लिया आयेगा जब बुरा वक्त…

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राजनीति नये भारत के सुखद संकेत

नये भारत के सुखद संकेत

ललित गर्ग कोई भी राष्ट्र या समाज स्वयं नहीं बोलता, वह सदैव अपनी प्रबुद्ध प्रतिभाओं की क्षमता, साहस, योग्यता एवं विलक्षणता के माध्यम से बोलता…

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