पुस्तक समीक्षा “गंदगी के महारथी” बदल सकती है आपकी कई बुरी आदतें

“गंदगी के महारथी” बदल सकती है आपकी कई बुरी आदतें

समीक्षक – हरीश चन्द्र बर्णवाल बहुत दिनों के बाद एक अच्छी पुस्तक पढ़ने का मौका मिला है। इस पुस्तक का नाम है “गंदगी के महारथी”…

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प्रवक्ता न्यूज़ मौत के कूप में गिरते मासूम , व्यवस्था के आँखों पर पट्टी

मौत के कूप में गिरते मासूम , व्यवस्था के आँखों पर पट्टी

    प्रभुनाथ शुक्ल बिहार के मुगेंर जिले में खेलते समय 110 फीट गहरे बोरबेल में गिरी तीन साल की मासूम सना को 31 घंटे…

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कविता बुढापा

बुढापा

बहुतो ने भुला दिया मुझे गिला नहीं उनसे कोई मुझे पर अपने ही भुला देते जब मुझे सोचने को मजबूर कर देते है मुझे जीवन…

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धर्म-अध्यात्म ‘ब्रह्माण्ड के सभी सौर मण्डलों में असंख्य पृथिव्यां हैं जहां सबमें हमारे समान मनुष्यादि प्राणि हैं’

‘ब्रह्माण्ड के सभी सौर मण्डलों में असंख्य पृथिव्यां हैं जहां सबमें हमारे समान मनुष्यादि प्राणि हैं’

-मनमोहन कुमार आर्य, हमारी पृथिवी हमारे सूर्य का एक ग्रह है। इस पृथिवी ग्रह पर मनुष्यादि अनेक प्राणी विद्यमान है। हमारी यह पृथिवी व समस्त…

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समाज विश्व-गुरु होने का सपना

विश्व-गुरु होने का सपना

डॉ. वेदप्रताप वैदिक बड़े-बड़े साधु-संत जो काम नहीं कर पाते, वह काम दिल्ली के कुछ पुलिसवालों ने कर दिखाया। उन्होंने संगम विहार के 56 अवैध…

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राजनीति देश देख रहा है 

देश देख रहा है 

डॉ नीलम महेंद्र आज राजनीति केवल राज करने अथवा सत्ता हासिल करने मात्र की नीति बन कर रह गई है उसका राज्य या फिर उसके…

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राजनीति व्यवस्था को बेनक़ाब करती वर्षा ऋतु

व्यवस्था को बेनक़ाब करती वर्षा ऋतु

 निर्मल रानी वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व ही मौसम विभाग द्वारा यह बार-बार बताया जा रहा था कि इस वर्ष मानसून जमकर बरसेगा। हमारे…

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विविधा  अहम सवाल- जिन्दगी जैसी है वैसी क्यों हैं

 अहम सवाल- जिन्दगी जैसी है वैसी क्यों हैं

गंगानन्द झा रचना (यहाँ टाइप या पेस्ट करें): एक किताब मिली। The Vital Question. Why life is the way it is. लेखक हैं Nick Lane ।…

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कविता तुम पास आ गई हो,दिल को चैन आ गया है

तुम पास आ गई हो,दिल को चैन आ गया है

तुम पास आ गई हो,दिल को चैन आ गया है पुरानी यादो का मुझे,आज ध्यान आ गया है छोड़ना ना मुझे तुम,कहीं जाना न अब…

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राजनीति न्याय , ,आरक्षण , ,आरक्षण विरोध __यह सब क्या है ?

न्याय , ,आरक्षण , ,आरक्षण विरोध __यह सब क्या है ?

राकेश कुमार आर्या देश में कुछ लोगों ने ऐसा परिवेश सृजित करने का कुत्सित प्रयास किया है कि देश का बहुसंख्यक समाज परस्पर एकता का…

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धर्म-अध्यात्म “सृष्टिकर्ता ईश्वर प्रदत्त ज्ञान है वेद और संस्कृत भाषा”

“सृष्टिकर्ता ईश्वर प्रदत्त ज्ञान है वेद और संस्कृत भाषा”

–मनमोहन कुमार आर्य, संसार में दो प्रकार की रचनायें देखने को मिलती है। एक अपौरूषेय और दूसरी पौरूषेय रचनायें। अपौरूषेय रचनायें वह होती हैं जो…

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धर्म-अध्यात्म शक्ति से पहले शांति की स्थापना जरूरी

शक्ति से पहले शांति की स्थापना जरूरी

– आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि- विश्व के विभिन्न देशों की यात्रा के दौरान भौतिक विकास के शिखर पर पहुंचे लोगों से बातचीत से जो तथ्य सामने…

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