कविता सुनो सुजाता : एक

सुनो सुजाता : एक

सुनो सुजाता : एक सुनो सुजाता मैं नहीं जानता तुम्हारा समाज-सत्य। शब्दार्थ की रपटीली पगडंडियाँ यदि हैं,आपका सचेत चुनाव तो आओ, बैठो बातें करो। सुनो…

Read more
कला-संस्कृति लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप के शादी से लेकर , आडवाणी युग से जवानी युग में लौट रहे कुमार विश्वास

लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप के शादी से लेकर , आडवाणी युग से जवानी युग में लौट रहे कुमार विश्वास

तेजप्रताप के शादी के बाद तेजस्वी के शादी में क्या मिलेगा बारातियों को ? केजरीवाल के बेवफाई के बाद कुमार को मिला भाजपा का विश्वास।…

Read more
राजनीति मेडिकल की पढ़ाई अब हिंदी में

मेडिकल की पढ़ाई अब हिंदी में

डॉ. वेदप्रताप वैदिक आजकल मैं इंदौर में हूं। यहां के अखबारों में छपी एक खबर ऐसी है कि जिस पर पूरे देश का ध्यान जाना…

Read more
कविता समर्पण बढ़ रहा है प्रभु चरण में!

समर्पण बढ़ रहा है प्रभु चरण में!

समर्पण बढ़ रहा है प्रभु चरण में, प्रकट गुरु लख रहे हैं तरंगों में; सृष्टि समरस हुई है समागम में, निगम आगम के इस सरोवर में ! शान्त हो स्वत: सत्व बढ़ जाता, निमंत्रण प्रकृति से है मिल जाता; सुकृति हो जाती विकृति कम होती, हृदय की वीणा विपुल स्वर बजती ! ठगा रह जाता नृत्य लख लेता, स्वयम्बर अम्बरों का तक लेता; प्राण वायु में श्वाँस उसकी ले, परश मैं उसका पा सिहर लेता ! वे ही आए सजाए जग लगते, संभाले लट ललाट लय ललके; साथ चल दूर रह उरहिं उझके, कबहु आनन्द की छटा छिटके ! कराएँगे न जाने क्या मगों में, दिखा क्या क्या न देंगे वे पलों में; जहान जादूगरी है झाँकते बस, मिला कर नयन ‘मधु’ उनके नयन में ! रचयिता: गोपाल बघेल ‘मधु’

Read more
समाज स्तरहीन कवि सम्मेलनों से हो रहा हिन्दी की गरिमा पर आघात

स्तरहीन कवि सम्मेलनों से हो रहा हिन्दी की गरिमा पर आघात

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ कवि सम्मेलनों का समृद्धशाली इतिहास लगभग सन १९२० माना जाता हैं । वो भी जन सामान्य को काव्य गरिमा के आलोक…

Read more
धर्म-अध्यात्म जन्म व पुनर्जन्म का आधार हमारे पूर्व जन्मों व वर्तमान जन्म के शुभाशुभ कर्म

जन्म व पुनर्जन्म का आधार हमारे पूर्व जन्मों व वर्तमान जन्म के शुभाशुभ कर्म

–मनमोहन कुमार आर्य हम प्रतिदिन संसार में नये बच्चों के जन्म के समाचार सुनते रहते हैं। इसी प्रकार पशु व पक्षियों आदि के बच्चे भी…

Read more
कविता ज़िन्दगी का रंग

ज़िन्दगी का रंग

पंखुरी सिन्हा   बिना उसका नाम लिए बिना कहे वह शब्द क्योंकि इतना बड़ा है जीवन किसी भी भाषा की अभिव्यक्ति से जगमगा जाता है…

Read more
समाज ‘उदन्त मार्तण्ड’  की परम्परा निभाता हिन्दी पत्रकारिता

‘उदन्त मार्तण्ड’  की परम्परा निभाता हिन्दी पत्रकारिता

30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर विशेष आलेख मनोज कुमार कथाकार अशोक गुजराती की लिखी चार पंक्तियां सहज ही स्मरण हो आती हैं कि राजा…

Read more
कविता मन का मेला

मन का मेला

  मेरे अतीत के आँगन में है,अनगिन सुधियों का मेला । कहाँ कहाँ ये जीवन बीता , कहाँ कहाँ ये  है खेला ।। * रंग-बिरंगी…

Read more
राजनीति  भारत में बढ़ता निपाह का खतरा

 भारत में बढ़ता निपाह का खतरा

प्रभुनाथ शुक्ल दक्षिणी राज्य केरल में एक और दिमागी बुखार यानी निपाह ने दस्तक दी है। निपाह के बढ़ने संक्रमण से लोगों की चिंताएं बढ़…

Read more
राजनीति चार साल बनाम एक साल, असली चुनौती  

चार साल बनाम एक साल, असली चुनौती  

ललित गर्ग – नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने पर इसका गहन आकलन होना स्वाभाविक है कि उम्मीदें कहां तक पूरी…

Read more
राजनीति ‘प्रचारक’ से ‘प्रधानसेवक’ तक

‘प्रचारक’ से ‘प्रधानसेवक’ तक

आशीष रावत 26 मई, 2014 का दिन था जब नरेन्द्र दामोदरदास मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। आज (26 मई, 2018) प्रधानमंत्री नरेन्द्र…

Read more