कविता तूफ़ान मचा  है चारो तरफ

तूफ़ान मचा है चारो तरफ

तूफ़ान आयेगा,तूफ़ान आयेगा तूफ़ान मचा है चारो तरफ सभी पूछ रहे एक दूजे से क्या आया वह तुम्हारी तरफ ? बीवी डिनर के लिए तैयार…

Read more
परिचर्चा ऐलौपैथी चिकित्सा-शिक्षा  का नया संकट

ऐलौपैथी चिकित्सा-शिक्षा का नया संकट

प्रमोद भार्गव जब मैंने इंजीनियरिंग और एमबीए कॉलेजों में सीटों के खाली रहने और फिर कई कॉलेजों के बंद होने की खबरें पढ़ी थीं, तो…

Read more
धर्म-अध्यात्म “वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?”

“वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?”

  “वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?” -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में जितने भी पदार्थ है उनकी उत्पत्ति होती है और उत्पत्ति…

Read more
राजनीति कावेरी पर राजनीतिक कालिमा क्यों?

कावेरी पर राजनीतिक कालिमा क्यों?

ललित गर्ग- एक बार फिर कावेरी जल बंटवारे के मसला चर्चा में है। अदालत ने जल बंटवारे के बारे में फैसला फरवरी में ही सुना…

Read more
राजनीति जिन्नाह के जिन्न से नही जिन्नाहवादी सोच से बचो

जिन्नाह के जिन्न से नही जिन्नाहवादी सोच से बचो

विनोद कुमार सर्वोदय एक बार नेहरू जी ने कहा था कि  “एक क्या एक हज़ार जिन्नाह भी पाकिस्तान नही बना सकते”। तब जिन्नाह बोले थे…

Read more
विश्ववार्ता इस्लामी संगठन में भारत क्यों ?

इस्लामी संगठन में भारत क्यों ?

इस्लामी संगठन में भारत क्यों ? डॉ. वेदप्रताप वैदिक इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के साथ भारत और चीन जैसे देशों को भी जोड़ा जाए, यह…

Read more
कविता घनघोर घटाओ व बिजली का वार्तालाप

घनघोर घटाओ व बिजली का वार्तालाप

घनघोर घटाओ से,बिजली आज यू बोली बहन कहाँ जा रही हो,मुझे छोड़ अकेली ? मै तो साथ रहती हूँ,हमेशा तुम्हारे साथ क्या मै नहीं अब…

Read more
कविता काठ की हांड़ी में क्या पक रहा है कठुवा केस में

काठ की हांड़ी में क्या पक रहा है कठुवा केस में

काठ की हांडी में कब तक झूठ पकेगा कठुवा केस में उसे जानना है असली कातिल कही ओर छिपा है,किसी ओर भेष में उसे पकड़ना…

Read more
उत्‍पाद समीक्षा पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’

पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’

पत्रकारिता के दार्शनिक आयाम का आधार है ‘आदि पत्रकार नारद का संचार दर्शन’ – लोकेन्द्र सिंह (लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं।)…

Read more
कविता कर्नाटक चुनाव घोषणा

कर्नाटक चुनाव घोषणा

सारे घोषणा पत्र,झूठे पत्र है,इनको तुम जला देना ये केवल झूठे वादे है,इनको रद्दी तुम समझ लेना सत्ता के मिलने पर,ये घोषणा पत्र नहीं मिल…

Read more
धर्म-अध्यात्म मनुष्य और पश्वादियों में जीवात्मा एक जैसा वा समान समान है’

मनुष्य और पश्वादियों में जीवात्मा एक जैसा वा समान समान है’

मनमोहन कुमार आर्य हम संसार में मनुष्यों सहित अनेक पशु, पक्षी व अन्य अनेक प्राणी योनियों को देखते हैं। सभी मनुष्यों व जीवित प्राणियों में…

Read more
कविता हर वस्तु मिल सकती है.आज ऑन लाइन पर

हर वस्तु मिल सकती है.आज ऑन लाइन पर

आर के रस्तोगी हर वस्तु मिल सकती  है तुम सबको,आज.ऑन लाइन पर पर माँ की ममता नही मिल सकती,तुम्हे ऑन लाइन पर प्यार करना हो…

Read more