हमारा उपास्य ईश्वर कैसा है?
Updated: January 29, 2018
-मनमोहन कुमार आर्य उपासना क्या है? उपासना किसी के पास बैठने को कहते हैं। सर्वोत्तम उपासना सृष्टिकर्त्ता ईश्वर के पास बैठना है। ईश्वर के पास…
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संविधान सभा में सरदार पटेल का वह अविस्मरणीय भाषण
Updated: January 29, 2018
राकेश कुमार आर्य सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय स्वातंत्र्य समर के एक दैदीप्यमान नक्षत्र हैं। उनकी स्पष्टवादिता और कड़े निर्णय लेने में दिखायी जाने वाली निडरता…
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संविधान नहीं राजनीति बदलो
Updated: January 29, 2018
राकेश कुमार आर्य  भारत अपना 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। अब से ठीक 68 वर्ष पूर्व भारत ने अपने गणतान्त्रिक स्वरूप की घोषणा…
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जीवन मृत्यु रहस्य एवं आनन्दमय मोक्ष प्राप्ति की चर्चा
Updated: January 29, 2018
मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य जीवन हो या पशु-पक्षियों का जीवन, सभी का जीवन, जीवन व मृत्यु के पाश में बन्धा व फंसा हुआ है। कोई…
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ग्राम स्वराज का अर्थ आत्मबल का होना
Updated: January 29, 2018
–मनोज कुमार महात्मा गांधी का मानना था कि अगर गांव नष्ट हो जाए, तो हिन्दुस्तान भी नष्ट हो जायेगा। दुनिया में उसका अपना मिशन ही…
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थानेदार मुर्गा
Updated: January 29, 2018
इस शीर्षक को पढ़कर मुर्गा नाराज होगा या थानेदार, ये कहना कठिन है; पर कुछ घटनाएं पढ़ और सुनकर लग रहा है कि भविष्य में…
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सृष्टि के वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा
Updated: January 29, 2018
देवेंद्रराज सुथार शिल्प, वास्तुकला, चित्रकला, काष्ठकला, मूर्तिकला और न जाने कितनी कलाओं के जनक भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का आर्किटेक्ट व देवशिल्पी कहा जाता है।…
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कब तक हमारे देश के सैनिक शहीद होते रहेंगे ?
Updated: January 29, 2018
देवेंद्रराज सुथार कवि कुमार मनोज की कुछ पंक्तियाँ :- सुख भरपूर गया, मांग का सिंदूर गया, नंगे नौनिहालों की लंगोटियां चली गयी। बाप की दवाई…
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क्या प्रदूषित भारत कभी बन पाएगा स्वच्छ?
Updated: January 29, 2018
राजू पाण्डेय 2018 के द्विवार्षिक एनवायरनमेंटल परफॉर्मेन्स इंडेक्स में भारत 180 देशों में 177 वें स्थान पर रहा। दो वर्ष पहले हम 141 वें स्थान…
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तुम याद आये
Updated: January 30, 2018
जब हवाओं का रुख मेरी तरफ हुआ उड़ते गुलाल ने आसमान को छुआ तब तुम याद आये , हल्की तपती दोपहरी में कोयल ने कोई…
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वाकई ! कुछ सवालों के जवाब नहीं होते … !!
Updated: January 28, 2018
तारकेश कुमार ओझा वाकई इस दुनिया में पग – पग पर कंफ्यूजन है। कुछ सवाल ऐसे होते हैं जिनके जवाब तो मिलते नहीं अलबत्ता वे…
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आज के स्वेच्छाचारी वक्ता
Updated: January 26, 2018
पण्डित परन्तप प्रेमशंकर आजकल के आध्यात्म वक्ता वडे स्वच्छन्दी एवं पाखंडी हो गए हैं । इस परिपेक्ष्य मे इनको सत्य दर्शन कराना संतो एवं विद्वानों…
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