आर्थिकी विदेशी निवेश से किसे होगा लाभ

विदेशी निवेश से किसे होगा लाभ

पुनः एफडीआई चर्चा में है। यदि सन 2000 से 2017 की अवधि को देखें तो एफडीआई के समर्थन में उठाए गए कदमों में एक निरंतरता दिखती…

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राजनीति मतदान के आगे भी है दायित्व

मतदान के आगे भी है दायित्व

25 जनवरी : भारतीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर विशेष एक वोट ने फ्रांस में लोकतांत्रिक सरकार का रास्ता प्रशस्त किया; एक वोट के कारण ही जर्मनी.. नाजी हिटलर…

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व्यंग्य अभी थोड़ा बिजी हूँ!

अभी थोड़ा बिजी हूँ!

अमित शर्मा (CA) मैं अक्सर व्यस्त रहता हूँ। यह मेरी आसाधारण प्रतिभा ही है कि व्यस्त रहते हुए भी मैं फेसबुक, वाट्सएप और कई लोगो…

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विविधा भारत की संस्कृति में रची-बसी हैं गणतंत्र की उच्च भावनाएं

भारत की संस्कृति में रची-बसी हैं गणतंत्र की उच्च भावनाएं

राकेश कुमार आर्य भारत के 68वें गणतंत्र दिवस की पावन बेला है। मैंने सोचा कि अपने सुबुद्घ पाठकों के लिए कोई ऐसी भेंट इस अवसर…

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समाज क्यों नहीं रुक रही भ्रूण हत्या और लिंगभेद ?

क्यों नहीं रुक रही भ्रूण हत्या और लिंगभेद ?

24 जनवरी – भारतीय राष्ट्रीय बालिका सशक्तिकरण दिवस पर विशेष लिंगानुपात में बराबरी का स्वप्न और सत्य लेखक : अरुण तिवारी क़ानूनी तौर पर अभी लिंग परीक्षण,…

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समाज साख पर आंच!

साख पर आंच!

अपनी कौस्तुभ जयंती मनाने की ओर अग्रसर भारतीय गणतंत्र की पीड़ा तो उसकी आत्मा ही समझ सकती हैं। हां उसकी पीड़ा वे भी शिद्दत से…

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विविधा  ‘गणतंत्र’ होता ‘गनतंत्र’ में तब्दील !

 ‘गणतंत्र’ होता ‘गनतंत्र’ में तब्दील !

हमारे देश को गणतंत्र की राहों पर चलने से पहले स्वतंत्र होना पड़ा। और यह स्वतंत्रता हमें इतनी भी आसानी से नहीं मिली जितनी की…

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समाज अकेलेपन की समस्या से जूझता समाज

अकेलेपन की समस्या से जूझता समाज

– ललित गर्ग- संचार के बढ़ते साधनों के बीच अकेलापन आधुनिक जीवन की त्रासदी बनती जा रही है। विडम्बनापूर्ण एवं भयावह अकेलापन आधुनिक जीवन की…

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विविधा गणतंत्र दिवस : भारतीय संविधान और गणतंत्र के प्रति अपनी वचनबद्धता दोहराने का दिन

गणतंत्र दिवस : भारतीय संविधान और गणतंत्र के प्रति अपनी वचनबद्धता दोहराने का दिन

69वें गणतंत्र दिवस पर विशेष आलेख गणतंत्र दिवस हर वर्ष जनवरी महीने की 26 तारीख को पूरे देश में देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत…

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धर्म-अध्यात्म इदन्न न मम – संसार में मेरा कुछ नहीं है?

इदन्न न मम – संसार में मेरा कुछ नहीं है?

-मनमोहन कुमार आर्य हम इस संसार में रह रहे हैं। यह संसार जड़-चेतन जगत है। इसमें जड़ सूर्य, चन्द्र व पृथिवी सहित सभी लोक लोकान्तर…

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समाज भविष्‍य के हाथों में खंजर देकर देख लिया, अब गिरेबां में झांकने का वक्‍त

भविष्‍य के हाथों में खंजर देकर देख लिया, अब गिरेबां में झांकने का वक्‍त

बच्‍चों में फैलती हिंसा पर पिछले कुछ दिनों में इतने लेख लिखे  गए हैं कि समस्‍या पीछे छूटती गई और लेखकों के अपने विचार  हावी…

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समाज whatsapp पर तैरते इस विराट झूठ का कड़वा सच क्‍या

whatsapp पर तैरते इस विराट झूठ का कड़वा सच क्‍या

…कि इस समय मेरी जिह्वा पर जो एक विराट् झूठ है वही है–वही है मेरी सदी का सब से बड़ा सच !  …ये उस कविता…

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