सत्यार्थप्रकाश की महत्ता और ऋषि भक्त महात्मा दीपचन्द आर्य
Updated: November 27, 2017
-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। ऋषि भक्त महात्मा (लाला) दीपचन्द आर्य जी ने अपने जीवनकाल में वैदिक विचारधारा के प्रचार प्रसार के लिए अनेक अनुकरणीय एवं…
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भारतीय कृषि में महिलाओं की दयनीय स्थिति
Updated: November 27, 2017
डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारत अपने अस्तित्वकाल से ही कृषि प्रधान देश रहा है। यहां जिस तरह से पुरुष और महिलाओं के बीच श्रम का विकेंद्रीकरण…
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कवि मुक्तिबोध की जन्मशती
Updated: November 27, 2017
मनोज कुमार साहित्य समाज में किसी कवि की जन्मशती मनाया जाना अपने आपमें महत्वपूर्ण है और जब बात मुक्तिबोध की हो तो वह और भी…
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मंगोलिया के सांस्कृतिक पुनर्जागरण में कुशोक बकुला रिम्पोछे का योगदान
Updated: November 27, 2017
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री यह कथा अढाई हज़ार साल से भी पुरानी है । यह महात्मा बुद्ध के काल की कथा है । बकुला का…
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चोर चोर मौसेरे भाई
Updated: November 27, 2017
चोर चोर मौसेरे भाई मिले चुनावी वक़्त मोलभाव सीटों का करें इधर उधर भटकें। लोग जो आज इधर हैं कल मिल जायें उधर, आज जिन्हे…
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कुछ और उठो सत्यार्थी
Updated: November 27, 2017
इंसान ज्वालामुखी बन चुके थे, पहले ही, इंसानो के बच्चे भी मासूमियत छोड़कर, ज्वालामुखी बनने लगे हैं, जो कभी भी फट कर सब कुछ जला…
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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-10
Updated: November 27, 2017
गीता के दूसरे अध्याय का सार और संसार हमारे देश में लोगों की मान्यता रही है कि शत्रु वह है जो समाज की और राष्ट्र…
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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-9
Updated: November 27, 2017
राकेश कुमार आर्य   गीता के दूसरे अध्याय का सार और संसार अर्जुन समझता था कि दुर्योधन और उसके भाई, उसका मित्र कर्ण और…
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निजी अस्पतालों की लूट कब तक?
Updated: November 27, 2017
ललित गर्ग- देश के निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य की दृष्टि से तो हालात बदतर एवं चिन्तनीय है ही, लेकिन ये लूटपाट एवं धन उगाने के…
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जानें डीप वेन थ्रोंबोसिस को
Updated: November 27, 2017
लंबे सफर के दौरान पैरों का व्यायाम करते रहें डा.संजय अग्रवाला आर्थोपेडिक सर्जन पीडी हिंदुजा अस्पताल मुबंई शरीर के भीतरी धमनियों में जब रक्त…
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अपने व पूर्वजों के कर्मों का फल
Updated: November 25, 2017
डा. राधेश्याम द्विवेदी संसार के प्रत्येक प्राणी को अपने तथा पूर्वजों के कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है। इससे मुक्ति कभी नहीं मिलती है।…
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मनुष्य का आत्मा सत्याऽसत्य को जानने वाला है इतर पशु आदि का नहीं
Updated: November 25, 2017
मनमोहन कुमार आर्य सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ की भूमिका में ऋषि दयानन्द जी ने कुछ महत्वपूर्ण बातें लिखी हैं। उनके शब्द हैं ‘मनुष्य का आत्मा सत्याऽसत्य का…
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