राजनीति एक ट्वीट ने मृणाल पांडे की कलई खोल दी

एक ट्वीट ने मृणाल पांडे की कलई खोल दी

जब बड़े ओहदे पर रह चुकी नामचीन हस्‍ती मात्र अपनी खुन्‍नस निकालने को मर्यादा के सबसे निचले स्‍तर पर उतर आए और गली कूचों में…

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विविधा सरदार सरोवरः शुभारंभ 

सरदार सरोवरः शुभारंभ 

डॉ. वेदप्रताप वैदिक सरदार सरोवर बांध का निर्माण भारत की एक एतिहासिक उपलब्धि है। नर्मदा नदी पर बांध खड़ा करने का सपना सरदार पटेल ने…

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विविधा विश्वगुरू के रूप में भारत-27

विश्वगुरू के रूप में भारत-27

राकेश कुमार आर्य  गुरूकुलों की परीक्षा प्रणाली हमारे यहां प्राचीनकाल में गुरूकुलों में विभिन्न परीक्षाओं की व्यवस्था की जाती थी। उन परीक्षाओं को आजकल…

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समाज शक्ति की उपासना और कन्याओं पर बढ़ते जुल्म

शक्ति की उपासना और कन्याओं पर बढ़ते जुल्म

ललित गर्ग – शताब्दियों से हम साल में दो बार नवरात्र महोत्सव मनाते हुए कन्याओं को पूजते हैं। पूरे नौ दिन शक्ति की उपासना होती…

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पुस्तक समीक्षा समाज, प्रकृति और विज्ञान

समाज, प्रकृति और विज्ञान

समाज का प्रकृति एजेण्डा जगाती एक पुस्तक समीक्षक: अरुण तिवारी   पुस्तक का नाम: समाज, प्रकृति और विज्ञान लेखक: श्री विजयदत्त श्रीधर, श्री राजेन्द्र हरदेनिया,…

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कविता कुचल दो कुयाशा की शाखाएँ !

कुचल दो कुयाशा की शाखाएँ !

कुचल दो कुयाशा की शाखाएँ, कुहक ले चल पड़ो कृष्ण चाहे; कृपा पा जाओगे राह आए, कुटिल भागेंगे भक्ति रस पाए !   भयंकर रूप…

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व्यंग्य    परबुद्ध सम्मेलन 

   परबुद्ध सम्मेलन 

मैं दोपहर बाद की चाय जरा फुरसत से पीता हूं। कल जब मैंने यह नेक काम शुरू किया ही था कि शर्मा जी का फोन…

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राजनीति विकृत मानसिकता और कांग्रेस के नेता

विकृत मानसिकता और कांग्रेस के नेता

सुरेश हिन्दुस्थानी भारतीय संस्कृति से साक्षात्कार करने वाला व्यक्ति कभी अपशब्द नहीं बोल सकता, जो अपशब्द बोलता है, वह भारतीय संस्कृति का संवाहक हो ही…

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विविधा हिंदी पर राष्ट्रपति का नया संदेश

हिंदी पर राष्ट्रपति का नया संदेश

डाॅ. वेदप्रताप वैदिक हिंदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जो संदेश दिया है, यह मुझे ऐसा लगा, जैसे कि मैं ही बोल…

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विधि-कानून भारत में न्यायिक प्रणाली, समस्याएं और सुधार 

भारत में न्यायिक प्रणाली, समस्याएं और सुधार 

एडवोकेट डा. राधेश्याम द्विवेदी लोकतांत्रिक भारत सरकार की तीन स्वतंत्र शाखाएं हैं – कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका। भारतीय न्यायिक प्रणाली अंग्रेजों ने औपनिवेशिक शासन के…

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विविधा विश्वगुरू के रूप में भारत-25

विश्वगुरू के रूप में भारत-25

राकेश कुमार आर्य   हमारे प्राचीन ऋषियों ने पशु-पक्षियों की अनेकों प्रेरणास्पद कहानियों का सृजन किया, और उन्हें बच्चों को बताना व पढ़ाना आरंभ…

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कविता हरसिंगार

हरसिंगार

हरसिंगार की  ख़ुशबू कितनी ही निराली हो चाहें रात खिले और सुबह झड़ गये बस इतनी ज़िन्दगानी है। जीवन छोटा सा हो या हो लम्बा, ये बात ज़रा बेमानी है, ख़ुशबू बिखेर कर चले गये या घुट घुट के जीलें चाहें जितना। जो देकर ही कुछ चले गये उनकी ही बनती कहानी है। प्राजक्ता कहलो या पारितोष कहो केसरिया डंडी श्वेत फूल की चादर बिछी पेड़ के नीचे वर्षा रितु कीबिदाई  है शरद रितु की अगवानी है। अब शाम सुबह सुहानी हैं।

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