राजनीति अमित शाह की भाजपा कांग्रेस की राह पर

अमित शाह की भाजपा कांग्रेस की राह पर

राकेश कुमार आर्य पांच राज्यों में टिकट बंटवारे को लेकर वैसे तो हर दल में इस समय मारामारी का माहौल है पर यह माहौल भाजपा…

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कविता गीत सुनाने निकली हूँ

गीत सुनाने निकली हूँ

भारत माँ की बेटी हूँ और गीत सुनाने निकली हूँ, वीरों की गाथा को जन जन तक पहुँचाने निकली हूँ, भारत माँ के शान के…

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लेख अजब गजब रिवाज थे राज रजवारे के

अजब गजब रिवाज थे राज रजवारे के

अनिल अनूप पटियाला (पंजाब) में पुरानी रियासत के महल आज भी महाराजा भुपिंदर सिंह की 365 रानियों के किस्से बयान करते हैं। महाराजा भुपिंदर सिंह…

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राजनीति यूपी में कांग्रेस सत्ता की दौड़ से बाहर

यूपी में कांग्रेस सत्ता की दौड़ से बाहर

संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में कांग्रेस द्वारा समाजवादी पार्टी के हाथों अपनी ‘सियासी तकदीर’ सौंपने के साथ ही यह तय हो गया है कि कांग्रेस…

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विविधा गणतंत्र दिवस, भारतीय लोकतंत्र की उपलब्धियों का उत्सव

गणतंत्र दिवस, भारतीय लोकतंत्र की उपलब्धियों का उत्सव

(68वें गणतंत्र दिवस पर विशेष आलेख) गणतंत्र दिवस हर वर्ष जनवरी महीने की 26 तारीख को पूरे देश में देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत…

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व्यंग्य साहब, आदमी अभी ओर कितना नीचे गिरेगा ?

साहब, आदमी अभी ओर कितना नीचे गिरेगा ?

डॉ. मयंक चतुर्वेदी रामभुलावन आज सुबह बहुत गुस्‍से में आया था । गणतंत्र दिवस था, मैंने दरवाजा खोला तो उम्‍मीद नहीं थी अंदर आए वगैर…

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विविधा लोकतंत्र के दुर्ग में अनैतिक मूल्यों के छिद्र

लोकतंत्र के दुर्ग में अनैतिक मूल्यों के छिद्र

ललित गर्ग इन दिनों सभी दलों द्वारा विभिन्न जातियों में समीकरण बैठाने की कोशिशें की जा रही हैं। पंजाब में तो धार्मिक स्थान राजनीतिक मंच…

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विविधा गणतंत्र का नया सूरज उगाना होगा

गणतंत्र का नया सूरज उगाना होगा

ललित गर्ग यही वही 26 जनवरी का गौरवशाली ऐतिहासिक दिन है जब भारत ने आजादी के लगभग 2 साल 11 महीने और 18 दिनों के…

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समाज पुरातन परंपरा पर विवेकपूर्ण बहस हो

पुरातन परंपरा पर विवेकपूर्ण बहस हो

तमिलनाडु में पोंगल के अवसर पर मनाया जल्लीकट्टू सांडों को काबू करने का प्राचीन खेल है। जो सर्वोच्च न्यायालय की ओर से लगाए गए प्रतिबंध…

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कविता संस्कार सुर में फुरक कर !

संस्कार सुर में फुरक कर !

संस्कार सुर में फुरक कर, ‘सो-हं’ की गंगा लुढ़क कर; ‘हं’ तिरोहित ‘सो’ में हुआ, ‘सो’ समाहित ‘हं’ में हुआ ! वह विराजित विभु में…

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राजनीति गणतंत्र के ६७ वर्ष : अनर्थ और विमर्श

गणतंत्र के ६७ वर्ष : अनर्थ और विमर्श

मनोज ज्वाला २६ जनवरी सन १९५० से जन-मन के बीच हमारे गणतंत्र की आरम्भ हुई यात्रा विविध राजनीतिक हालातों अवसरों चुनौतियों व प्रवृतियों से होती…

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समाज सामाजिक भेदभाव बढ़ा रहे हैं पर्सनल कानून

सामाजिक भेदभाव बढ़ा रहे हैं पर्सनल कानून

सुरेश हिंदुस्थानी भारत में सम्प्रदाय के बने लिए निजी कानूनों को लेकर हमेशा बहस होती रही है। इस बहस में हमारे देश के राजनीतिक दल…

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