राजनीति जेटली की जिंदगी का राजनीतिक मायाजाल

जेटली की जिंदगी का राजनीतिक मायाजाल

निरंजन परिहार- अरुण जेटली का अतीत दुनियादारी के अंदाज में काफी सफल रहा है। दिल्ली युनिवर्सिटी में जब वे पढ़ते थे, तब भले ही बस…

Read more
शख्सियत कई उपेक्षाओं को झेलकर मुकाम पा सकी विद्या बालन

कई उपेक्षाओं को झेलकर मुकाम पा सकी विद्या बालन

-अनिल अनूप विद्या बालन का जन्म 1 जनवरी 1978 को केरल में हुआ था। उनके पिता का नाम पी. आर बालन हैं जोकि डीजीकेबल के…

Read more
शख्सियत लेखक, निर्माता,अभिनेता के साथ कुशल समाजसेवक भी हैैं नाना पाटेकर

लेखक, निर्माता,अभिनेता के साथ कुशल समाजसेवक भी हैैं नाना पाटेकर

अनिल अनूप नाना पाटेकर भारतीय फिल्‍मों के अभिनेता हैंl वे लेखक और फिल्‍म निर्माता भी हैं lनाना हिन्‍दी फिल्‍मों के मशहूर अभिनेता माने जाते हैंl…

Read more
समाज केवल पैसे और क्षणिक सुख के लिए पूरी पीढ़ी की बर्बादी कहां तक उचित है….

केवल पैसे और क्षणिक सुख के लिए पूरी पीढ़ी की बर्बादी कहां तक उचित है….

-अनिल अनूप मसाज पार्लर की राह हमारे युवा वर्ग को कहां तक ले जाएगी इसके बारे में अनुमान लगाना कठिन है. कहीं ये रास्ता उस…

Read more
कविता ऐसा ही कुछ करना होगा

ऐसा ही कुछ करना होगा

लम्बे अर्से बीत चले हैं, इनसे कुछ सबक लेना होगा, उम्मीदों की सतत् कड़ी में, इस बार नया कुछ बुनना होगा, अपने समाज के अन्तिम…

Read more
समाज शहर की चिंता में क़ाज़ी जी का दुबला होना

शहर की चिंता में क़ाज़ी जी का दुबला होना

ऐसा प्रतीत होता है कि आलोचना की आड़ में प्रसिद्धि कमाने की जुगत में लगे रहने वाले यह लोग भी मौका देखकर अपनी ज़हरीली आवाज़…

Read more
धर्म-अध्यात्म स्वाध्याय और ईश्वरोपसना

स्वाध्याय और ईश्वरोपसना

मनमोहन कुमार आर्य स्वाध्याय का ईश्वरोपसना से क्या कोई सम्बन्ध है? इस प्रश्न पर विचार करना आवश्यक है क्योंकि मनुष्य के जीवन से इसका गहरा…

Read more
कला-संस्कृति हैप्पी न्यू ईयर या नववर्ष, तय कीजिए

हैप्पी न्यू ईयर या नववर्ष, तय कीजिए

लोकेन्द्र सिंह दृश्य एक। सुबह के पांच बजे का समय है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि यानी वर्ष प्रतिपदा का मौका है।…

Read more
मीडिया Default Post Thumbnail

किसी ‘ बटखरे ‘ के बोझ तले दब कर भ्रामक खबरें दिखाना मीडिया का काम नहीं है

तृणमूल नेत्री व बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी के बाद राजद ही एक मात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो केन्द्र सरकार के नोटबन्दी के…

Read more
राजनीति देश मजहब-प्रेम से ऊपर है

देश मजहब-प्रेम से ऊपर है

दीदी का मुस्लिम प्रेम ही था कि उन्होंने 30000 मदरसों को 2500 रुपये और 1500 मस्जिदों को 1500 रुपए प्रतिमाह देने का फैसला कर लिया…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ Default Post Thumbnail

ब्राह्मण ग्रन्थों के समय में सामाजिक एवं राजनैतिक अवस्था’

  -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। पंजाब केसरी लाला लाजपत राय जी का देश की आजादी के आन्दोलन में प्रमुख योगदान था। आप आर्यसमाज के संस्थापक…

Read more
विविधा विश्व में शौर्य और रणकौशल की मिसाल है 1971 का युद्ध

विश्व में शौर्य और रणकौशल की मिसाल है 1971 का युद्ध

16 दिसम्बर बांग्लादेश क्रांति पर विशेष डॉ.ब्रह्मदीप अलूने पूर्वी पाकिस्तान में भारतीय सेना की 1971 की कार्रवाई को ‘‘द लाईटनिंग कैंपेन’’ का नाम दिया गया…

Read more