विविधा प्रियंका योशीकावा: नस्लभेद मानवता का अभिशाप

प्रियंका योशीकावा: नस्लभेद मानवता का अभिशाप

ललित गर्ग – जिसमें हम जीते हैं, वह है सभ्यता और जो हममें जीती है वह है संस्कृति। संस्कृति ने अपने जीने का सबसे सुरक्षित…

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राजनीति वैचारिक खेमेबाजी और मोर्चे पर संघ परिवार

वैचारिक खेमेबाजी और मोर्चे पर संघ परिवार

उमेश चतुर्वेदी कामकाज और गुणदोष के आधार पर सरकारों की आलोचना से कोई भी लोकतांत्रिक समाज इनकार नहीं कर सकता । स्वस्थ आलोचना सरकारों की…

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कविता तुम से प्यार कितना है

तुम से प्यार कितना है

मनीषा गुप्ता क्या कहूँ की तुम से प्यार कितना है तेरी चाहत पर एतबार कितना है !! की साँसे भी अब तो कर देती है…

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राजनीति निरंतर ह्रास की ओर बढ़ रहा वामपंथ

निरंतर ह्रास की ओर बढ़ रहा वामपंथ

मजदूर हितों के नाम पर अपनी पूरी की पूरी राजनैतिक रोटियाँ सेंकनें वाले वामपंथी ट्रेड यूनियनों को एक बड़ी असफलता का सामना करना पड़ा है.…

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विविधा ताजमहल पर क्राउड मैनेजमेंट

ताजमहल पर क्राउड मैनेजमेंट

डा. राधेश्याम द्विवेदी पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण पड़ने वाले दबाव से विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल के अस्तित्व पर संकट पैदा हो गया…

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विविधा कॅथोलिक दिये तले है,अंधेरा!

कॅथोलिक दिये तले है,अंधेरा!

डॉ. मधुसूदन: सारांश: ***६४२७ चर्च के अधिकारी यौन शोषण में (लिप्त)आरोपित। ***प्रति १० में से ४ यु. एस. ए. के (४०%) कॅथोलिक चर्च छोड गए…

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राजनीति नया नहीं है राहुल का ‘खाट’ प्रेम

नया नहीं है राहुल का ‘खाट’ प्रेम

संजय सक्सेना कांगे्रस महासचिव राहुल गांधी का खाट (खटिया-चारपाई) से मोह काफी पुराना है। भले ही आज राहुल की खाट पंचायत की चैतरफा चर्चा हो…

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विविधा इतिहास का महासागर : हरदयाल म्युनिसिपल पब्लिक लाइब्रेरी

इतिहास का महासागर : हरदयाल म्युनिसिपल पब्लिक लाइब्रेरी

“इतिहास हमारी आंखें खोलता है, मानवीय गतिविधियां कई तरह से कई स्तरों पर चलती रहती है इतिहास उनके अनेक अर्थ खोलता है और उनमें रुझान…

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धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द के बलिदान व महाप्रयाण की कारुणिक कथा

ऋषि दयानन्द के बलिदान व महाप्रयाण की कारुणिक कथा

मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द जी का जीवन गुणों व कार्यो की दृष्टि से जितना सर्वांगपूर्ण और शिक्षाप्रद है उतनी ही उनकी मृत्यु भी आदर्श…

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विविधा रियो पैरालंपिक : उम्मीदों का नया ठिकाना

रियो पैरालंपिक : उम्मीदों का नया ठिकाना

वर्ष 1948 में व्हीलचेयर के साथ शुरू हुई पैरालंपिक प्रतियोगिता समय के घूमते पहिए (व्हील) के साथ आधुनिकता के नये पैमाने गढ़ता दिख रहा है।…

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व्यंग्य इतने लोग हड़ताल नहीं इन्कलाब करते है

इतने लोग हड़ताल नहीं इन्कलाब करते है

एम. एम.चन्द्रा   भाई! गाड़ी की सर्विस करानी है सर! अभी तो 9 भी नहीं बजे और पुलिस को देखकर आपको क्या लगता है?   क्या आज कोई…

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डा. कायनात काजी की फोटो प्रदर्शनी “सबरंग” कनाट प्लेस, कैफे दी आर्ट में……………………

फोटोग्राफर, ट्रेवेल राइटर और ब्लॉगर डा. कायनात काजी की फोटो प्रदर्शनी “सबरंग” कनाट प्लेस स्थित कैफे दी आर्ट में लगाई गई है। यह प्रदर्शनी 20…

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