विविधा हम कब ठुकराना सीखेंगे माल-ए-मुफ्त

हम कब ठुकराना सीखेंगे माल-ए-मुफ्त

लोकेन्द्र सिंह स्विट्जरलैंड ने नागरिकों ने ‘बिना काम किए घर बैठकर तनख्वाह प्राप्त करने के विचार’ को नकार कर दुनिया के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत…

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लेख जनक की पाती उर्मिला के नाम

जनक की पाती उर्मिला के नाम

कीर्ति दीक्षित मेरी प्राणजा, मैथिली, जनकदुलारी, वैदेही, जानकी प्रिय उर्मिले, ये पत्र तो सीता जीजी के लिए है, मेरे इन उद्बोधनों को पढ़कर यही विचारा…

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राजनीति पश्चिमी यूपी का सियासी मंजर

पश्चिमी यूपी का सियासी मंजर

वोट बैंक के खेल में सबके अपने-अपने दावे संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश का सियासी रंग गाढ़ा होने लगा है। नेताओं की जुबान आग उगल रही…

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राजनीति आरक्षण अप्रासांगिक: स्वेच्छा से छोड़ने की अपील

आरक्षण अप्रासांगिक: स्वेच्छा से छोड़ने की अपील

डा. राधेश्याम द्विवेदी आधुनिक भारत में कुछ लोग, अम्बेडकर के द्वारा शुरू किए गए आरक्षण को अप्रासांगिक और प्रतिभा विरोधी मानते हैं। पिछले वर्षों में…

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राजनीति भारत की राज्यसभा और लोकतंत्र

भारत की राज्यसभा और लोकतंत्र

राकेश कुमार आर्य भारत की संसद का निर्माण राज्यसभा, लोकसभा और राष्ट्रपति से मिलकर होता है। राज्यसभा को ऊपरी सदन और लोकसभा को निम्न सदन…

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राजनीति चारों देशों का चतुर्भुज जरूरी

चारों देशों का चतुर्भुज जरूरी

नरेंद्र मोदी बहुत भाग्यशाली हैं। अफगानिस्तान में जो स्थायी महत्व के कार्य भारत ने किए हैं, उनकी पूर्णाहुति कब हुई, जब मोदी प्रधानमंत्री बने। ये…

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राजनीति मथुरा कांड : सपा सरकार की कमी फिर उजागर

मथुरा कांड : सपा सरकार की कमी फिर उजागर

सुरेश हिंदुस्थानी मथुरा के जवाहर बाग में हुई घटना को लेकर यह बात तो सामने आ चुकी है कि उत्तरप्रदेश में सरकारी भूमि पर कब्जा…

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खान-पान राजस्थानी व्यंजन: जायका भी गुणवत्ता भी

राजस्थानी व्यंजन: जायका भी गुणवत्ता भी

ललित गर्ग – राजस्थान को सांस्कृतिक दृष्टि से भारत के समृद्ध प्रदेशों में गिना जाता है। यहां की संस्कृति जहां त्याग, बलिदान एवं शौर्य की…

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शख्सियत वीरों की धरती भी रही है बुंदेलखंड : वीर छत्रसाल

वीरों की धरती भी रही है बुंदेलखंड : वीर छत्रसाल

मृत्युंजय दीक्षित भारत की धरती वीरों की धरती है। जिसमें बुंदेलखंड का नाम सर्वोपरि है। भारत का कोई भी भूभाग ऐसा नहीं है जहां पर…

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कविता मेरे अस्तित्व का आलिंगन करती कुछ रेखाएँ !

मेरे अस्तित्व का आलिंगन करती कुछ रेखाएँ !

मेरे अस्तित्व का आलिंगन करती कुछ रेखाएँ; असीम से आती हैं; आकाश से आ मुझे झाँक जाती हैं, आँक कर कहीं चली जाती हैं !…

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व्यंग्य वाह मियां …. वाह सरदार जान मोहम्मद खिलजी

वाह मियां …. वाह सरदार जान मोहम्मद खिलजी

एल आर गांधी क्वेटा ,पकिस्तान के मियां जी ….. ४६ वर्षीय सरदार जान मोहम्मद खिलजी तीन बीवियों से ३५ बच्चे पैदा कर अपने उद्देश्य की…

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समाज अंधविश्वासों का घटाटोप

अंधविश्वासों का घटाटोप

शैलेन्‍द्र चौहान आदिम मनुष्य अनेक क्रियाओं और घटनाओं के कारणों को नहीं जान पाता था. वह अज्ञानवश समझता था कि इनके पीछे कोई अदृश्य शक्ति…

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