विविधा जब मौत ”मजहबी” होने लगे तो क्या होता है ?

जब मौत ”मजहबी” होने लगे तो क्या होता है ?

बदलते भारत का मतलब   कभी कोई आजादी की खातिर अचानक ही सक्रिय हो जाता है तो कोई हत्याओं को मजहबी चश्मे से देखने लगता…

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विविधा लेबर कोर्ट में मनोरंजन वस्तु बना लेबर

लेबर कोर्ट में मनोरंजन वस्तु बना लेबर

अरूण पाण्डेय क्या है गरीब, कैसे चलता है उसका जीवन , कैसे पालता है अपने बच्चों को ,जिन्हें सरकारी में बैठे अधिकारी कैसे निगल जाते…

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आलोचना रिश्ता: ‘आधुनिक अध्यात्म’ और व्यवसाय का ?

रिश्ता: ‘आधुनिक अध्यात्म’ और व्यवसाय का ?

निर्मल रानी भारतवर्ष को अध्यात्म के क्षेत्र में विश्व का सबसे बड़ा देश माना जाता है। हमारे देश में अनेक ऐसे तपस्वी व त्यागी,महान अध्यात्मवादी,पीर-फ़क़ीर,…

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उत्‍पाद समीक्षा देशी गाय बनाम विदेशी गाय

देशी गाय बनाम विदेशी गाय

न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने १९९३ ई. में डायबिटीज (टाइप-१), ऑटो इम्यून रोग, कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी कई बीमारियों की जड़ यूरोपियन गायों का दूध होने…

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विश्ववार्ता आतंक की दवा इस्लाम ही करे

आतंक की दवा इस्लाम ही करे

डॉ. वेदप्रताप वैदिक बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में हुए आतंकी हमले से सारी दुनिया में कंपकंपी दौड़ गई है। लोग यह समझ नहीं पा रहे…

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महत्वपूर्ण लेख देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर ? भाग 1

देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर ? भाग 1

कांग्रेस ने स्वात्रय वीर सावरकर ‘गद्दार’ कहकर राष्ट्रीय भावनाओं के साथ एक बार पुन: ‘गद्दारी’ की है। वीर सावरकर एक ऐसे व्यक्तित्व का नाम है…

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व्यंग्य घोड़े की टांग पे, जो मारा हथौड़ा : व्यंग्य

घोड़े की टांग पे, जो मारा हथौड़ा : व्यंग्य

आरिफा एविस बचपन में गाय पर निबन्ध लिखा था. दो बिल्ली के झगड़े में बन्दर का न्याय देखा था. गुलजार का लिखा गीत ‘काठी का…

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समाज गाली मत देना  

गाली मत देना  

संजय चाणक्य ‘‘राजनीति घर-घर घुसी,कर डाला विखराव। टुकड़ों में आगंन बटा, किए दिलों में घांव।।’’ आप सबसे माफी का तलबगार हू।  सोचता हू अपने कटु…

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समाज डा. नारंग :  इतने गुस्से में क्यों हैं लोग?

डा. नारंग : इतने गुस्से में क्यों हैं लोग?

संजय द्विवेदी यह कितना निर्मम समय है कि लोग इतने गुस्से से भरे हुए हैं। दिल्ली में डा. पंकज नारंग की जिस तरह पीट-पीट कर…

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साक्षात्‍कार जाओ, मगर सानंद नहीं, जी डी बनकर – अविमुक्तेश्वरानंद

जाओ, मगर सानंद नहीं, जी डी बनकर – अविमुक्तेश्वरानंद

प्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के…

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शख्सियत शहीदों की शहादत को शर्मशार किया

शहीदों की शहादत को शर्मशार किया

अजीत कुमार सिंह भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन का ऐसा नाम जिससे पूरा देश परिचित है। जी हाँ! आज हमारे देश के ऐसी महान विभूति का शहादत…

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पर्यावरण चिपको आंदोलन के 46 साल

चिपको आंदोलन के 46 साल

26 मार्च 1974 की सर्द सुबह…सूरज पहाड़ पर चढ़ रहा था…चमोली जिले के रैणी गांव में भले ही सूरज की तपिश कम थी लेकिन यहा…

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