व्यंग्य तीसरे दर्जे के शुभचिंतक

तीसरे दर्जे के शुभचिंतक

मेरी किसी भी बात से आप भले ही सहमत हों या न, पर मेरी इस बात से तो आप भी हंडरड परसेंट सहमत होंगे कि…

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राजनीति उत्तराखंड में बगावत की सुनामी

उत्तराखंड में बगावत की सुनामी

अरविंद जयतिलक पांच राज्यों के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस शासित राज्य उत्तराखंड में हरीश रावत की सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।…

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विविधा अपने रक्त से लिख दी थी जिन्होंने परिभाषा देशभक्ति की

अपने रक्त से लिख दी थी जिन्होंने परिभाषा देशभक्ति की

नरेश भारतीय आज गर्व और श्रद्धा के साथ भारत माता के उन तीन वीरों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के स्मरण का दिन है, जिन्होंने…

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विविधा होली ने भरा विधवाओं के जीवन में रंग

होली ने भरा विधवाओं के जीवन में रंग

वृंदावन का गोपीनाथ मंदिर इक्कीस मार्च को नई परंपरा का गवाह बना…सदियों से जिंदगी के रंगों से दूर रही विधवाओं की जिंदगी तब रंगीन हो…

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लेख दुनिया मेरे आगे लोहिया के कॉलेज में

दुनिया मेरे आगे लोहिया के कॉलेज में

उमेश चतुर्वेदी बचपन में मानस में कुछ कोलॉज चस्पा हो जाते हैं..वे कोलॉज ताउम्र आपका पीछा नहीं छोड़ते..कोलकाता को लेकर बचपन से ही मेरे मन…

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राजनीति हम और हमारा राष्ट्रवाद

हम और हमारा राष्ट्रवाद

फकीरी यहां आदर पाती है और सत्ताएं लांछन पाती हैं -संजय द्विवेदी देश में इन दिनों राष्ट्रवाद चर्चा और बहस के केंद्र में है। ऐसे…

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विश्ववार्ता सत्ता-परिवर्तन मधेशी समस्या का निदान नहीं

सत्ता-परिवर्तन मधेशी समस्या का निदान नहीं

श्वेता दीप्ति काँग्रेस अधिवेशन की समाप्ति के साथ ही नेपाल की राजनीति को लेकर इन बदलती परिस्थितियों में कई कयास लगने शुरु हो गए हैं…

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राजनीति सूफी सम्मेलन से सवाल

सूफी सम्मेलन से सवाल

शंकर शरण दिल्ली में विश्व सूफी सम्मेलन और उस के द्वारा आतंकवाद की निन्दा की खबर आश्वस्तकारी होनी चाहिए थी। किन्तु अंग्रेजी कहावत है, तफसील…

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विविधा यम-यमी का वैदिक स्वरूप

यम-यमी का वैदिक स्वरूप

शिवदेव आर्य   प्रत्येक मनुष्य समाज को एक नई दिशा व दशा देने की पूर्णरूपेण योग्यता रखता है।अब दिशा व दशा कैसे हो, यह दिशा…

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विविधा वर्तमान शिक्षा नीति में बदलाव आवश्यक

वर्तमान शिक्षा नीति में बदलाव आवश्यक

सुरेश हिंदुस्थानी वर्तमान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का जो चित्र और चरित्र दिखाई दे रहा है, उसमें निश्चित रूप से देश में प्रदान की जा…

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समाज समाज को तोड़ती जातियां

समाज को तोड़ती जातियां

निर्भय कर्ण जाति एक ऐसा मुद्दा जिससे कोई भी देश अब तक अछूता न रह सका है। कहीं यह धर्म के रूप में तो कहीं…

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वर्त-त्यौहार भारतीय संस्कृति के उदार सामाजिक बुनावट की पहचान है होली

भारतीय संस्कृति के उदार सामाजिक बुनावट की पहचान है होली

एम. अफसर खां सागर सदियों पूराना होली का त्यौहार तन और मन पर पड़े तमाम तरह के बैर, द्वेष और अहंकार को सतरंगी रंगों में…

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