आओ लें संकल्प
Updated: May 7, 2016
प्रवीण दुबे ते जी से घूमता समय चक्र और पल-प्रतिपल आगे बढ़ती हमारी-आपकी जिन्दगी। किसी शायर ने इसी समय के बारे में कुछ यूं लिखा…
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शस्त्र शास्त्र के पारंगत और कर्मवीर भगवान परशुराम
Updated: May 7, 2016
परशुराम जी ने कभी क्षत्रियों को संहार नहीं किया. उन्होंने हैहयवंशीय क्षत्रिय वंश में उग आई उस खर पतवार को साफ किया जिससे क्षत्रिय वंश…
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इक जग – दुनिया बहुतेरे…!!
Updated: May 7, 2016
तारकेश कुमार ओझा छात्र जीवन में दूसरी , तीसरी और चौथी दुनिया की बातें सुन मुझे बड़ा आश्चर्य होता था। क्योंकि अपनी समझ से तो…
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हलके से जब मुसका दिए !
Updated: May 7, 2016
हलके से जब मुसका दिए, उनको प्रफुल्लित कर दिए; उनकी अखिलता लख लिए, अपनी पुलक उनको दिए ! थे प्रकट में कुछ ना कहे, ना…
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शहर-शहर ”वेश्या” बस कोठे नहीं हैं !
Updated: May 7, 2016
”अपने बिकने का दुख है हमें भी लेकिन, मुस्कुराते हुए मिलते हैं खरीदार से हम।” चर्चित साहित्यकार मुनव्वर राना ने जब ये पंक्तियां कहीं तो…
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पाकिस्तान छोड़े अमेरिकी गुलामी
Updated: May 7, 2016
डा. वेद प्रताप वैदिक पाकिस्तान के गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान यों तो काफी विनम्र आदमी हैं लेकिन वे दो-टूक बातें करने के लिए भी…
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उदारीकरण के दौर में मजदूर
Updated: May 7, 2016
जावेद अनीस 1991 से शुरू हुए आर्थिक सुधारों के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं , इन 25 सालों के दौरान देश की जीडीपी तो…
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विश्व रेडक्रॉस दिवस
Updated: May 7, 2016
डा. राधेश्याम द्विवेदी रेड क्रॉस क्या है:- रेड क्रॉस के किसी भी देश में एक आपातकालीन प्रतिक्रिया संगठन है। यह युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के…
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साहित्य और समाज
Updated: May 7, 2016
डॊ. सौरभ मालवीय साहित्य समाज का दर्पण है, समाज का प्रतिबिम्ब है, समाज का मार्गदर्शक है तथा समाज का लेखा-जोखा है. किसी भी राष्ट्र या…
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“बिखरने से बचाया जाए” : अलका सिंह
Updated: May 7, 2016
साहित्य समाज का दर्पण है, समाज का प्रतिबिम्ब है, समाज का लेखा-जोखा है. किसी भी राष्ट्र या सभ्यता की जानकारी उसके साहित्य से प्राप्त होती…
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सृष्टि उत्पत्ति विषयक वैदिक सिद्धान्त और महर्षि दयानन्द
Updated: May 6, 2016
मनमोहन कुमार आर्य सृष्टि की उत्पत्ति के विषय में महाभारत काल के बाद उत्पन्न मत-मतान्तरों के साहित्य में अनेक प्रकार की अवैज्ञानिक व अविश्वनीय विचार…
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व्यवसाय व राजनीति के घनचक्कर में पानी तथा सूखा
Updated: May 6, 2016
जल ही जीवन है .जीवन के लिए जरुरी यह अमृत पाताल के पैंदे में जा पहुंचा है .गर्मी के दस्तक ने ही पानी रूपी संकट…
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