राजनीति विगत एक साल के कार्यकाल को ‘मोदी उवाच’ वर्ष नाम दिया जाना चाहिए

विगत एक साल के कार्यकाल को ‘मोदी उवाच’ वर्ष नाम दिया जाना चाहिए

-श्रीराम तिवारी- यदि आप सुबह की शुरुआत बीते हुए कल के किसी झगड़े या कलह से करेंगे तो आप का आज का दिन बिना उमंग -उत्साह के…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर से आदि चार ऋषियों को वेद ज्ञान विषयक हमारी भ्रान्ति

ईश्वर से आदि चार ऋषियों को वेद ज्ञान विषयक हमारी भ्रान्ति

-मनमोहन कुमार आर्य- कुछ दिन पूर्व हम वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून में सत्संग में बैठे हुए आर्य विद्वान श्री उमेश चन्द्र कुलश्रेष्ठ जी का…

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विविधा साध्वी को लेकर हिटलरशाही रवैया

साध्वी को लेकर हिटलरशाही रवैया

-विनोद कुमार सर्वोदय- सुदर्शन चैनल ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर हो रहे सरकारी अत्याचारों का जो दर्दनाक रहस्य उजागर किया है उसने  देश क्या संपूर्ण…

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व्यंग्य यमराज एडमिट हैं

यमराज एडमिट हैं

-अशोक गौतम- मुहल्ले  को ताजी सब्जी उधार- सुधार दे खुद पत्तों से रोटी खाने वाला रामदीन कमेटी के जमादार  को  रोज- रोज नाली के ऊपर…

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महत्वपूर्ण लेख च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से उठते ज्वलंत प्रश्न

च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से उठते ज्वलंत प्रश्न

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी- शिक्षा का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि वह विद्यार्थी को इस योग्य बनाए कि छात्र और छात्राएं अध्ययन समाप्ति के बाद…

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महत्वपूर्ण लेख संसद के संयुक्त अधिवेशन की ओर भूमि विधेयक

संसद के संयुक्त अधिवेशन की ओर भूमि विधेयक

-प्रमोद भार्गव- -संदर्भः भूमि अधिग्रहण विधेयक- भूमि अधिग्रहण विधेयक पर संसद में गतिरोध टूटने के आसार न बीते संसद के सत्र में थे और न…

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धर्म-अध्यात्म गौतम-अहिल्या-इन्द्र आख्यान का यथार्थ स्वरूप

गौतम-अहिल्या-इन्द्र आख्यान का यथार्थ स्वरूप

-मनमोहन कुमार आर्य-   रामायण में गौतम-अहिल्या का एक प्रसंग आता है जिसमें कहा गया है कि राजा इन्द्र ने गौतम की पत्नी अहिल्या से…

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धर्म-अध्यात्म ब्रह्माण्ड में यदि एक सर्वव्यापक व सर्वशक्तिमान ईश्वर न होता ?

ब्रह्माण्ड में यदि एक सर्वव्यापक व सर्वशक्तिमान ईश्वर न होता ?

–मनमोहन कुमार आर्य-  क्या संसार में ईश्वर जैसी कोई सर्वव्यापक व सर्वशक्तिमान चेतन सत्ता है? यदि है तो वह प्रत्यक्ष दिखाई क्यों नहीं देती? यदि…

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टॉप स्टोरी न्याय की कठिन राह

न्याय की कठिन राह

-राजेन्द्र बंधु- -विशेष आलेख: 42 वर्षोंं तक कोमा मेंं रहने वाली दुष्कर्म पीड़िता की मृत्यु के बाद उठे सवालों पर केन्द्रित आलेख– नृशंस यौन हमले…

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जरूर पढ़ें बालश्रम कानून में बदलाव के साईडइफेक्ट

बालश्रम कानून में बदलाव के साईडइफेक्ट

-जावेद अनीस- भारत ने अभी तक संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते की धारा 32 पर सहमति नहीं दी है जिसमें बाल मजदूरी को जड़ से…

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टॉप स्टोरी भारत के प्रति स्विस बैंक की उदारता

भारत के प्रति स्विस बैंक की उदारता

-डॉ मयंक चतुर्वेदी- कल तक जो अपने आप में किसी प्रकार के परिवर्तन को तैयार नहीं था, चलो देर से ही सही उसने इस वैश्विक…

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विविधा मरना कठिन है, पर जीवित रहना उससे अधिक कठिन होता है

मरना कठिन है, पर जीवित रहना उससे अधिक कठिन होता है

-प्रो. गंगानन्द झा-    मूल्य-बोध धारण किए रहने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती रहती है, इसलिए उनका जीना और भी अधिक कठिन हो जाया…

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