जन-जागरण मल-मूत्र से बना पेयजल

मल-मूत्र से बना पेयजल

मल-मूत्र से बना पेयजल प्रमोद भार्गव औद्योगिक विकास और बढ़ते शहरीकरण ने आखिरकार अमेरिका समेत पूरी दुनिया में ऐसे हालात पैदा कर दिए है कि…

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राजनीति केजरी की रफ़्तार पर ‘ किरण ’ का स्पीड ब्रेकर

केजरी की रफ़्तार पर ‘ किरण ’ का स्पीड ब्रेकर

    हर्षवर्धन पाण्डे   “ दिल्ली में आम आदमी पार्टी का बढ़ता जनाधार  भाजपा के लिए आगामी चुनावो के मद्देनजर जहाँ  मुश्किलें खड़ी कर रहा…

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मीडिया सूचना माध्यमों की राजनीति

सूचना माध्यमों की राजनीति

शैलेन्द्र चौहान इस बार 26 जनवरी पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में ओबामा मुख्य अतिथि होंगे। वैसे भी २६ जनवरी का दिन निकट होने से खतरा अधिक…

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पर्यावरण भारत में बढ़ती बाघ आबादी के मायने

भारत में बढ़ती बाघ आबादी के मायने

डॉ. मयंक चतुर्वेदी दुनिया में विलुप्त प्राय: स्थिति में पहुंचने के बाद पुन: अपने अस्तित्व को बनाने की दिशा में आगे आए बाघों ने जिस…

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कविता संदेशा भेज रहा हूँ मैं,

संदेशा भेज रहा हूँ मैं,

संदेशा भेज रहा हूँ मैं,   संदेशा भेज रहा हूँ मैं, अंतर्मन खोल रहा हूँ मैं, जो बात लबो से कह ना सका, कविता से…

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कविता कभी अण्डा भी उडता है?

कभी अण्डा भी उडता है?

डॉ. मधुसूदन किसी खूँटे से बंध कर, मुक्त हुआ नहीं जाता। संदूक में बंद हो कर , बाहर  देखा नहीं जाता। ॥१॥ अण्डा फोडकर निकलता…

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साहित्‍य कराजल ने ली एक लाख शत्रुओं की बलि और जैसलमेर हुआ स्वतंत्र

कराजल ने ली एक लाख शत्रुओं की बलि और जैसलमेर हुआ स्वतंत्र

इस्लामी लेखकों की विश्वसनीयता? सल्तनत काल में मुस्लिम लेखकों को हर क्षण अपने प्राणों की चिंता रहती थी। सच कहने या लिखने पर उनकी आत्मा…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर-जीवात्मा विषयक यथार्थ ज्ञान के प्रदाता महर्षि दयानन्द

ईश्वर-जीवात्मा विषयक यथार्थ ज्ञान के प्रदाता महर्षि दयानन्द

मनमोहन कुमार आर्य   महर्षि दयानन्द सरस्वती को किशारोवस्था में मृत्यु से बचने के लिए उपाय करने के साथ ईश्वर व जीवात्मा के यर्थाथ स्वरूप…

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राजनीति Default Post Thumbnail

जय मूर्छित लोकतन्त्र की!!

लालू यादव के परिजनों ने  सुप्रीम कोर्ट में 1 मार्च 2007 को रिव्यु याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केन्द्रीय  अन्वेषण ब्यूरो को राज्य सरकार…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग संतुलन ही स्वास्थ्य है

संतुलन ही स्वास्थ्य है

संतुलित जीवन में सौम्यता, सद्भावना, सदाचार एवं सद्वृत्ति जैसे सद्गुणों का प्रादुर्भाव होता है। वहीं असंतुलन की स्थिति में दुर्भावना, दुराचार एवं दुष्प्रवृत्ति जैसे दुर्गुण…

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विविधा कि दिल बनके दिल में धडकते रहेगें

कि दिल बनके दिल में धडकते रहेगें

 डा. अरविन्द कुमार सिंह मेरी पैदाईश आजाद भारत में हुयी है। देश कैसे आजाद हुआ, इस सन्दर्भ में  जो कुछ भी जानकारी मेरे पास संग्रहित…

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जन-जागरण जापानी प्रगति का कारण?

जापानी प्रगति का कारण?

जापानी में शिक्षा: डॉ. मधुसूदन ==>जापान का, स्वभाषा में विकास चक्र का प्रचलन। ==>जापान में शोध साहित्य का अनुवाद लगातार प्रकाशित। ==>”गरीब से गरीब वर्ग…

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