हज और भारतीय हाजी!
Updated: September 23, 2014
5 अक्टूबर को भारत में बकरीद अर्थात् इर्द उल अजहा है। संभवतः भारत या उपमहादीप में बकरीद मनाने से एक दो दिन पूर्व सउदी अरब…
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सीजर अधिक क्यों ?
Updated: September 23, 2014
डा. कौशल किशोर श्रीवास्तव एक आम आदमी की धारण है कि सामान्य प्रसव से सीजर बहुत अधिक होते है। उनके अनुसार महिला चिकित्सक रूपयों…
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गांधी फिर कब आओगे ?
Updated: September 23, 2014
डा. कौशल किशोर श्रीवास्तव (गांधी जयंती २ अक्टूबर २०१४) मोहनदास कमरचंद जी की, देश प्रेम की आंधी थी। पीछे देश खड़ा मर मिटने, एसी हस्ती…
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रे देवों के अंश जाग जा………
Updated: September 23, 2014
रे देवों के अंश जाग जा……… कौटिक देखे कर्मरत, पर तुझसा दिखा न कोई। इतने सर संधान किये,फिर क्यों तेरी भाग्य चेतना सोई।। आज…
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हारी नहीं हूँ
Updated: September 23, 2014
1. हारी नहीं हूँ थकी हूँ हारी नहीं हूँ, थोड़ा सा विश्राम करलूं। ज़रा सी सी दुखी हूँ फिर भी, थोड़ा सा श्रंगार करलूं। श्रंगार…
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आस्था का सम्मान-सेतु समुद्रम परियोजना
Updated: September 23, 2014
अरविंद जयतिलक यह स्वागतयोग्य है कि केंद्र की मोदी सरकार ने को पूरा करने की प्रतिबद्धता दिखाते हुए रामसेतु की रक्षा का संकल्प लिया है।…
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भारतीय मंगल अभियान की मंजिल तय
Updated: September 23, 2014
प्रमोद भार्गव आखिरकार 66.60 करोड़ किलोमीटर की लंबी यात्रा के बीच आने वाली सभी बाधाओं को दरकिनार कर भारतीय मंगलयान का मंगल की धरती पर…
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भारत को आस्तीन में सांप पालने का शौक
Updated: September 23, 2014
डा. कौशल किशोर श्रीवास्तव भारत की आस्तीनें बहुत लम्बी और बहुत चौड़ी है। वह जहां भी सांप रेंगते देखता है, शीघ्रता से उठा कर आस्तीन…
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तमिलनाडु में हिंदी प्रवेश कैसे करें ?
Updated: September 23, 2014
(भाग एक) डॉ. मधुसूदन सारांश: **तमिलनाडु में हिन्दी प्रवेश हो जाए, तो शेष भारत में विशेष समस्या नहीं होगी।** **हमें हिन्दी चाहिए”, ऐसी नई माँग,…
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पितर एक वैज्ञानिक संकल्पना
Updated: September 23, 2014
ईश्वर का जन्म विविध कलाओं के साथ होता है परन्तु पुरुष की उत्पत्ति पञ्चकलाओं के साथ होती है १)आनन्द-२) विज्ञान-३) मन-४) प्राण-५) वाक् | शरीर…
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और तब पप्पू यादव के लिए कोई ‘ठौर’ नहीं बचेगा
Updated: September 23, 2014
१९९० के दशक में लालू राज के शुरुआती दिनों (जिसे कालान्तर में जंगल- राज के विशेषण से नवाजा गया ) में बिहार में जब सत्ता…
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‘स्वर्ग ‘ छोड़ने की मजबूरी…!!
Updated: September 23, 2014
तारकेश कुमार ओझा दुनिया का हर धर्म मरने के बाद स्वर्ग के अस्तित्व को मान्यता देता है। यानी स्वर्ग एक एेसी दुनिया है जिसके बाद…
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