कविता वर्षों बाद एक नेता को देखा है

वर्षों बाद एक नेता को देखा है

वर्षों बाद एक नेता को माँ गंगा की आरती करते देखा है, वरना अब तक एक परिवार की समाधियों पर फूल चढ़ाते देखा है। वर्षों…

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कला-संस्कृति श्राद्ध क्या है, पितृपक्ष क्यों ???

श्राद्ध क्या है, पितृपक्ष क्यों ???

“श्रद्धया इदं श्राद्धम्‌” भावार्थ है प्रेत और पित्त्तर के निमित्त, उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक जो अर्पित किया जाए वह श्राद्ध है। “भरत…

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विश्ववार्ता सच है कि…कभी हिंदू राष्‍ट्र था चीन

सच है कि…कभी हिंदू राष्‍ट्र था चीन

अलकनंदा सिंह वैसे तो संपूर्ण जम्बूद्वीप पर हिन्दू साम्राज्य स्थापित था। जम्बूद्वीप के 9 देश थे उसमें से 3 थे- हरिवर्ष, भद्राश्व और किंपुरुष। उक्त…

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टॉप स्टोरी चीन के राष्ट्रपति का भारत में आगमन

चीन के राष्ट्रपति का भारत में आगमन

 डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पहली ख़बर – सत्रह सितम्बर को चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग भारत में आ गये । दूसरी ख़बर- उससे एक दो दिन…

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कविता केवल अमलतास

केवल अमलतास

ऊँघते/ अनमने उदास झाड़ियों के बीच इठलाता अमलतास चिड़ाता जंगल को जंगल के पेड़ों को, जिनके झर गए पत्ते सारे लेकिन पीले पुष्प गुच्छों से…

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कविता गुनगुनाती हवा

गुनगुनाती हवा

ये गुनगुनाती हवा चुपके से जाने क्या कहकर चली जाती है। वक़्त हो चाहे कोई भी हर समय किसी का संदेशा दे जाती है। सुबह…

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राजनीति भारत – चीन शिखर वार्ता

भारत – चीन शिखर वार्ता

 कूटनीतिक दृष्टि से एक सार्थक व सकारात्मक पहल भारत – चीन सीमा विवाद पर आज पहली बार दोनों देशों के प्रमुखों ने सार्वजनिक तौर पर…

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जन-जागरण औरों को नसीहत खुद मियां फज़ीहत?

औरों को नसीहत खुद मियां फज़ीहत?

निर्मल रानी मानव जाति जहां अपने तमाम कारनामों व उपलब्धियों के लिए पहचानी जाती है वहीं मानव से तरह-तरह की नकारात्मक बातें भी ही जुड़ी…

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कविता तीन कवितायें: पानी, खनन और नदी जोङ

तीन कवितायें: पानी, खनन और नदी जोङ

अरुण तिवारी पानी हाय! समय ये कैसा आया, मोल बिका कुदरत का पानी। विज्ञान चन्द्रमा पर जा पहुंचा, धरा पे प्यासे पशु-नर-नारी। समय बेढंगा, अब…

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कला-संस्कृति ‘ईश्वर व ऋषियों के प्रतिनिधि व योग्यतम् उत्तराधिकारी महर्षि दयानन्द सरस्वती’

‘ईश्वर व ऋषियों के प्रतिनिधि व योग्यतम् उत्तराधिकारी महर्षि दयानन्द सरस्वती’

ओ३म् क्या कोई ईश्वर तथा सृष्टि की आदि व महाभारत काल से सन् 1883 तक हुए ऋषियों का कोई प्रतिनिधि व योग्यतम् उत्तराधिकारी हुआ है?…

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विविधा दाऊद पर दांव ……!!

दाऊद पर दांव ……!!

तारकेश कुमार ओझा …दाऊद के दिन पूरे … अब नहीं बच पाएगा डान और उसकी डी. कंपनी , खुफिया एजेंसियों की है पैनी नजर… ,…

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समाज समानता और समरसता

समानता और समरसता

भारत की गुलामी के कालखंड में भारतीय शास्त्रों पर टीकाकारों ने कई टीकाएँ लिखी गई. उन्हीं कुछ टीकाओं में से शब्दों के वास्तविक अर्थ अपना…

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