धर्म-अध्यात्म सभी धर्म किसी बड़े वृक्ष के फल व फूल है?

सभी धर्म किसी बड़े वृक्ष के फल व फूल है?

  हम संसार में अनेक धर्मों को देखते हैं। वस्तुतः यह सब धर्म न होकर मत, मतान्तर, पन्थ, सम्प्रदाय, रिलीजियन या मजहब हैं। यह सब…

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विधि-कानून Default Post Thumbnail

हमारा संविधान और ब्रिटिश सत्ताधीश

कांग्रेस में गांधीजी का आविर्भाव 1914 ई. से हुआ। 1922 ई. में गांधीजी ने पहली बार कहा कि भारत का राजनैतिक भाग्य भारतीय स्वयं बनाएंगे।…

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धर्म-अध्यात्म हिन्दुत्व की रक्षा, भाग १ – एक सन्देश

हिन्दुत्व की रक्षा, भाग १ – एक सन्देश

ॐ श्रीगणेशाय नमः । विशेष : यह त्रिभागीय शृङ्खला का प्रथम भाग है ।   ११ सितम्बर एक विशेष ऐतिहासिक दिन है । इस दिन…

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शख्सियत रजनी कोठारी:- भारतीय राजनीति के सिद्धांतकार

रजनी कोठारी:- भारतीय राजनीति के सिद्धांतकार

जावेद अनीस “भारतीय समाज में जाति के विरोध की राजनीति तो हो सकती है, लेकिन जाति के बग़ैर नहीं। और राजनीति में जाति के निशान…

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जन-जागरण ओबामा के भारत दौरे का सार और संकेत

ओबामा के भारत दौरे का सार और संकेत

अब्दुल रशीद भारत दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारत से न केवल कई महत्वपूर्ण समझौते किए बल्कि यह भी सन्देश दिया के…

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शख्सियत महान क्रंतिकारीः लाला लाजपत राय

महान क्रंतिकारीः लाला लाजपत राय

मृत्युंजय दीक्षित पंजाब के महान स्वतंत्रा संग्राम सेनानी लाला लाजपत राय एक सच्चे देशभक्त, उच्चकोटि के वक्ता तथा लेखक भी थे। उन्होनें अपना संपूर्ण जीवन…

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आलोचना सेंसर,बाबा और सियासत

सेंसर,बाबा और सियासत

जावेद अनीस धर्म, राजनीति और पैसे की तिकड़ी के खेल बड़ी तेजी से फलफूल रहा है, वैसे तो एक निराश, शोषित,परेशान और बिखरे समाज में…

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टॉप स्टोरी इस्लामिक रूढिवादिता का दंश

इस्लामिक रूढिवादिता का दंश

एक बार फिर समूची दुनिया आतंकवाद के कायराने कुकृत्य का गवाह बनी। धार्मिक उन्माद के खिलाफ बेबाकी से लिखने वाली पत्रिका शार्ली अब्दो के दफ्तर…

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आलोचना पहले अन्ना.. फिर केजरीवाल और अब किरण…!!

पहले अन्ना.. फिर केजरीवाल और अब किरण…!!

कहते हैं झूठी उम्मीदें जितनी जल्दी टूट जाए, अच्छी। लेकिन बात वही कि उम्मीद पर ही दुनिया भी टिकती है। पता नहीं यह हमारी आदत…

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जन-जागरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

आप मोदी के समर्थक हों या विरोधी यह आप पर निर्भर है। भले काम करने के तरीके पर सवाल उठाईये लेकिन एक प्रधानमंत्री के तौर…

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शख्सियत एक गांधी का ‘महात्मा’ हो जाना

एक गांधी का ‘महात्मा’ हो जाना

30 जनवरी के लिये विशेष मनोज कुमा संसार में एक ही व्यक्ति हुआ है जिसे नाम से नहीं काम से पहचाना गया. समाज के द्वारा…

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राजनीति क्या यही था अन्ना के आंदोलन की सफलता का सच?

क्या यही था अन्ना के आंदोलन की सफलता का सच?

तनवीर जाफ़री नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 5अप्रैल से 9अप्रैल 2011 के मध्य सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे द्वारा जनलोकपाल क़ानून लाए जाने के समर्थन में…

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