कविता व्यथा

व्यथा

  कल-कल करती बहती नदियाँ हर पल मुझसे कहती हैं , तीर का पाने की चाहत मैं दिन रात सदा वह बहती हैं, कोई उन्हें…

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कहानी अधर्मी

अधर्मी

भाई, चल जरा, उस किले की मुंडेर पर बैठते हैं……… काल चक्र के पहिये पर वापस कुछ सौ साल पहले घूमते हैं !!!!!!   भाई…

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कला-संस्कृति ‘विकासवाद बनाम् वैदिक धर्म (वेदों का त्रैतवाद)’

‘विकासवाद बनाम् वैदिक धर्म (वेदों का त्रैतवाद)’

ओ३म् –सत्यासत्य का विचार व चिन्तन – मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। विकासवाद का सिद्धान्त संसार में ऐसे समय पर आया जब विज्ञान विकासशील अवस्था में…

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कला-संस्कृति ‘वेद और धर्म’

‘वेद और धर्म’

ओ३म् मनमोहन कुमार आर्य संसार की अधिकांश जनसंख्या धर्म पारायण या धर्म को मानने वाली है। धर्म क्या है? धर्म सत्य व असत्य के ज्ञान,…

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कला-संस्कृति ‘वेदालोचन के बिना संस्कृत शिक्षा व मनुष्य जीवन व्यर्थ है

‘वेदालोचन के बिना संस्कृत शिक्षा व मनुष्य जीवन व्यर्थ है

ओ३म् मनमोहन कुमार आर्य कहा जाता है कि ज्ञान की पराकाष्ठा वैराग्य है। इसका अर्थ यह लगता है कि जिस व्यक्ति को जितना अधिक ज्ञान…

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चुनाव क्षेत्रीय दलों के लिए अहम होंगे यह चुनाव

क्षेत्रीय दलों के लिए अहम होंगे यह चुनाव

इस माह की २० सितम्बर को अधिसूचना जारी होते ही महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनावी बिगुल बज जाएगा| १५ अक्टूबर को हरियाणा की ९० और…

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समाज लव जेहादः थोड़ी सी हक़ीक़त, ज़्यादा है फ़साना!

लव जेहादः थोड़ी सी हक़ीक़त, ज़्यादा है फ़साना!

इक़बाल हिंदुस्तानी मुसलमानों के खिलाफ़ हिंदू ध्रुवीकरण के लिये सियासी हथियार?      ‘‘लव जेहाद** वो शब्द है जो पहले भी कभी कभी सुनने में आता…

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दोहे हिंदी सबको जोड़ती

हिंदी सबको जोड़ती

  आज़ादी बेशक़ मिली, मन से रहे गुलाम। राष्ट्रभाषा पिछड़ गयी, मिला न उचित मुक़ाम।।   सरकारें चलती रहीं, मैकाले की चाल। हिंदी अपने देश…

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व्यंग्य व्यंग्य बाण : आधार कार्ड वाले हनुमान जी

व्यंग्य बाण : आधार कार्ड वाले हनुमान जी

लीजिए साहब, सचमुच देश में अच्छे दिन आ गये। अच्छे दिन क्या, रामराज्य कहिए। लोग अपने अगले दिनों की चिन्ता में घुलते रहते हैं; पर…

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हिंदी दिवस षड्यंत्रों का शिकार  है हिंदी

षड्यंत्रों का शिकार है हिंदी

  राष्ट्रभाषा होने के बावजूद हिंदी षड्यंत्रों का शिकार रही है। स्वाधीनता के बाद से हमारे देश में, हिंदी के खिलाफ षड्यंत्र रचे जाते रहे…

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धर्म-अध्यात्म जब औघड़-श्राप से मुक्त हुआ था काशी- राजघराना

जब औघड़-श्राप से मुक्त हुआ था काशी- राजघराना

अघोर-परम्परा का उदगम, सृष्टि के निर्माण से ही है ! कहा जाता है कि भगवान शिव इस दुनिया के पहले अघोरी थे ! उत्तर-भारत में…

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शख्सियत प्लेटिनम जुबली नायक: डॉ.सुब्रमण्यम स्वामी

प्लेटिनम जुबली नायक: डॉ.सुब्रमण्यम स्वामी

१५ सितम्बर २०१४ को डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी जी कि ७५ वीं वर्षगांठ है.उनके दीर्घ जीवन की कामना करते हुए उनका संछिप्त परिचय देना उचित होगा.…

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