भाजपा को दिखाना चाहिए बड़प्पन
Updated: September 22, 2014
सन 1980 में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी गई थी, तब उसके कर्ताधर्ताओं को शायद ही यह अनुमान…
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हर शख्स तो बिकता नहीं है
Updated: September 22, 2014
राजेश त्रिपाठी खुद को जो मान बैठे हैं खुदा ये जान लें। ये सिर इबादत के सिवा झुकता नहीं है।। वो और होंगे, कौड़ियों के…
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आतंकवादी
Updated: September 20, 2014
जन्मा जिस कोख से उसको भी लजाया हूँ , ना जाने कितने मासूमो का खून में बहाया हैं , ना कोई आशा हैं मुझसे ना…
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आर्य-वैदिक साहित्य में आदिवासियों के पूर्वजों का उल्लेख
Updated: September 20, 2014
आर्य-वैदिक साहित्य में आदिवासियों के पूर्वजों का राक्षस, असुर, दानव, दैत्य आदि के रूप में उल्लेख लेखक : डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ रामायण में…
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पशुधन संरक्षण की दिशा में अहम् पहल
Updated: September 20, 2014
प्रमोद भार्गव भारतीय नस्ल के दुधारु पशुओं के अनुवांशिक संरक्षण और संवर्धन के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है। इस हेतु राष्ट्रिय…
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आतंकवाद से जुड़ा पशुवध
Updated: September 20, 2014
संदर्भः- मेनका गांधी का बयान-आतंकवाद फैलाने में काम आ रहा है पशुवध का धन प्रमोद भार्गव केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा पर्यावरणविद् मेनका…
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वर्षों बाद एक नेता को देखा है
Updated: September 20, 2014
वर्षों बाद एक नेता को माँ गंगा की आरती करते देखा है, वरना अब तक एक परिवार की समाधियों पर फूल चढ़ाते देखा है। वर्षों…
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श्राद्ध क्या है, पितृपक्ष क्यों ???
Updated: September 20, 2014
“श्रद्धया इदं श्राद्धम्” भावार्थ है प्रेत और पित्त्तर के निमित्त, उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक जो अर्पित किया जाए वह श्राद्ध है। “भरत…
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सच है कि…कभी हिंदू राष्ट्र था चीन
Updated: September 19, 2014
अलकनंदा सिंह वैसे तो संपूर्ण जम्बूद्वीप पर हिन्दू साम्राज्य स्थापित था। जम्बूद्वीप के 9 देश थे उसमें से 3 थे- हरिवर्ष, भद्राश्व और किंपुरुष। उक्त…
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चीन के राष्ट्रपति का भारत में आगमन
Updated: September 19, 2014
डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पहली ख़बर – सत्रह सितम्बर को चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग भारत में आ गये । दूसरी ख़बर- उससे एक दो दिन…
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केवल अमलतास
Updated: September 19, 2014
ऊँघते/ अनमने उदास झाड़ियों के बीच इठलाता अमलतास चिड़ाता जंगल को जंगल के पेड़ों को, जिनके झर गए पत्ते सारे लेकिन पीले पुष्प गुच्छों से…
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गुनगुनाती हवा
Updated: September 19, 2014
ये गुनगुनाती हवा चुपके से जाने क्या कहकर चली जाती है। वक़्त हो चाहे कोई भी हर समय किसी का संदेशा दे जाती है। सुबह…
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