विविधा मैं भी तो सूर्यपुत्री तापी हूं…

मैं भी तो सूर्यपुत्री तापी हूं…

-रामकिशोर पंवार ‘रोंढावाला’- आदिकाल से लेकर अंत तक भारत एवं भारतीय संस्कृति में नदी -नारी दोनों को ही जीवनदायिनी के रूप के रूप में पूजा…

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विविधा मानवता का खून (15 मई 1948)

मानवता का खून (15 मई 1948)

-फख़रे आलम- आज विश्व के सबसे सभ्य समुदाय ने अरब असभ्य जनजाति पर बर्बरता की हद पार कर दी। क्या समान्य नागरिक, क्या महिलाएं और…

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कविता वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण ताजमहल

वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण ताजमहल

-बीनू भटनागर- 1. वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण ताजमहल। 2 ओस के कण पल्लव से बिखरे है भूमि नम। 3. समय बहे अविरल प्रवाह एक रफ़्तार।…

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टॉप स्टोरी कोली की फांसी पर फिर मुहर से ‘तसल्ली’

कोली की फांसी पर फिर मुहर से ‘तसल्ली’

-रमेश पाण्डेय- निश्चित रूप से सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति के निर्णय से उन मृत मासूमों की आत्मा को शांति मिली होगी, जो इंसानी शक्ल में…

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लेख देवनागरी और रोमन लिपि विवाद -2

देवनागरी और रोमन लिपि विवाद -2

-डॉ. मधुसूदन- -भाग दो- (आठ) हिंदी की अक्षरांकित देवनागरी ध्वनिलिपि ध्वनि की लघुतम इकाई के चिह्न, अक्षर ही हैं। इन अक्षरों के समूह को जब…

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लेख देवनागरी और रोमन लिपि विवाद

देवनागरी और रोमन लिपि विवाद

-डॉ. मधुसूदन – -भाग एक- (एक) विचार की शीघ्रता। जिस शीघ्रता से, धारा प्रवाह विचार आप हिंदी या जन भाषा में कर सकते हैं, उतनी…

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जरूर पढ़ें उनको अपनी पटकथा लिखने के लिये चाहिये था रमज़ान का महीना

उनको अपनी पटकथा लिखने के लिये चाहिये था रमज़ान का महीना

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- दिल्ली में अनेक राज्यों ने अपने अपने भवन बनाये हुये। कई राज्यों के एक नहीं दो दो भवन हैं। इसी प्रकार…

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कविता देश के गांवों को सलाम

देश के गांवों को सलाम

-रवि श्रीवास्तव- लगा सोचने बैठकर इक दिन, शहर और गांवों मे अन्तर, बोली यहां की कितनी कड़वी, गांवों में मीठी बोली का मंतर। आस-पास के…

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जरूर पढ़ें रोटी पर इतना बवाल क्यों ?

रोटी पर इतना बवाल क्यों ?

-सिद्धार्थ शंकर गौतम- मुस्लिम समुदाय के पवित्र रमजान माह में महाराष्ट्र सदन में शिवसेना के सांसद द्वारा रोजेदार व्यक्ति के मुंह में कथित तौर पर…

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महत्वपूर्ण लेख रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की पहल

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की पहल

-प्रमोद भार्गव- रक्षा सौदों में 49 फीसदी एफडीआई की छूट देने के बावजूद केंद्र सरकार ने हथियारों की खरीद और हेलिकॉप्टरों के निर्माण में स्वदेशीकरण…

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समाज औचित्य ऐसे अनचाहे संदेशों का ?

औचित्य ऐसे अनचाहे संदेशों का ?

-निर्मल रानी- वर्तमान युग में कंप्यूटर क्रांति ने निश्चित रूप से आधुनिक युग का नया एवं अद्भुत सूत्रपात किया है। मानव जाति इस कंप्यूटर क्रांति…

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विविधा पहचान खोता लखनऊ

पहचान खोता लखनऊ

-निशा शुक्ला- एक बार मैं बनारस से लखनऊ आ रहा था, ट्रेन लेट होने के कारण मुझे चारबाग स्टेशन पहुंचते-पहुंचते काफी रात हो गई। यही…

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