सख़्त कानून का नतीजा है बलात्कार के बाद महिलाओं की हत्या?
Updated: August 6, 2014
-इक़बाल हिंदुस्तानी- -बढ़ते रेपः कानून नहीं सिस्टम व समाज बदलने की ज़रूरत पहले!- दिसंबर 2012 में जब दिल्ली में निर्भया के साथ गैंगरेप हुआ और…
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साइबर युग के ’सियाराम‘…!
Updated: October 8, 2014
-तारकेश कुमार ओझा- हिंदी पट्टी के गांव – देहात की शादियों का अनुभव रखने वाले जानते हैं कि एेसे आयोजनों के नेपथ्य में कुछ महत्वपूर्ण…
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गीता ज्ञान और सैकुलर शैतान
Updated: August 6, 2014
-एलआर गांधी- जस्टिस दवे ने समाज के चरित्र निर्माण के लिए गीता और महाभारत की अनिवार्यता के विषय में क्या कह दिया कि सैकुलर शैतानों और…
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नेशनल हेरॉल्ड घोटालाः आवश्यकता एक देशव्यापी बहस की
Updated: August 6, 2014
-अतुल तारे- एक गंभीर वैचारिक बहस का संयोग से या दुर्योग से ही सही पर एक अवसर अवश्य है। यह बहस न केवल देश की…
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विधानसभा उपचुनाव से पता चलेगा जदयू-राजद-कांग्रेस गठबंधन हकीकत!
Updated: August 5, 2014
हिमांशु शेखर झा बिहार की राजनीति में एक नया गठबंधन आकार ले चुका है जिसमे राजद और जदयू की परस्पर की भागीदारी है तथा कांग्रेस…
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शर्मसार करती है मप्र हाईकोर्ट की घटना
Updated: October 8, 2014
-रमेश पाण्डेय- जहां की संस्कृति मातृ प्रधान हो, जिस देश को माता की संज्ञा (भारत माता) दी जाती हो, जिस देश में महिला को देवी…
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‘गोरक्षा राष्ट्र-रक्षा व गोहत्या राष्ट्र-हत्या है’
Updated: August 4, 2014
-मनमोहन कुमार आर्य- संसार में तीन पदार्थ अनादि हैं, ईश्वर, जीव व सृष्टि। जीवात्मा का स्वरूप सत्य, चेतन, अल्पज्ञ, एकदेशी, सूक्ष्म, आकार रहित, जन्म-मरण धर्म,…
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मोदी को मोहने की कोशिश में अमेरिका
Updated: August 4, 2014
-प्रमोद भार्गव- कोई जरूरतमंद देश अपने नीति और सिद्धांतों में कैसे बदलाव लाता है, इसका ताजा उदाहरण अमेरिका है। यहां तक कि उसने 2007 में…
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आखिर यूपी बिहार ही क्यों?
Updated: August 4, 2014
-रवि श्रीवास्तव- भारत के अखण्डता का प्रतीक माना जाता है। यहां हर धर्म जाति के लोग बड़ी खुशी से रहते हैं। इन सभी धर्मों के…
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जासूसी पर अनावश्यक वितंडा
Updated: August 4, 2014
-अरविंद जयतिलक- समझ से परे है कि जब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया है कि उनके आवास…
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राजनीति के हमाम में सारे ‘ नंग-धड़ंग संग हैं ’
Updated: August 4, 2014
-आलोक कुमार- आजादी के 67 सालों पश्चात हमारे देश में कितना कुछ बदल गया है, समाज, विचार, रहन-सहन, आबोहवा, राजनीति सभी में बदलाव आया है। बस, नहीं बदला, तो हमारे जनप्रतिनिधियों…
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लहू तो एक रंग है
Updated: October 8, 2014
-रवि श्रीवास्तव- लहू तो एक रंग है, आपस में एक दूसरे से, हो रही क्यों जंग है ? लहू तो एक रंग है, लहू तो…
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