राजनीति दिल्ली के चुनाव ‘आप’ के लिये परीक्षा की घड़ी

दिल्ली के चुनाव ‘आप’ के लिये परीक्षा की घड़ी

-ललित गर्ग- देश का दिल कहे जाने वाली राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव-2025 का बिगुल बज चुका है, कड़कड़ाती सर्दी में भारतीय जनता पार्टी, आम…

Read more
लेख ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस: फिर से चिंता में डूबी दुनिया।

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस: फिर से चिंता में डूबी दुनिया।

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस, न्यूमोविरिडे परिवार का हिस्सा है, यह एक श्वसन वायरस है जो हल्की सर्दी से लेकर निमोनिया और ब्रोंकियोलाइटिस जैसे गंभीर फेफड़ों के संक्रमण…

Read more
राजनीति कश्मीरी पंडितों का विस्थापन:काश इनका भी कोई वोट-बैंक होता!

कश्मीरी पंडितों का विस्थापन:काश इनका भी कोई वोट-बैंक होता!

डा० शिबन कृष्ण रैणा माना जाता है कि कश्मीर घाटी से पंडितों का विस्थापन सात बार हुआ है। पहला विस्थापन १३८९ ई० के आसपास हुआ…

Read more
राजनीति नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की शक्ति लगे

नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की शक्ति लगे

प्रवासी भारतीय दिवस- 9 जनवरी, 2025-ललित गर्ग- प्रवासी भारतीय दिवस भारत के विकास में प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को चिह्नित करने के लिए हर…

Read more
लेख तुम मत आना बस्तर

तुम मत आना बस्तर

मुकेश ! तुम लौटकर मत आना बस्तर ?बस्तर तुम्हारे लिए रो रहा हैतुम्हें खोने के बाद जंगल सो रहा हैझरने, नदिया, पहाड़ और गुफाएंतुम्हें भूला…

Read more
राजनीति एक दूसरे के विचारों का आदर करना  ही लोकतन्त्र का तक़ाज़ा है।

एक दूसरे के विचारों का आदर करना  ही लोकतन्त्र का तक़ाज़ा है।

विजय सहगल  19 दिसम्बर 2024 का दिन भारतीय लोकतन्त्र के लिये शर्मसार करने वाला था। पक्ष और विपक्ष के राजनैतिक मतभेद आपसी मनभेद मे बदल…

Read more
राजनीति कोसने में पारंगत बने

कोसने में पारंगत बने

विवेक रंजन श्रीवास्तव   लोकतंत्र  है तो अब राजा जी को चुना जाता है शासन करने के लिए।  लिहाजा जनता के हर भले का काम…

Read more
विश्ववार्ता अपनी करनी का फल भुगत रहा अमेरिका

अपनी करनी का फल भुगत रहा अमेरिका

सीमा पासी अमेरिका में दो दिन में तीन आतंकवादी हमले हो गए हैं., इससे लगता है कि वो अब अपनी करनी का फल भुगत रहा है।…

Read more
राजनीति अविश्वसनीय देश है चीन !

अविश्वसनीय देश है चीन !

सुनील कुमार महला हमेशा – हमेशा से चीन के भारत के प्रति इरादे कुछ ठीक नहीं रहे हैं। समय-समय पर चीन का असली चेहरा दुनिया…

Read more
कविता मैंने ज़िंदगी से कुछ सीखा है

मैंने ज़िंदगी से कुछ सीखा है

मनीषा छिम्पालूणकरणसर, राजस्थानकुछ कहना था, पर चुप ही रहती हूँ,कुछ दबी सी ख्वाहिशें, दबे ही रहने देती हूँ,कुछ बेताबी हैं आज फिर कहीं इस दिल…

Read more
कविता मेरी छोटी सी दुनिया

मेरी छोटी सी दुनिया

कुमारी मनीषासुराग, गरुड़उत्तराखंड छोटी सी है दुनिया मेरी,इसी में है ख़ुशियाँ मेरी,ढेर सारे दोस्तों की यारी,चमक रही है दुनिया मेरी,ना आने दूंगी पाबंदी इसमें,जैसा सोचा…

Read more
कविता सोशल मीडिया दोस्त या दुश्मन?

सोशल मीडिया दोस्त या दुश्मन?

पूजा गोस्वामीरोलियाना, गरुड़उत्तराखंड आज के युग में तकनीक का दौर आया,बच्चों के दोस्त बच्चे नहीं फ़ोन बन गया,ये दोस्त इतना सच्चा और ईमानदार निकला,आठ महीने…

Read more