राजनीति दिल्ली में बनेगी अब भाजपा की सरकार?

दिल्ली में बनेगी अब भाजपा की सरकार?

-इक़बाल हिंदुस्तानी-    केजरीवाल कांग्रेस-भाजपा को पूरे देश में घेरने को हुए आज़ाद! आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में 49 दिन में ही धराशायी…

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धर्म-अध्यात्म ‘​​कर्मण्येवाधिकारस्ते मां फलेषु कदाचन’ अर्थात कर्म योग

‘​​कर्मण्येवाधिकारस्ते मां फलेषु कदाचन’ अर्थात कर्म योग

-बी एन गोयल-   श्रीमद्भगवद्​गीता में योग शब्द का प्रयोग  व्यापक रूप में हुआ है | गीता के प्रत्येक अध्याय के नाम के साथ योग शब्द लगाया…

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विश्ववार्ता पाकिस्तान में बढ़ता तालिबानी वर्चस्व

पाकिस्तान में बढ़ता तालिबानी वर्चस्व

-तनवीर जाफ़री-    पाकिस्तान की नवाज़ शरीफ सरकार ने पचास हज़ार से अधिक बेगुनाह पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या करने वाले तहरीक-ए-तालिबान से शांति वार्ता करने…

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कला-संस्कृति ‘ईश्वर के सच्चे पुत्र व सन्देशवाहक वेदज्ञ महर्षि दयानन्द’

‘ईश्वर के सच्चे पुत्र व सन्देशवाहक वेदज्ञ महर्षि दयानन्द’

-मनमोहन कुमार आर्य-   महर्षि दयानन्द सरस्वती ने अपने जीवन में जो कार्य किया, उससे वह ईश्वर के सच्चे पुत्र व ईश्वर के सन्देशवाहक कहे…

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राजनीति अल्पसंख्यकवाद के निहितार्थ

अल्पसंख्यकवाद के निहितार्थ

-डॉ. मनोज चतुर्वेदी-    अभी हाल में राहुल गांधी की सिफारिश पर चुनावी समीकरण को ध्यान में रखते हुए लोकलुभावने रेवड़ी बांटने के करोड़ों वोट…

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राजनीति नीतीश का दूसरा कार्यकाल, बिहार का बंटाधार

नीतीश का दूसरा कार्यकाल, बिहार का बंटाधार

-आलोक कुमार-    देश में कई सुधारों के लिए अग्रणी बिहार का पतन आजादी के कुछ सालों बाद ही शुरू हो गया था । लेकिन…

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राजनीति एक बड़ा सवाल

एक बड़ा सवाल

-विनायक शर्मा-    दिल्ली में विधानसभा होने के बावजूद आज भी यदि दिल्ली को केन्द्रशासित प्रदेश कहा जाए तो कोई गलत नहीं होगा. दिल्ली की…

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विविधा बरमूडा ट्रायंगल दुनिया से जाने वाले जाने चले जाते हैं कहां

बरमूडा ट्रायंगल दुनिया से जाने वाले जाने चले जाते हैं कहां

अथाह समुद्र की गहराइयों में, न जाने कितने रहस्य दफन हैं। सागरों की लहरों में अठखेलियां करते न जाने कितनी जिज्ञासाओं और घटनाओं ने अक्सर…

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राजनीति बंगाल, भाजपा और मोदी

बंगाल, भाजपा और मोदी

-ललित कुमार-   ज़ेहन में जब भी भाजपा का नाम बंगाल को लेकर याद किया जाता है तो यह मन से इसलिए नहीं उतरता क्योंकि…

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“आह्वान”

-प्रवीण कुमार-    सत्य को देखा कारागार में, न्याय विवश हो विलख पड़ा। भड़ी सभा में नग्न पुण्य भी, पाप के आगे विवश खड़ा। चना अकेला भाड़ क्या फोड़े, निर्बल दुःख को मौन सहा। क्रूर छली का पाकर सम्बल, ढोंग यथार्थ को दबा गया । प्रश्न नहीं तिल -तिल मरने का, चाह नहीं इस जीवन का। राह देखता व्यथित बिबस मन, महाप्रलय के आने का।   पापी -जन का ह्रदय हिला दे, हो महाकाल का गर्जन घोर। कब सुनु मैं क्रूर का क्रंदन ,जिससे नाचे मन का मोर? अनिवार्य धरती का शोधन, कोई नहीं अब अन्य सहारा। मक्कारो की मक्कारी से ,विवश है शायद प्रभु हमारा। मोह नहीं अब जीवन -सुख का, चाह नहीं कुछ पाने का।…

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कला-संस्कृति स्वयं विषपान कर संसार को अमृत पिलाने वाला अनोखा ऋषि दयानन्द सरस्वती

स्वयं विषपान कर संसार को अमृत पिलाने वाला अनोखा ऋषि दयानन्द सरस्वती

-मनमोहन कुमार आर्य-   महर्षि दयानन्द का शिवरात्रि से गहरा ऐतिहासिक सम्बन्ध है। शिवरात्रि के व्रत ने ही बालक मूलशंकर को सच्चे शिव अर्थात् सृष्टि…

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व्यंग्य पधारो म्हारी चौपाल!

पधारो म्हारी चौपाल!

हे चाय चौपाल के बहाने वोट की जुगाड़ करने वालो! बड़े फन्ने खां बने फिरते हो न! पर अब आपको यह जानकर जितना आप सहन…

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