दिल्ली में बनेगी अब भाजपा की सरकार?
Updated: February 17, 2014
-इक़बाल हिंदुस्तानी- केजरीवाल कांग्रेस-भाजपा को पूरे देश में घेरने को हुए आज़ाद! आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में 49 दिन में ही धराशायी…
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‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मां फलेषु कदाचन’ अर्थात कर्म योग
Updated: February 17, 2014
-बी एन गोयल- श्रीमद्भगवद्गीता में योग शब्द का प्रयोग व्यापक रूप में हुआ है | गीता के प्रत्येक अध्याय के नाम के साथ योग शब्द लगाया…
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पाकिस्तान में बढ़ता तालिबानी वर्चस्व
Updated: February 17, 2014
-तनवीर जाफ़री- पाकिस्तान की नवाज़ शरीफ सरकार ने पचास हज़ार से अधिक बेगुनाह पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या करने वाले तहरीक-ए-तालिबान से शांति वार्ता करने…
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‘ईश्वर के सच्चे पुत्र व सन्देशवाहक वेदज्ञ महर्षि दयानन्द’
Updated: February 17, 2014
-मनमोहन कुमार आर्य- महर्षि दयानन्द सरस्वती ने अपने जीवन में जो कार्य किया, उससे वह ईश्वर के सच्चे पुत्र व ईश्वर के सन्देशवाहक कहे…
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अल्पसंख्यकवाद के निहितार्थ
Updated: February 17, 2014
-डॉ. मनोज चतुर्वेदी- अभी हाल में राहुल गांधी की सिफारिश पर चुनावी समीकरण को ध्यान में रखते हुए लोकलुभावने रेवड़ी बांटने के करोड़ों वोट…
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नीतीश का दूसरा कार्यकाल, बिहार का बंटाधार
Updated: February 15, 2014
-आलोक कुमार- देश में कई सुधारों के लिए अग्रणी बिहार का पतन आजादी के कुछ सालों बाद ही शुरू हो गया था । लेकिन…
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एक बड़ा सवाल
Updated: February 15, 2014
-विनायक शर्मा- दिल्ली में विधानसभा होने के बावजूद आज भी यदि दिल्ली को केन्द्रशासित प्रदेश कहा जाए तो कोई गलत नहीं होगा. दिल्ली की…
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बरमूडा ट्रायंगल दुनिया से जाने वाले जाने चले जाते हैं कहां
Updated: February 15, 2014
अथाह समुद्र की गहराइयों में, न जाने कितने रहस्य दफन हैं। सागरों की लहरों में अठखेलियां करते न जाने कितनी जिज्ञासाओं और घटनाओं ने अक्सर…
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बंगाल, भाजपा और मोदी
Updated: February 15, 2014
-ललित कुमार- ज़ेहन में जब भी भाजपा का नाम बंगाल को लेकर याद किया जाता है तो यह मन से इसलिए नहीं उतरता क्योंकि…
Read more“आह्वान”
Updated: February 15, 2014
-प्रवीण कुमार- सत्य को देखा कारागार में, न्याय विवश हो विलख पड़ा। भड़ी सभा में नग्न पुण्य भी, पाप के आगे विवश खड़ा। चना अकेला भाड़ क्या फोड़े, निर्बल दुःख को मौन सहा। क्रूर छली का पाकर सम्बल, ढोंग यथार्थ को दबा गया । प्रश्न नहीं तिल -तिल मरने का, चाह नहीं इस जीवन का। राह देखता व्यथित बिबस मन, महाप्रलय के आने का। पापी -जन का ह्रदय हिला दे, हो महाकाल का गर्जन घोर। कब सुनु मैं क्रूर का क्रंदन ,जिससे नाचे मन का मोर? अनिवार्य धरती का शोधन, कोई नहीं अब अन्य सहारा। मक्कारो की मक्कारी से ,विवश है शायद प्रभु हमारा। मोह नहीं अब जीवन -सुख का, चाह नहीं कुछ पाने का।…
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स्वयं विषपान कर संसार को अमृत पिलाने वाला अनोखा ऋषि दयानन्द सरस्वती
Updated: February 15, 2014
-मनमोहन कुमार आर्य- महर्षि दयानन्द का शिवरात्रि से गहरा ऐतिहासिक सम्बन्ध है। शिवरात्रि के व्रत ने ही बालक मूलशंकर को सच्चे शिव अर्थात् सृष्टि…
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पधारो म्हारी चौपाल!
Updated: February 15, 2014
हे चाय चौपाल के बहाने वोट की जुगाड़ करने वालो! बड़े फन्ने खां बने फिरते हो न! पर अब आपको यह जानकर जितना आप सहन…
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