विविधा बिहार के विकास के प्रारूप की समीक्षा

बिहार के विकास के प्रारूप की समीक्षा

-आलोक कुमार-    मौजूदा दौर में अगर “बहुप्रचारित विकसित बिहार” की बात करें तो लंबी-चौड़ी सड़कों, अपार्टमेन्टस एवं मॉल्स के निर्माण और विकास दर (आंकड़ों…

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विविधा विधवाओं को सिलाई मशीन और जवानों को जय हिन्द ?

विधवाओं को सिलाई मशीन और जवानों को जय हिन्द ?

-डॉ. अरविन्द कुमार सिंह-    कल मुम्बई में एक कार्यक्रम हुआ। अवसर था ‘‘ऐ मेरे वतन के लोगों’’ गीत के 51 वीं जयन्ती का। राष्ट्र…

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राजनीति सुशासन बाबू का नालन्दा व कल्याणबिगहा प्रेम

सुशासन बाबू का नालन्दा व कल्याणबिगहा प्रेम

-आलोक कुमार-     एक कुशल और सफ़ल शासक वही होता है जो व्यापक दृष्टिकोण रखता हो। बिहार में आज कहीं सही मायने में विकास…

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कला-संस्कृति भारतीय सभ्यता-संस्कृति का मतलब नहीं बदला जा सकता

भारतीय सभ्यता-संस्कृति का मतलब नहीं बदला जा सकता

-आलोक कुमार-    भारतीय संविधान में जिस सेकुलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) शब्द की व्याख्या है- उसका मूल अर्थ “सर्वधर्म समभाव” के रूप में ग्रहण किया गया था,…

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कविता बेटी को प्रणाम

बेटी को प्रणाम

हे दिव्य प्रेम की शिखर मूर्ति तुम ही हो जननी भगिनी तुम्हीं तुम्हीं हो पत्नी पुत्री तुम्हीं। हे कोटि कंठों का दिव्य गान तुम ही…

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व्यंग्य हजाम और अर्थशास्त्री के वार-पलटवार

हजाम और अर्थशास्त्री के वार-पलटवार

-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी-    शाम को शहर की सड़क पर ‘इवनिंग वॉक’ के लिए निकला था, तभी एक हजाम (नाई/बारबर) का सैलून खुला दिखा।…

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विकेंद्रीकरण के सन्दर्भ में ब्राजील का अध्ययन

-कन्हैया झा-     बीसवीं शताब्दी में ब्राजील का आधुनिकरण तीन स्तंभों आर्थिक विकास, औद्योगीकरण, एवं शहरीकरण पर आधारित था. सन 1980 में कृषि एवं…

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विविधा सरकारी बंगलों में “सत्ता- प्रायोजित” गोरखधंधा

सरकारी बंगलों में “सत्ता- प्रायोजित” गोरखधंधा

-आलोक कुमार-    बिहार के बहुप्रचारित सुशासन में सरकारी -सरंचनाओं का दुरुपयोग शासन की सहभागिता से धड़ल्ले से जारी है। एक तरफ तो राजधानी पटना…

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राजनीति “नयी बोतल में पुरानी शराब”

“नयी बोतल में पुरानी शराब”

-आलोक कुमार-   आज से लगभग आठ साल पहले बिहार में सिर्फ़ निजाम बदला लेकिन सत्ता का स्वरूप नहीं। आज भी स्थिति वही है जो…

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राजनीति चौथे मोर्चे की परिकल्पना को जमीनी शक्ल देने का वक्त

चौथे मोर्चे की परिकल्पना को जमीनी शक्ल देने का वक्त

-देवेन्द्र कुमार-   यद्यपि आम आदमी पार्टी का राजनीतिक क्षितिज पर उदय के कारण राष्ट्रीय राजनीति में तीसरे मोर्चा की चर्चा थोड़ी थमती नजर आती…

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विविधा नकल माफ़ियाओं के चंगुल में माध्यमिक और उच्च शिक्षा

नकल माफ़ियाओं के चंगुल में माध्यमिक और उच्च शिक्षा

-राघवेन्द्र कुमार राघव-    हरदोई ज़िले की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह नकल माफ़ियाओं की गिरफ़्त में है। प्रतिवर्ष 50,000 से ज्यादा छात्र-छात्राएं नकल की महामारी…

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लेख बेरोजगारी की मार से बेहाल युवा वर्ग

बेरोजगारी की मार से बेहाल युवा वर्ग

-ओपी सोनिक-   कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रीय युवा नीति-2014 को मंजूरी दी गई। इसका मुख्य उद्देश्य युवा वर्ग को क्षमता एवं दक्षता…

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