मातृ-भूमि वन्दना -राज सक्सेना
Updated: July 22, 2013
भरत-भूमि,भव-भूति प्रखण्ड | उन्नत, उज्ज्वल, भारतखण्ड | सकल-समन्वित,श्रमशुचिताम, शीर्ष-सुशोभित,श्रंग-शताम | विरल-वनस्पति, विश्रुतवैभव, पावन,पुण्य-प्रसून,शिवाम | हरित-हिमालय, हिमनद-खण्ड | उन्नत, उज्ज्वल, भारतखण्ड | नासिक्, मथुरा,…
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विपक्षी दल की जगह नहीं ले सकता मीडिया
Updated: July 22, 2013
बीपी गौतम केंद्र शासित राज्य और देश की राजधानी दिल्ली, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई वाले राज्य महाराष्ट्र, आतंकवाद से जूझ रहे जम्मू कश्मीर के…
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कुदरत का कहर ……
Updated: July 22, 2013
एक दिन बीत जाने के बाद दूसरा दिन आता है…दिन गुजरते हैं तो हफता आ जाता है…हफते बीतते हैं तो महीना आ जाता …. उतराखंड…
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कुछ यूँ ही बीत रहा होता था जीवन
Updated: July 22, 2013
पीड़ा कैसे व्यक्त हो सकती थी? वह तो थी जैसे कोमल, अदृश्य से रोम रोम में गहरें कहीं धंसी हुई, भला वह कैसे बाहर…
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लो, अब सरकार ही चली मन्दिर तोडने
Updated: July 22, 2013
कभी असामाजिक तत्वों, तो कभी आतंकवादियों के निशाने पर रहने वाले दिल्ली के असंख्य मन्दिर व गुरुद्वारे अब जनता द्वारा चुनी गई सरकार की हिट…
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भ्रष्ट शासन व्यवस्था की बुनियाद
Updated: July 22, 2013
ब्रिटिश साम्राज्य के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए गवर्नर जनरल ने भारतियों पर विभिन्न कानून थोपे थे| यह स्वस्प्ष्ट है कि भारत में…
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आधुनिकताः सार्वदेशिक विचार प्रत्यय
Updated: July 22, 2013
प्रोफेसर महावीर सरन जैन नरेन्द्र मोदी ने दिनांक 14 जुलाई, 2013 को पुणें के फर्गुसन कॉलेज में दिए अपने भाषण में “आधुनिकता” शब्द का…
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पौधों का करिश्मा
Updated: July 22, 2013
क्राफ्ट विषय में उसने बागवानी लिया था|सबसे अच्छा उसे यही लगा…
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कविता : तारीखें माफ़ करती नहीं
Updated: July 20, 2013
मिलन सिन्हा सोचनीय विषयों पर सोचते नहीं वादा जो करते हैं वह करते नहीं अच्छे लोगों को साथ रखते नहीं गलत करने वालों को रोकते…
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भ्रष्टाचार का भय और चीन
Updated: July 20, 2013
प्रमोद भार्गव अंतरराष्ट्रीय पारदर्शिता संस्थान के ताजा सर्वे से खुलासा हुआ है कि देश भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है। राजनीतिक दलों और नौकरशाहों को…
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कैसे सुलझे ये कठिन पहेली
Updated: July 20, 2013
डा.राज सक्सेना जब से मैंने अण्डमान यात्रा की है,एक यक्ष-प्रश्न मेरे सम्मुख सदैव नाचता रहा है | काव्य-शास्त्र में रुचि रख्नने वाला हरएक साहित्यप्रेमी काव्य…
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