चिंतन अरविन्द केजरीवाल के नाम एक पाती

अरविन्द केजरीवाल के नाम एक पाती

प्रिय अरविन्द केजरीवाल जी,   नमस्कार ! पिछले कुछ दिनों से आपको पत्र लिखने के लिए सोच रहा था. पर एक आम आदमी कि परेशानियां…

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महत्वपूर्ण लेख क्यों बेअसर हैं आतंकवाद विरोधी फतवे ?

क्यों बेअसर हैं आतंकवाद विरोधी फतवे ?

-तनवीर ज़ाफरी-  चाहे इसे कुछ पश्चिमी देशों की साजि़श का नाम दिया जाए अथवा विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या या होने के नाते इस्लाम…

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राजनीति भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक प्रतिस्पर्धा

भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक प्रतिस्पर्धा

 -डॉ. डी.एन. मिश्रा-  भारतीय राजनीति में कम से कम देर से ही सही अच्छाई की प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है। आप आदमी पार्टी -भारतीय जनता पार्टी…

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बच्चों का पन्ना सच्चा मित्रः कविता

सच्चा मित्रः कविता

सच्चा मित्र‌      झगड़ू बंदर ने रगड़ू,     भालू से हाथ मिलाया|     बोला तुमसे मिलकर तो,     प्रिय बहुत मज़ा है आया|                                    रगड़ू…

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राजनीति क्या यह गांधी की कांग्रेस है ?

क्या यह गांधी की कांग्रेस है ?

-अरविंद जयतिलक-  28 दिसंबर 1885। कांग्रेस का स्थापना दिवस। दिन के 12 बजे थे और मुंबई का गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कालेज कांग्रेसजनों से खचाखच भरा…

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राजनीति केजरीवाल ने कांग्रेस की क़ब्र खोद दी है अब दफ़नाना बाक़ी है!

केजरीवाल ने कांग्रेस की क़ब्र खोद दी है अब दफ़नाना बाक़ी है!

-इक़बाल हिंदुस्तानी-    समाज में जागरूकता लाये बिना व्यवस्था में परिवर्तन कैसे होगा? अरविंद केजरीवाल ने एक साल के अंदर पहले आम आदमी पार्टी बनाकर, उसके…

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कविता हो गया है विहान री

हो गया है विहान री

1. हो गया है विहान री सखि,हो गया है अब विहान री, तू नींद छोड़ कर जाग री। पंछियों का कलरव गूंज रहा, सूरज देहरी को…

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कविता महर्षि दयानंद की अमर कहानी

महर्षि दयानंद की अमर कहानी

                  -विमलेश बंसल ‘आर्या’-                           मो- 8130586002              Vimleshbansalarya69@gmail.com हम सब मिल शीश झुकायेंगे, गुरु देव दयानंद दानी को। उस…

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धर्म-अध्यात्म क्या रिलिजन या मजहब हमारे “धर्म” को परिभाषित कर सकता है ?

क्या रिलिजन या मजहब हमारे “धर्म” को परिभाषित कर सकता है ?

-शिवेश प्रताप- संत आगस्तीन एवं अंग्रेजी भाषा के विद्वान टॉम हार्पर और जोसफ कैम्पबेल के अनुसार रिलिजन शब्द दो शब्दों री (पुनः) एवं लिगेयर (बांधना)…

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कारोबारी का लड़ना-मिलना सब मतलब से होता है!

-तारकेश कुमार ओझा-  मुंबई में आयोजित एक गैर-राजनैतिक समारोह में मनसे नेता राज ठाकरे और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का पुरानी बातें भूला कर…

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लेख माओवाद पर एक आधी-अधूरी पड़ताल

माओवाद पर एक आधी-अधूरी पड़ताल

-संजय पराते-  छत्तीसगढ़ के मीडिया जगत में शुभ्रांशु चौधरी एक जाना-पहचाना नाम है। खासतौर से आदिवासी क्षेत्रों और दण्डकारण्य (बस्तर) से संबंधित रिपोर्टिंग के लिए।…

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प्रवक्ता न्यूज़ देवरिया संगोष्ठी की कथा-गाथा, प्रारम्भ से प्रारब्ध तक

देवरिया संगोष्ठी की कथा-गाथा, प्रारम्भ से प्रारब्ध तक

गत 17 नवंबर 2013 को दिल्ली के इंडियन कॉफी हाउस में कुछ लोग बैठे और फिर तय किया कि आगामी 21 दिसंबर को उत्तर प्रदेश…

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