विधि-कानून न्याय की भाषा अगर अनजानी हो तो कैसे किसी का समाधान करेगी

न्याय की भाषा अगर अनजानी हो तो कैसे किसी का समाधान करेगी

प्रतिभा सक्सेना  अनायास ही मन में प्रश्न उठता है – न्यायालय किसलिये स्थापित किये गये हैं ? लंबे समय के वाद-विवादों,गवाहियों,प्रमाणों और साक्षियों के बाद…

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महिला-जगत क्या यह नारी होने की सजा है?

क्या यह नारी होने की सजा है?

तेरे माथे पे ये आँचल बहुत ही खूब है लेकिन ! तू इस आँचल से एक परचम बना लेती तो अच्छा था । –मजाज़ की…

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समाज शूद्रों को ब्राहमण बनाने वाले परशुराम

शूद्रों को ब्राहमण बनाने वाले परशुराम

भगवान परशुराम जयंती13  मर्इ के अवसर पर :- प्रमोद भार्गव हमारे धर्म ग्रंथ और कथावाचक ब्राहमण भारत के प्राचीन पराक्रमी नायकों की संहार से परिपूर्ण हिंसक…

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कविता हास्य व्यंग्य कविता : पॉपुलर कारपोरेट  मंत्र

हास्य व्यंग्य कविता : पॉपुलर कारपोरेट मंत्र

मिलन सिन्हा   सुबह से हो जाती थी शाम पर, हर दिन रहता था वह  परेशान. मामला ओफिशिएल था कुछ -कुछ , कांफिडेंसिएल  था. इसीलिए…

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योजनाओं की मॉनिटिरिंग की जरूरत…..

प्रतिमा कुमारी   जमाना अब हाईटेक हो चुका है। रोजमर्रा की जरूरत हो या ऑफिस के काम, सब कंप्यूटर की एक क्लिक पर, आसानी से…

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आर्थिकी दागदार हुए सरकारी बैंकों के दामन

दागदार हुए सरकारी बैंकों के दामन

बेब पोर्टल कोबरा पोस्ट द्वारा किया गया यह दावा कि सरकारी बैंक भी धनशोधन का काम कर रहे हैं, बेहद ही सनसनीखेज एवं चौंकाने वाला…

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मुस्लिम सांसद के लिये देश से बढ़कर धर्म

बड़े दुःख की बात है कि उत्तर प्रदेश के संभल (जिला मुरादाबाद) से बहुजन समाज पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क लोकसभा स्थगित होने के समय…

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विधि-कानून सीमा पार के संविधान पर एक विहंगम दृष्टि

सीमा पार के संविधान पर एक विहंगम दृष्टि

मनी राम शर्मा  तुर्की के संविधान के अनुच्छेद 40 के अनुसार लोक पद धारण करने वाले व्यक्ति के अवैध कृत्यों से होने वाली हानि के…

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राजनीति भाजपा की पराजय  के निहीतार्थ

भाजपा की पराजय के निहीतार्थ

सिद्धार्थ मिश्र”स्‍वतंत्र” कर्नाटक चुनावों में भाजपा की भारी पराजय निश्‍चय ही पूर्व निर्धारित बात थी । ऐसे में इन परिणामों को आगामी लोकसभा चुनावों के…

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विविधा राष्ट्रीय बोध

राष्ट्रीय बोध

‘बंसल’ और अश्विनी को बचाने वाले मनमोहन जी देखो, तुम्हें तुम्हारे पूर्वज देखते हैं स्वर्ग से फिर एक हकीकत धार्मिक उन्माद के कारण फांसी चढ़ गया…

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टॉप स्टोरी सर्वदलीय निंदा, लानत हो और बर्खास्त हो “वन्दे-मातरम्” का अपमान कर्ता सांसद

सर्वदलीय निंदा, लानत हो और बर्खास्त हो “वन्दे-मातरम्” का अपमान कर्ता सांसद

महान कवि और लेखक बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा   रविवार, कार्तिक सुदी नवमी, शके १७९७ (७ नवम्बर १८७५) को पूर्ण किये गए अप्रतिम, भावपूर्ण और सुन्दर…

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राजनीति देश की राजनीतिः दशा और दिशा

देश की राजनीतिः दशा और दिशा

प्रोफेसर महावीर सरन जैन देश की दोनों प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों के आचरण एवं करनी-कथनी के अंतराल के कारण, देश की जनता में राजनेताओं एवं राजनैतिक…

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