विधि-कानून लोकपाल विधेयक को मंत्रिमंडल की मंजूरी

लोकपाल विधेयक को मंत्रिमंडल की मंजूरी

भारत में किसी भी निकाय को स्वायतता या स्वतन्त्रता की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि भारत में स्वायतता का कोई अभिप्राय: ही नहीं है| जो…

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कविता चिन्ह

चिन्ह

कोई अविगत “चिन्ह” मुझसे अविरल बंधा, मेरे अस्तित्व का रेखांकन करता, परछाईं-सा अबाधित, साथ चला आता है ।   स्वयं विसंगतिओं से भरपूर मेरी अपूर्णता…

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शख्सियत अटलजी का भारतीय राजनीति में योगदान

अटलजी का भारतीय राजनीति में योगदान

देवेश खंडेलवाल गीता का महत्व सबके लिए तथा हमेशा के लिए है क्योंकि यह जिंदगी के तीन मूलभूत सवालों का संतोषजनक उत्तर देती है. हम…

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महिला-जगत सम्मान तलाशती नारी का ‘नुमाईशी’ बनता शरीर

सम्मान तलाशती नारी का ‘नुमाईशी’ बनता शरीर

निर्मल रानी देश की राजधानी दिल्ली में गत् 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना ने जहां पूरे देश में नारी उत्पीडऩ के विषय…

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गजल कौन किसको क्या कहे . ।

कौन किसको क्या कहे . ।

कामिनी कामायनी रायगा है उनकी महफिल,है वहाँ दीवाने सब , बेरहम,महरुम बंदे ,बदगुमानी से है भरे । किसको है फुर्सत यहाँ पर ,बज्म का देखे…

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कविता सू्र्यदेव का स्वागत

सू्र्यदेव का स्वागत

सू्र्यदेव का स्वागत मै बाँहें फैला कर करता हूँ, आग़ोश मे लेलूँ सूरज को, महसूस कभी ये करता हूँ।   उदित भास्कर की किरणे, जब…

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उत्‍पाद समीक्षा जीन संवर्धित फसलों की प्रासंगिकता

जीन संवर्धित फसलों की प्रासंगिकता

भारत में जीन संवर्धित (जीएम) फसलों पर किये जाने वाले प्रयोग को लेकर शुरु से ही विवाद रहा है। कुछ लोग इस तरह के प्रयोग…

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आर्थिकी अराजकता बढ़ाएगी पेटोलियम कंपनियों को दाम बढ़ाने की छूट

अराजकता बढ़ाएगी पेटोलियम कंपनियों को दाम बढ़ाने की छूट

प्रमोद भार्गव केंद्र सरकार मंहगार्इ बढ़ाकर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। पहले रेल में किराया वृद्धि और अब ज्वलनशील व खाध…

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जरूर पढ़ें इतिहास बदलते अनुवांशिक अनुसंधान

इतिहास बदलते अनुवांशिक अनुसंधान

प्रमोद भार्गव वैज्ञानिकों ने आज से लगभग चार हजार साल पहले भारतीय और आस्ट्रेलिया के मानव समुदायों के बीच होने वाले जैविक प्रवाह के सबूत…

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राजनीति लोकसभा चुनाव की बिसात तैयार

लोकसभा चुनाव की बिसात तैयार

विजय कुमार भारत में 2014 के लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के बावजूद मुख्य दारोमदार कांग्रेस और भाजपा…

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विविधा शाहरुख का सच

शाहरुख का सच

विपिन कुमार सिन्‍हा शाहरुख खान का एक लेख एक अमेरिकी पत्रिका में प्रकाशित हुआ है जिसमें उन्होंने भारत में मुसलमानों से भेदभाव का आरोप लगाया…

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गजल आंखों में उजालों को मैंने अब बसाया है….

आंखों में उजालों को मैंने अब बसाया है….

इक़बाल हिंदुस्तानी बर्क़ ने मेरा जब भी आशियां जलाया है, अज़्म की सदाक़त को और भी बढ़ाया है।   हादसा कोई जब भी पेश राह…

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