गजल बतियाँ

बतियाँ

तुम्हारे मुंह पर तुम्हारी बतियाँ हमारे मुंह पर  हमारी  बतियाँ बहुत मीठी मीठी सी लगती हैं उन की ऐसी खुशामदी बतियाँ ! तुम्हारे मुंह पर…

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जरूर पढ़ें नमक का सियासी फंडा

नमक का सियासी फंडा

नमक राजनीति में मतदाता को लुभाने का नया फंडा सामने आ रहा है। इसलिए नमक खिलाने के ऐसे उपाय तलाशे जा रहे हैं, जिसके प्रभाव…

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शख्सियत मीरी – पीरी के मालिक – गुरु हरगोबिन्द सिंह

मीरी – पीरी के मालिक – गुरु हरगोबिन्द सिंह

 ( 5 जुलाई गुरु हरगोबिन्द जयंति विशेष) परमजीत कौर कलेर मीरी पीरी के मालिक…सच्चे पातशाह जिन्होंने अपनी आंखों से सिखी का पौधा मजबूत होते देखा…

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राजनीति कांग्रेस,वोटबैंक और दिग्‍भ्रमित भाजपा

कांग्रेस,वोटबैंक और दिग्‍भ्रमित भाजपा

– सिद्धार्थ मिश्र “स्‍वतंत्र”   मुस्लिम मतदाता संगठित रूप से  देश के सबसे बड़े वोटबैंक के  रूप में सर्वमान्‍य है । आजादी के बाद से…

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आर्थिकी मौन पीएम, विदेशी कर्ज और रुपयें की गिरती कीमत

मौन पीएम, विदेशी कर्ज और रुपयें की गिरती कीमत

मौन पीएम, विदेशी कर्ज और रुपयें की गिरती कीमत आजादी पश्चात् हमारे ऊपर न तो कर्जा था न हमारी मुद्रा डॉलर से कमतर थी। हां…

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राजनीति गठबंधन की राजनीति का दौर है

गठबंधन की राजनीति का दौर है

  गठबंधन की राजनीति का दौर है -किसी एक व्यक्ति या पार्टी की विचारधारा नहीं चलेगी … ! ज्यों-ज्यों आगामी लोकसभा चुनाव के दिन नज़दीक…

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विविधा प्राथमिक शिक्षा को मज़बूत करना होगा

प्राथमिक शिक्षा को मज़बूत करना होगा

चंद्रभूषण झा  हाल ही भारत दौरे पर आए अमेरिका के विदेश मंत्री और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के बीच उच्च शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग अनजान बीमारी की चपेट में बिहार

अनजान बीमारी की चपेट में बिहार

रजनी गुप्ता  बिहार में एक बार फिर दिमागी बुखार जैसी एक बीमारी ने अपना क़हर ढ़ा रखा है। चिंता की बात यह है कि इसकी…

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विविधा भारत का इतिहास : हमारी ग़लतियों की कहानी

भारत का इतिहास : हमारी ग़लतियों की कहानी

 आर. सिंह मैने यह आलेख श्री राकेश कुमार आर्य के आलेख “संपूर्ण भारत कभी गुलाम नहीं रहा “ पर टिप्पणी के रूप में लिखना आरम्भ…

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व्यंग्य खाद्य सुरक्षा के बसते

खाद्य सुरक्षा के बसते

बगल में तीन तीन बसते दबाये चोखी लामा फटे थैले सा मुंह लटकाए चले आ रहे थे। हमें मसखरी  सूझी ..और पूछ बैठे ..अरे चोखी मियां ये…

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जरूर पढ़ें भारत में शुद्ध दूध: ढूंढते रह जाओगे

भारत में शुद्ध दूध: ढूंढते रह जाओगे

किसी ज़माने में भारत में शुद्ध दूध की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे दूध-दही की…

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कविता एक पुत्र गाँव छोड़ रहा था

एक पुत्र गाँव छोड़ रहा था

हाँ , एक पुत्र आज गावँ छोड़ रहा था, भविष्य की तलाश में शहर की ओर दौड़ रहा था , और पिता पुत्र की आँखों…

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