प्रजातंत्र का राजा
Updated: December 15, 2012
एक कहानी बड़ी पुरानी, कहती रहती नानी| शेर और बकरी पीते थे, एक घाट पर पानी| कभी शेर ने बकरी को, न घूरा न गुर्राया|…
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चूहा भाई
Updated: December 15, 2012
सुबह सुबह चूहा भाई ने, संपादक को डांटा| “चार लेख भेजे थे मैंने, नहीं एक भी छापा|” संपादक ने एक पत्रिका, उसकी तरफ बढ़ाई|…
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खुला पुस्तकालय जंगल में
Updated: December 15, 2012
बालवाटिका पढ़ पढ़कर, कालू बंदर हो गये विद्वान| इसी बात का हाथीजी ने ,शेर चचा का खींचा ध्यान| देखो तो यह कालू बंदर, पढ़ लिखकर…
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विवाह में सामाजिक दखल बंद हो
Updated: December 15, 2012
अनूप आकाश वर्मा बात, पिछले वर्ष की है जब दिल्ली विश्वविद्यालय की एक दलित छात्रा ने अपने ही विभाग के विभागाध्यक्ष पर ये आरोप लगा…
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राष्ट्र से बड़ा नहीं अफजल ?
Updated: December 15, 2012
प्रमोद भार्गव सामंती युग में जिस तरह से देश के वजूद के प्रतीक दुर्ग हुआ करते थे और दुर्ग पर हमले का मतलब राष्ट्र पर…
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लाई डिटेक्टर पर पत्रकारिता…
Updated: December 15, 2012
डॉ. आशीष वशिष्ठ स्वतंत्रता की लड़ाई में जितनी लड़ाई स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों ने बंदूक और तलवार से लड़ी थी कमोबेश उतनी ही लड़ाई कलम…
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अनुवर्त्ती रात
Updated: December 15, 2012
विजय निकोर दीवार पर दो घड़ियाँ लगा देने से रात कभी जल्दी नहीं कटती । कोई हादसा नया छोटा-सा, बड़ा-सा ढीठ और बेअदब संतरी-सा…
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सचिन की नीयत पर सवाल उठाने वाले मूर्ख
Updated: December 15, 2012
-बी.पी. गौतम दुनिया को रंगमंच की तरह देखा जाए, तो यहाँ प्रत्येक इंसान रंगमंच की तरह ही भूमिका निभाता नज़र आता है। प्रत्येक इंसान के…
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सिनेमा और जनमानस का मनोविज्ञान – डॉ. प्रेरणा चतुर्वेदी
Updated: December 15, 2012
सिनेमा वर्तमान युग में समस्त कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यमों में सबसे सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। किसी भी जाति, धर्म ,वर्ग , संस्कृति के लोगों…
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महात्मा गांधी और सिनेमा -डॉ. मनोज चतुर्वेदी
Updated: December 15, 2012
एक ऐसे व्यक्ति का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी है जिन्होंने भारत की मुक्ति का मंत्र ही नही दिया था बल्कि भारत के द्वारा संपूर्ण विश्व…
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एफ डी आई बनाम सीबीआई यानी जननीति पर राजनीति भारी?
Updated: December 14, 2012
इक़बाल हिंदुस्तानी आखि़र सपा बसपा के सपोर्ट की बिल्ली थैले से बाहर आ ही गयी! राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था कि ‘‘समर…
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मुलायम के राजनीतिक सपनों का कठोर यर्थाथ
Updated: December 14, 2012
प्रदीप चन्द्र पाण्डेय इस बात में दो राय नहीं कि कानून बनाने की जिम्मेदारी भारतीय संविधान ने निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को दिया है। संविधान का…
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