बच्चों का पन्ना हाथी मामा

हाथी मामा

हाथी मामा पहिन पजामा, पहुंच गये स्कूल| जैसे ही पढ़ने वह बैठे, टूट गया स्टूल| चित्त गिरे धरती पर मामा, कुछ भी समझ न पाये|…

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समाज के. रहमान और शिक्षा का विषाक्तीकरण-डॉ. मनोज चतुर्वेदी

के. रहमान और शिक्षा का विषाक्तीकरण-डॉ. मनोज चतुर्वेदी

संप्रग-1 तथा संप्रग-2 ने आपने नए-नए कारनामों से भारतीय राजनीति तथा शिक्षा को विषाक्त करने का प्रयास किया है। सोनिया गांधी-मनमोहन सिंह सरकार के नए-नए…

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बच्चों का पन्ना प्रजातंत्र का राजा

प्रजातंत्र का राजा

एक कहानी बड़ी पुरानी, कहती रहती नानी| शेर और बकरी पीते थे, एक घाट पर पानी| कभी शेर ने बकरी को, न घूरा न गुर्राया|…

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बच्चों का पन्ना चूहा भाई

चूहा भाई

सुबह सुबह चूहा भाई ने, संपादक को डांटा| “चार लेख भेजे थे मैंने, नहीं एक भी छापा|”   संपादक ने एक पत्रिका, उसकी तरफ बढ़ाई|…

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बच्चों का पन्ना खुला पुस्तकालय जंगल में

खुला पुस्तकालय जंगल में

बालवाटिका पढ़ पढ़कर, कालू बंदर हो गये विद्वान| इसी बात का हाथीजी ने ,शेर चचा का खींचा ध्यान| देखो तो यह कालू बंदर, पढ़ लिखकर…

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विविधा विवाह में सामाजिक दखल बंद हो

विवाह में सामाजिक दखल बंद हो

 अनूप आकाश वर्मा बात, पिछले वर्ष की है जब दिल्ली विश्वविद्यालय की एक दलित छात्रा ने अपने ही विभाग के विभागाध्यक्ष पर ये आरोप लगा…

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टॉप स्टोरी राष्ट्र से बड़ा नहीं अफजल ?

राष्ट्र से बड़ा नहीं अफजल ?

प्रमोद भार्गव सामंती युग में जिस तरह से देश के वजूद के प्रतीक दुर्ग हुआ करते थे और दुर्ग पर हमले का मतलब राष्ट्र पर…

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मीडिया लाई डिटेक्टर पर पत्रकारिता…

लाई डिटेक्टर पर पत्रकारिता…

डॉ. आशीष वशिष्ठ स्वतंत्रता की लड़ाई में जितनी लड़ाई स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों ने बंदूक और तलवार से लड़ी थी कमोबेश उतनी ही लड़ाई कलम…

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कविता अनुवर्त्ती रात

अनुवर्त्ती रात

 विजय निकोर दीवार पर दो घड़ियाँ लगा देने से रात कभी जल्दी नहीं कटती ।   कोई हादसा नया छोटा-सा, बड़ा-सा ढीठ और बेअदब संतरी-सा…

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खेल जगत सचिन की नीयत पर सवाल उठाने वाले मूर्ख

सचिन की नीयत पर सवाल उठाने वाले मूर्ख

-बी.पी. गौतम दुनिया को रंगमंच की तरह देखा जाए, तो यहाँ प्रत्येक इंसान रंगमंच की तरह ही भूमिका निभाता नज़र आता है। प्रत्येक इंसान के…

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सिनेमा सिनेमा और जनमानस का मनोविज्ञान – डॉ. प्रेरणा चतुर्वेदी

सिनेमा और जनमानस का मनोविज्ञान – डॉ. प्रेरणा चतुर्वेदी

सिनेमा वर्तमान युग में समस्त कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यमों में सबसे सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। किसी भी जाति, धर्म ,वर्ग , संस्कृति के लोगों…

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सिनेमा महात्मा गांधी और सिनेमा -डॉ. मनोज चतुर्वेदी

महात्मा गांधी और सिनेमा -डॉ. मनोज चतुर्वेदी

एक ऐसे व्यक्ति का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी है जिन्होंने भारत की मुक्ति का मंत्र ही नही दिया था बल्कि भारत के द्वारा संपूर्ण विश्व…

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