कविता नशा:राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’

नशा:राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’

सड़क किनारे पड़ी थी एक लाश उसके पास कुछ लोग बैठे थे बदहवाश | उनमे चार छोटे बच्चे और उनकी माँ थी , बूढ़े माँ…

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कविता तुम, मेरी देवी-विजय निकोर

तुम, मेरी देवी-विजय निकोर

भोर की अप्रतिम ओस में धुली निर्मल, निष्पाप प्रभात की हँसी-सी खिलखिला उठती, कभी दुपहर की उष्मा ओढ़े फिर पीली शाम-सी सरकती तुम्हारी याद रात…

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जन-जागरण क्या बाकियों के फंदे तैयार हैं?

क्या बाकियों के फंदे तैयार हैं?

 सिद्धाथ मिश्र‘स्वतंत्र’ मुंबई हमले के दोषी कसाब की फांसी ने जाहिर तौर पर देशवासियों को सुकून दिया है । इस विषय में सबसे महत्पूर्ण बात…

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विविधा जहाँ चप्पे चप्पे में सो रहा है इतिहास, वहाँ की नमन यात्रा

जहाँ चप्पे चप्पे में सो रहा है इतिहास, वहाँ की नमन यात्रा

डा कुलदीप चंद अग्निहोत्री भारत ितब्बत सहयोग मंच ने इस वर्ष से तवांग यात्रा की शुरुआत की है । तवांग अरुणाचल प्रदेश का अंतिम छोर…

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समाज बुरके के पीछे सिर्फ कट्टरपंथ

बुरके के पीछे सिर्फ कट्टरपंथ

अनिल अनुप नकाब, हिजाब या बुरके के पीछे सिर्फ मुस्सिम कट्टरपंथ की शिकार ही नहीं छिपी होती, बल्कि रेडिकल विचार भी पनप रहे होते हैं,…

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धर्म-अध्यात्म हुसैन दीन भी हैं दीन की पनाह भी हैं

हुसैन दीन भी हैं दीन की पनाह भी हैं

तनवीर जाफ़री इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर हज़रत मोहम्मद के नवासे तथा हज़रत अली के पुत्र इमाम हुसैन व उनके 72 परिजनों व साथियों की…

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विविधा पतन की राह पर अग्रसर संघ (भाग 3)

पतन की राह पर अग्रसर संघ (भाग 3)

पवन कुमार अरविंद यह मृत्यु लोक है। यहां आत्मा और कीर्ति को छोड़कर कुछ भी अमर नहीं है। यदि आप अच्छा कार्य करते हैं तो…

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विविधा पानी की इस बर्बादी को कौन रोकेगा…?

पानी की इस बर्बादी को कौन रोकेगा…?

 डॉ. आशीष वशिष्ठ तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा ये कोरी बयानबाजी या कल्पना नहीं है क्योंकि जिस तेजी से पीने के पानी के…

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समाज परंपराओं के अजीबोगरीब घालमेल

परंपराओं के अजीबोगरीब घालमेल

अनिल अनुप नसीब खान ने हाल ही में अपने बेटे प्रकाश सिंह की शादी राम सिंह की बेटी गीता से की. तीन महीने पहले हेमंत…

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आर्थिकी धनकुबेरों का कालाधन

धनकुबेरों का कालाधन

प्रमोद भार्गव अभी तक विदेशो में नेताओं और अधिकारियों का ही कालाधन जमा होने की जानकारियां जनचर्चा में थीं, लेकिन अरविंद केजरीवाल के नए खुलासे…

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राजनीति रोशनी में कपड़े बदलती कांग्रेस

रोशनी में कपड़े बदलती कांग्रेस

अरविंद जयतिलक अनुकूल परिस्थितियां तभी निर्मित होती है जब लक्ष्य का पता हो। लक्ष्य के विपरित दौड़ने वाला चूक जाता है। कांग्रेस लक्ष्य के विपरित…

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स्वच्छंदजी बोले

अशोक गौतम हम जैसों को तो नरक की न जिंदे जी चिंता होती है न मरने के बाद, क्योंकि हमें पता होता है कि हमें…

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