हम सेक्युलर हैं, क्योंकि —
Updated: October 5, 2012
विपिन किशोर सिन्हा हम सेक्युलर हैं, क्योंकि — १. हम भारत के संविधान में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करके अल्पसंख्यकों को आरक्षण देते हैं। २.…
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…मदद चाहती है ये हव्वा की बेटी
Updated: October 5, 2012
प्रणय विक्रम सिंह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और गुदड़ी के लाल लालबहादुर शास्त्री के अवतरण दिवस के दिन अर्थात 2 अक्टूबर को प्रात समाचार पत्र पढ़ते…
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भूख न मिटती पैसे की
Updated: October 5, 2012
चकाचौंध चकाचौंध है, चकाचौंध है पैसे की| किसी तरह से पैसा आये, चाहे आये जैसे भी| पैसे की दुनियाँ दीवानी, पैसे के सब मीत…
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पश्चिम बंगाल के बहाने
Updated: October 5, 2012
अरुण माहेश्वरी पश्चिम बंगाल की आज की दशा देख कर सचमुच काफी आश्चर्य होता है। कहावत है कि जैसा स्वामी वैसा दास। इसीप्रकार, कहा जा…
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मन को भा जानेवाले दिन
Updated: October 5, 2012
याद मुझे अक्सर आ जाते,आने,दो आने वाले दिन| दूध मलाई गरम जलेबी,और रबड़ी खाने वाले दिन|| तीस रुपये में मझले काका, दिल्ली तक होकर…
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पिज्जा बर्गर कभी न खाओ|
Updated: October 5, 2012
आओ आओ सब बच्चो आओ सबको, सच्ची बात बताओ| जोर जोर से सब चिल्लाओ पिज्जा बर्गर कभी न खाओ| फास्ट फूड के सेवन से…
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‘ देवपुत्र ‘ पढ़ पाऊँ हर दिन
Updated: October 5, 2012
मुझको चंदा पर जाना है मुझको यान दिला दो न माँ| एक अटेची नई दिला दो ट्रेक सूट सिलवा दो न माँ| टिफिन बाक्स…
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बच्चों के चेहरे चेहरे पर जगह जगह पर राम लिखा है
Updated: October 5, 2012
बच्चों के चेहरे चेहरे पर जगह जगह पर राम लिखा है| कहीं कहीं पर कृष्ण लिखा है कहीं कहीं बलराम लिखा है| अल्लाह अल्लाह…
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बिहार आज भी है …………|
Updated: October 3, 2012
जीवन प्रकाश शांति के दूत गौतम बुद्ध और सम्राट अशोक की पावन धरती बिहार से अपनी रोजी-रोटी चलाने व उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए…
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खुशियों के कुछ पलों के लिए
Updated: October 3, 2012
बलबीर राणा “भैजी” खुशियों के कुछ पलों के लिए घोंसले में चहकता है पंछी पंखो के बाहुपाश में समेटता चमन को । चोंच टकराता घरोंदे…
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आस्था
Updated: October 3, 2012
बीनू भटनागर मेरी आस्था मेरी पूजा का नाता मन मस्तिष्क से है, और है आत्मा से। मेरी पूजा मे ना पूजा की थाली है,…
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शास्त्री जी को इस कहानी से छुट्टी दो…
Updated: October 3, 2012
अरुण कान्त शुक्ला किसी गाँव में रहने वाला एक छोटा लड़का अपने दोस्तों के साथ गंगा नदी के पार मेला देखने गया। शाम को वापस…
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