जरूर पढ़ें विकासशील देश और सांस्कृतिक साम्राज्यवाद

विकासशील देश और सांस्कृतिक साम्राज्यवाद

 राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’ साम्राज्यवाद (Imperialism) वह दृष्टिकोण है जिसके अनुसार कोई महत्त्वाकांक्षी राष्ट्र अपनी शक्ति और गौरव को बढ़ाने के लिए अन्य देशों के प्राकृतिक…

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जन-जागरण बिहार की विकास गाथा का एक पहलू यह भी…..

बिहार की विकास गाथा का एक पहलू यह भी…..

तनवीर जाफ़री पूरे देश में इस समय धूम मची हुई है कि देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बिहार प्रगति के पथ पर तेज़ी से…

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राजनीति सन्देह के घेरे में अरविन्द केजरीवाल

सन्देह के घेरे में अरविन्द केजरीवाल

विपिन किशोर सिन्हा दिनांक ६ दिसंबर को अन्ना हजारे जी ने अरविन्द केजरीवाल के विरुद्ध जो वक्तव्य दिया उससे अरविन्द केजरीवाल की निष्ठा सन्दिग्ध हुई…

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कविता Default Post Thumbnail

मैं … शीर्षकहीन !

विजय निकोर तुम ! तुम्हारा आना था मेरे लिए जीवनदायी सूर्य का उदित होना, और तुम्हारा चले जाना था मेरे यौवन के वसंतोत्सव में एक…

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गजल प्यार है लाज़िमी ज़िंदगी के लिये…..

प्यार है लाज़िमी ज़िंदगी के लिये…..

इक़बाल हिंदुस्तानी तुमने उनको चुना रहबरी के लिये, वो जो मशहूर हैं रहज़नी के लिये।   सिर्फ जज़्बातो ताक़त ही काफी नहीं, हौंसला चाहिये दुश्मनी…

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कविता सम्प्रेषण और भंगिमाएं

सम्प्रेषण और भंगिमाएं

सम्प्रेषण और भंगिमाएं दोनों की सीमाओं पर सतत निरंतर आँखों का सदा ही बना रहना और पता चल जानें से लेकर प्रकट हो जानें तक…

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राजनीति येदि के बिना भी भाजपा लगाएगी सीटो की शतक

येदि के बिना भी भाजपा लगाएगी सीटो की शतक

संजय swadesh राजनीति के समझदार कह रहे हैं कि येदियुरप्पा के भाजपा से जाने के बाद पार्टी को करारा झटका मिलेगा, लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ…

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महत्वपूर्ण लेख मॅक्स मूलर का पत्र और संस्कृत की प्रेरणा -डॉ. मधुसूदन

मॅक्स मूलर का पत्र और संस्कृत की प्रेरणा -डॉ. मधुसूदन

मॅक्स मूलर ने, I C S ( Indian Civil Service) की परीक्षा के हेतु तैय्यार होने वाले युवाओं के सामने १८८० के आस पास, केम्ब्रिज…

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आर्थिकी एफडीआई के दूरगामी परिणाम बेहद घातक

एफडीआई के दूरगामी परिणाम बेहद घातक

बीपी गौतम विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफडीआई) देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन आम आदमी एफडीआई के बारे में इतना सब…

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कविता कविता – उम्र का हिसाब

कविता – उम्र का हिसाब

कितने बदल चुके हैं सिकुड़े हुए अंतरिक्ष में मौन तिलक लगाकर मेहराब से टूटता कोई पत्थर कि युगों पुराना अदृश्य हाथ पसीने से सरोबार होकर…

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कविता जो कह चूका गीत उसे भी न भूल जाओ

जो कह चूका गीत उसे भी न भूल जाओ

तुम्हे मेरे सपनो में अब भी देखा करता हूँ कभी भी यहाँ वहाँ पहले की ही तरह अब भी भटका करता हूँ .. नहीं होते…

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कविता लाखो घर बर्बाद हो गये इस दहेज़ की बोली में ,

लाखो घर बर्बाद हो गये इस दहेज़ की बोली में ,

लाखो घर बर्बाद हो गये इस दहेज़ की बोली में , अर्थी चड़ी बहुत कन्याये बैठ न पाई डोली में , कितनो ने अपनी कन्यायो…

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