शख्सियत नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के साथी “क्रांतिकारी मोहन लहरी” नहीं रहे – विनम्र श्रद्धांजलि

नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के साथी “क्रांतिकारी मोहन लहरी” नहीं रहे – विनम्र श्रद्धांजलि

राजीव रंजन प्रसाद अभी-अभी यह दु:खद सूचना मिली है कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के साथी “क्रांतिकारी मोहन लहरी” नहीं रहे। श्री मोहन लहरी…

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राजनीति कठपुतलियों के हाथ में है देश

कठपुतलियों के हाथ में है देश

लोकेन्द्र सिंह  देश का वर्तमान परिदृश्य देखकर लगता नहीं हम आजाद हैं। आजादी के ६६वें सालगिरह पर मनाई पार्टी का भी खुमार नहीं चढ़ा। देश…

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राजनीति स्वाभाविक नेतृत्व के सवाल

स्वाभाविक नेतृत्व के सवाल

पवन कुमार अरविंद भारत के मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी; दो ही दल ऐसे हैं जिनकी…

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आर्थिकी देश के पांच दामाद

देश के पांच दामाद

विकास गुप्ता देश के हालात बहुत बद्तर हो चुके है। इसे हम घटिया भी कहे तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी। हमारे समाज में सब चलता…

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कविता जनतंत्र के रंगमंच पर

जनतंत्र के रंगमंच पर

प्रभा मुजुमदार दृश्‍यपटल पर तेजी से अंक बनते है और बिगड़ते है. समीकरणों की दायीं और बायीं इबारते लिखी/मिटायी जा रही है यह नीलामी /मोलभाव…

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राजनीति भाजपा की धार को भोंटा कर दिया केजरीवाल ने

भाजपा की धार को भोंटा कर दिया केजरीवाल ने

तेजवानी गिरधर समाजसेवी अन्ना हजारे के खास सिपहसालार अरविंद केजरीवाल ने देश की राजधानी दिल्ली सहित अनेक शहरों में विरोध प्रदर्शन करवा कर जहां कांग्रेस…

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कविता कविता – भविष्य

कविता – भविष्य

मोतीलाल मैंने अपने ढंग से रची है एक कविता पूरी कविता घुमती है उन अंधी सुरंगों की गलियों मेँ जहाँ नहीं पड़े कभी भी मानव…

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कविता नीड़ के तिनकों में फंसे नीदों के टुकड़े

नीड़ के तिनकों में फंसे नीदों के टुकड़े

कही अनकही कुछ कहानियों में बसा, फँसा परिंदा पंखों पर लिए अपार भार यहाँ वहाँ से उड़ने को उद्दृत कुछ शब्दों से उलझता कुछ अर्थों…

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राजनीति तीसरे मोर्च के लिए बेचैन मुलायम

तीसरे मोर्च के लिए बेचैन मुलायम

संजय सक्सेना 2014 में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा,इस बात का अंदाजा लगाना आसान नहीं है।जनता कॉंग्रेस शासन से त्रस्त तो है लेकिन उसे…

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सांप्रदायिकता से कैसे निपटे -भारत

 आर.एल.फ्रांसिस इसी 24 अगस्त को कंधमाल के सांप्रदायिक दंगों को चार वर्ष पूरे हो जाएंगे, पर लगता है कि इन चार वर्षो में हमने कुछ…

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राजनीति सरकार का अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला

सरकार का अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला

राजीव गुप्ता भारत एक लोकतान्त्रिक देश है. लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाने में हम बहुत ही सौभाग्यशाली रहे क्योंकि हमें लोकतंत्र अपनाने के लिए विश्व के अन्य…

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आर्थिकी क्या प्रधानमंत्री का पद संविधान से बड़ा होता है?

क्या प्रधानमंत्री का पद संविधान से बड़ा होता है?

सिद्घार्थ  मिश्र अपने दूसरे कार्यकाल के आने तक केन्द्र के प्राय: सभी मंत्री अपनी विष्वसनीयता खो चुके हैं । आमजन की रही सही आशा प्रधानमंत्री…

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