शख्सियत माई एहा पूत जण जेहा दुर्गादास

माई एहा पूत जण जेहा दुर्गादास

 13 अगस्त वीर दुर्गादास जयंती पर विशेष भारतीय इतिहास में वीर शिरोमणि दुर्गादास के नाम को कभी परिचय की आवश्यकता नहीं रही. मारवाड़ के इस…

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गजल देख दौलत की खनक हम भी फिसल सकते थे…..

देख दौलत की खनक हम भी फिसल सकते थे…..

इक़बाल हिंदुस्तानी   सबको संग लेके बड़ी दूर निकल सकते थे, तूने चाहा ही नहीं हालात बदल सकते थे।   तुम तो उलझे रहे वंदना…

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राजनीति ‘क्रांति अन्ना’ की असफलता के निहितार्थ

‘क्रांति अन्ना’ की असफलता के निहितार्थ

तनवीर जाफ़री गत् तीन दशकों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुखरित होकर अपनी आवाज़ बुलंद करने वाले तथा गांधीवादी सिद्धांतों पर चलते हुए अनशन व सत्याग्रह…

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कविता कविता:थार रेगिस्तान से….

कविता:थार रेगिस्तान से….

बीनू भटनागर रेत के टीले रेत का सागर, मीलो तक इनका विस्तार, तेज़ हवा से टीले उड़कर, पंहुच रहे कभी दूसरे गाँव, दूर दूर बसे…

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कविता कविता:ये मेरा देश

कविता:ये मेरा देश

राजेश कुमार ये मेरा देश है, जहां अजीब से किस्से होते हैं रोने वाली बात पर हंसते हैं लोग, और चुटकुलों पर रोते हैं बदलाव…

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चिंतन व्यक्तित्व को ढालना है हमारे हाथ

व्यक्तित्व को ढालना है हमारे हाथ

डॉ. दीपक आचार्य व्यक्तित्व को ढालना है हमारे हाथ रचनात्मक बनायें या विध्वंसात्मक व्यक्तित्व का निर्माण व्यक्ति के अपने हाथ में होता है। इसे वह…

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कविता कविता – महानगर के मायने

कविता – महानगर के मायने

मोतीलाल यहाँ मुझे कोई नहीँ पहचानता आकाश की तरह शून्य   यहाँ मुझे कोई नहीँ जानता हवाओँ की तरह मुक्त   यहाँ मुझे कोई नहीँ…

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हिंद स्‍वराज कैसे कहूं ‘मेरा भारत’ “महान” !

कैसे कहूं ‘मेरा भारत’ “महान” !

मेरा भारत महान…… ! हर ट्रक के पीछे लिखने का जारी हुआ फरमान, एक ट्रक ड्राईवर ने फरमान निभाते हुआ लिखा अपने ट्रक के पीछे,…

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राजनीति विभाजन की वो अस्थायी मजबूरी…

विभाजन की वो अस्थायी मजबूरी…

1947 के भारत विभाजन की घटना को बीते साढ़े छह दशक का समय हो गया है। कुछ लोगों के हृदय में विभाजन की पीड़ा का…

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मीडिया पाक राष्ट्रपति के नजराने पर विवाद

पाक राष्ट्रपति के नजराने पर विवाद

तेजवानी गिरधर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की ओर से पिछले दिनों दरगाह जियारत के दौरान पांच करोड़ का नजराना दिए जाने की घोषणा…

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राजनीति अन्ना आन्दोलन को असफल कहना एक सफ़ेद झूठ

अन्ना आन्दोलन को असफल कहना एक सफ़ेद झूठ

डॉ. राजेश कपूर, पारंपरिक चिकित्सक अन्ना आन्दोलन की सबसे बड़ी विजय जनमत को जगाने की है. ९६% जनमत का समर्थन एक अभूतपूर्व सफलता है जिसे…

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महत्वपूर्ण लेख राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार मुस्लिमपरस्त क्यों होते हैं?

राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार मुस्लिमपरस्त क्यों होते हैं?

(एक हजार हिन्दुओं का कत्ल करो – राजदीप सरदेसाई) विष्णुगुप्त आईबीएन सेवन के चीफ राजदीप सरदेसाई की असम दंगे पर एक खतरनाक, वीभत्स, रक्तरंजित और…

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