व्यंग्य हिंदी बनाम अंग्रेज़ी…..

हिंदी बनाम अंग्रेज़ी…..

इक़बाल हिंदुस्तानी हिंदीवाले सीधेसादे भोलेभाले, अंग्रेज़ीवाले रौब मारते बैठेठाले।   राष्ट्रभाषा की करते हैं उपेक्षा, विदेशीभाषा से रखते हैं अपेक्षा।   साल में एक दिन…

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चिंतन हम धार्मिक हैं कहां, धर्म का केवल ढोंग ही तो करते हैं!

हम धार्मिक हैं कहां, धर्म का केवल ढोंग ही तो करते हैं!

इक़बाल हिंदुस्तानी भगवान का डर होता तो क्या उसके बताये रास्ते पर नहीं चलते? तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा ने हम भारतीयों पर बड़ा सामयिक सवाल…

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विविधा कमज़ोर नहीं है हिन्दी

कमज़ोर नहीं है हिन्दी

राघवेन्द्र कुमार ”राघव” हर बार की तरह इस बार भी १४ सितम्बर हिन्दी की याद दिला गया | हिन्दी का विकास हो रहा है ,…

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समाज क्या युवा-प्रेम, सच में प्रेम है?

क्या युवा-प्रेम, सच में प्रेम है?

 पियुष द्विवेदी ‘भारत’ मेरे एक मित्र ने मुझसे कहा कि वो एक लड़की से बहुत प्यार करता है! उसके बिना नही रह सकता! तब मैंने…

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राजनीति अनूप की वापसी और उससे जुड़े गुणा-लाभ

अनूप की वापसी और उससे जुड़े गुणा-लाभ

सिद्धार्थ शंकर गौतम वरिष्ठ भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा की शिवराज मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित वापसी आखिरकार हो ही गई| शुक्रवार को राजभवन में…

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राजनीति चाबुक पर चाबुक…

चाबुक पर चाबुक…

कुलदीप सिंह राघव केंद्र सरकार जनता पर अपना खूब चाबुक चला रही है। बेचारी जनता जब तक पहले चाबुक के जख्म को भर पाती है…

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राजनीति वर्तमान राजनीतिक तंत्र आपातकाल से भी ज्यादा खौफनाक है

वर्तमान राजनीतिक तंत्र आपातकाल से भी ज्यादा खौफनाक है

लालकृष्ण आडवाणी पिछले साठ वर्षों से भारत स्वतंत्र है। नागरिक आजादी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दमन के संदर्भ में, मैं आपातकाल की अवधि 1975-77…

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विविधा हिंदी का सफ़र: अर्श से फर्श तक ….

हिंदी का सफ़र: अर्श से फर्श तक ….

प्रशांत राय हिंदी हमारी राज भाषा होने के साथ साथ विश्व की चौथी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है | यह विश्व के लगभग ३०…

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विविधा हिन्दी के ह्रास का सबब बनी ‘हिंग्लिश’

हिन्दी के ह्रास का सबब बनी ‘हिंग्लिश’

राजेश कश्यप 14 सितम्बर/राष्ट्रीय हिन्दी दिवस विशेष   आजकल राष्ट्रभाषा हिन्दी बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है। वैश्विक पटल पर अपनी प्रतिष्ठा को अक्षुण्ण बनाए…

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महिला-जगत स्त्री-सौंदर्य में नाखून की महत्ता

स्त्री-सौंदर्य में नाखून की महत्ता

सारदा बनर्जी हज़ारी प्रसाद द्विवेदी ने ‘नाखून क्यों बढ़ते हैं’ नामक अपने निबंध में नाखून से जुड़े तमाम मुद्दों और पहलुओं को उठाया हैं। इस…

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परिचर्चा परिचर्चा : पदोन्नति में आरक्षण

परिचर्चा : पदोन्नति में आरक्षण

गत 4 सितम्‍बर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण देने के प्रावधान वाले प्रस्ताव को…

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जन-जागरण हिंदी की इस दशा के हम गवाह ही नहीं दोषी भी है !

हिंदी की इस दशा के हम गवाह ही नहीं दोषी भी है !

हिंदी दिवस पर विशेषः- शादाब जफर ‘‘शादाब’’ आज हिंदी जिस बुरे दौर से गुजर रही है हम इस के गवाह भी है और गुनाहगार भी।…

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