गजल:इंसानियत-श्यामल सुमन
Updated: May 26, 2012
इंसानियत ही मज़हब सबको बताते हैं देते हैं दग़ा आकर इनायत जताते हैं उसने जो पूछा हमसे क्या हाल चाल है लाखों हैं बोझ…
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कविता:संवाद-श्यामल सुमन
Updated: May 26, 2012
काम कितना कठिन है जरा सोचना। गाँव अंधों का हो आईना बेचना।। गीत जिनके लिए रोज लिखता मगर। बात उन तक न पहुँचे तो…
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मायावती सरकार के घोटाले
Updated: May 26, 2012
राकेश कुमार आर्य भारत में राजनीति जैसे पवित्र मिशन को जब से कुछ लोगों ने व्यवसाय बनाया है, तब से यह मिशन न होकर घृणास्पद…
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काले धन पर श्वेत पत्र, सरकार की तरह कमजोर
Updated: May 26, 2012
शादाब जफर ‘‘शादाब’’ शादाब जफर ‘‘शादाब’’ केंद्र सरकार ने काले धन के विस्तार पर रोक लगाने के लिये सोमवार 21 मई को लोकसभा के पटल…
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४० का तेल ८० में बेच रही हैं देश की कल्याणकारी सरकारें
Updated: May 26, 2012
विनायक शर्मा कांग्रेस के मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रीत्व में चल रही यूपीऐ की सरकार के दूसरे कार्यकाल की गलत नीतियों के कारण देश की आम…
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शब्द वृक्ष तीन-डॉ. मधुसूदन
Updated: June 6, 2012
एक: ध्वनि-परिवर्तन पाठक जानते ही होंगे, कि, हमारे हिन्दी-संस्कृत शब्दों के उच्चारण युरप की भाषाओं में बदल जाते हैं, उस का एक मूल कारण है,…
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नितिन गडकरी पर हावी हैं वसुंधरा व मोदी
Updated: May 26, 2012
कांग्रेस कमजोर, मगर खुद अपने में उलझी है भाजपा एक ओर जहां केंद्र की यूपीए सरकार भ्रष्टाचार, घोटाले और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की वजह…
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मनमोहन सिंह सरकार-2, की असफलता के बीते हुए तीन वर्ष
Updated: May 25, 2012
1947 में जब देश आजाद हुआ था तो लोगों ने स्वराज्य में अपने विकास का नया सपना संजोया था। सोचा था कि अपनी जमीं और…
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डॉ.जगदीश्वर चतुर्वेदी को साहित्य का कौमी एकता अवार्ड-2012
Updated: June 6, 2012
कोलकाताः ऑल इंडिया कौमी एकता मंच की ओर से प्रतिवर्ष दिया जाने वाला कौमी एकता अवार्ड स्थानीय कला मंदिर सभाकार में आयोजित एक भव्य समारोह…
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सत्यमेव जयते
Updated: May 25, 2012
वीरेन्द्र जैन सत्यमेव जयते सम्वेदनात्मक ज्ञान की भेदक क्षमता और मीडिया के सदुपयोग का उदाहरण जयप्रकाश आन्दोलन और इमरजैंसी के दौरान अपनी गज़लों के माध्यम…
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देवेन्द्र स्वरूप जी से डा. मनोज चतुर्वेदी एवं डा. प्रेरणा चतुर्वेदी की बातचीत.
Updated: October 6, 2013
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक, पांचजन्य के पूर्व संपादक तथा वरिष्ठ इतिहासकार देवेन्द्र स्वरूप जी भारतीय इतिहास तथा संस्कृति के गहन अध्येता है। 88…
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क्रांतिकारियों का वो वन्दनीय आध्यात्मिक राष्ट्रवाद
Updated: May 25, 2012
वीरता का निन्दन और कायरता का वंदन केवल भारत में ही होता है। 1947 के क्षितिज पर तनिक मेरी आंखों में आंख डालकर देखो तो…
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