राजनीति आवाजाही के हक में / ओम थानवी

आवाजाही के हक में / ओम थानवी

 ओम थानवी  इंटरनेट बतरस का एक लोकप्रिय माध्यम बन गया है। घर-परिवार से लेकर दुनिया-जहान के मसलों पर लोग सूचनाओं, जानकारियों, विचारों का आदान-प्रदान करते…

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गजल गजल:दीपक-श्यामल सुमन

गजल:दीपक-श्यामल सुमन

जिन्दगी में इश्क का इक सिलसिला चलता रहा लोग कहते रोग है फिर दिल में क्यों पलता रहा   आँधियाँ थीं तेज उस पर तेल…

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महत्वपूर्ण लेख कम्युनिज्म का अन्तर्द्वन्द्व, विरोधाभास और विफलता-१

कम्युनिज्म का अन्तर्द्वन्द्व, विरोधाभास और विफलता-१

विपिन किशोर सिन्हा शोषणविहीन और समतामूलक समाज के सपने के साथ शुरू हुआ कार्ल मार्क्‍स प्रणीत कम्‍युनिज्‍म जल्‍द ही पूरी दुनिया में फैल गया। युवाओं…

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विविधा ‘मधुभाई की रचनाएं शोधपरक और प्रेरणाप्रद होती हैं’

‘मधुभाई की रचनाएं शोधपरक और प्रेरणाप्रद होती हैं’

प्रो. (डॉ.) मधुसूदन जी अमेरिका में रहते हैं और प्रारंभ से ही प्रवक्‍ता डॉट कॉम से जुड़े हुए हैं। अपनी सारगर्भित टिप्‍पणियों से लेखकों का…

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आर्थिकी भूअधिग्रहण पर संसदीय समिति की सिफारिशें

भूअधिग्रहण पर संसदीय समिति की सिफारिशें

भूमि अधिग्रहण पर संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि किसी भी प्रकार की कृषि योग्य भूमि चाहे वह सिंचित हो या असिंचित के अधिग्रहण…

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राजनीति “हिंदुत्व” से “मोदित्व” की ओर बढ़ती भाजपा?

“हिंदुत्व” से “मोदित्व” की ओर बढ़ती भाजपा?

तनवीर जाफ़री पिछले दिनों मुंबईं में भारतीय जनता पाटा की राष्ट्रीय कार्यंकारिणी की दो दिवसीय बैठक सम्पन्न हुईं। बजाय इसके कि इस कार्यंकारिणी की बैठक…

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राजनीति जगन की अदावत कहीं भारी न पड़ जाए कांग्रेस को

जगन की अदावत कहीं भारी न पड़ जाए कांग्रेस को

 सिद्धार्थ शंकर गौतम कभी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के ख़ास क्षत्रप वाईएस राजशेखर रेड्डी के पुत्र जगनमोहन रेड्डी से कांग्रेस की बीते २ वर्षों से…

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कहानी टिटलागढ की एक रात

टिटलागढ की एक रात

बात कई साल पुरानी है .जब मेरी नयी नयी नौकरी नागपुर में लगी थी .मैं एक सेल्समेन था और मुझे बहुत टूर करना पड़ता था.…

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आलोचना परवर्ती पूंजीवाद और साहित्येतिहास-भाग-2

परवर्ती पूंजीवाद और साहित्येतिहास-भाग-2

जगदीश्वर चतुर्वेदी उत्तर आधुनिकतावादी विकास का प्रधान लक्षण है व्यवस्थागत भ्रष्टाचार,नेताओं में संपदा संचय की प्रवृत्ति, अबाधित पूंजीवादी विकास,उपभोक्तावाद की लंबी छलांग और संचार क्रांति।…

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आलोचना परवर्ती पूंजीवाद और साहित्येतिहास- भाग-1

परवर्ती पूंजीवाद और साहित्येतिहास- भाग-1

जगदीश्वर चतुर्वेदी हिंदी साहित्य का प्रचलित इतिहास अधूरा है। रामचन्द्र शुक्ल का इतिहास हो या हजारीप्रसाद द्विवेदी का लिखा इतिहास हो। इन दोनों में अधूरापन…

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गजल गजल:पहलू-श्यामल सुमन

गजल:पहलू-श्यामल सुमन

मुस्कुरा के हाल कहता पर कहानी और है जिन्दगी के फलसफे की तर्जुमानी और है   जिन्दगी कहते हैं बचपन से बुढ़ापे का सफर लुत्फ…

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कविता कविता:खिलौना-श्यामल सुमन

कविता:खिलौना-श्यामल सुमन

देख के नए खिलौने, खुश हो जाता था बचपन में। बना खिलौना आज देखिये, अपने ही जीवन में।।   चाभी से गुड़िया चलती थी, बिन…

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