आधुनिकता बनाम परिवार
Updated: December 6, 2011
परिवार की हमारी पारम्परिक अवधारणा और संरचना को आधुनिकता के ज्वार के कारण काफी तनाव का सामना करना पड रहा है । मनुष्य एक ही…
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नरेंद्र भाई अभी दिल्ली दूर है…
Updated: December 6, 2011
श्रीराम तिवारी भारत में राजनीति को कुआँर की कुतिया समझ कर सरे राह लतियाने वालों में दिग्भ्रमित विपक्ष और टी आर पी रोग से पीड़ित…
Read more”पिट कर नहीं, पीट कर आओ, लोगों को घेर कर मारो”
Updated: December 6, 2011
गिरीश पंकज ”पिट कर नहीं, पीट कर आओ, लोगों को घेर कर मारो” . यह ”महान” प्रेरक वाक्य किसी तानाशाह का नहीं, लोकशाही के एक…
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बाबा रामदेव की हुंकार में समझदारी
Updated: December 6, 2011
प्रमोद भार्गव महारानी लक्ष्मीबाई की कर्मस्थली रही झांसी से बाबा रामदेव ने कालाधन वापिस लाने की जो हुंकार भरी है, वह अब समझदारी का पर्याय…
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वक्तव्य की तैयारी
Updated: December 6, 2011
विजय कुमार भारत सरकार चाहती है कि देश में शांति रहे। देश में भले ही न रहे; पर दिल्ली में अवश्य रहे, चूंकि राजधानी होने…
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महंगाई ‘डायन’ है कि सरकार
Updated: December 6, 2011
राजकुमार साहू महंगाई पर हम बेकार की तोहमत लगाते रहते हैं। अभी जब बाजार में सामग्रियां सातवें आसमान में महंगाई की मार के कारण उछलने…
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भारत माता के देश में लाचार है जननी
Updated: December 6, 2011
लिमटी खरे दुनिया के चौधरी अमेरिका की मशहूर पत्रिका न्यूजवीक ने एक सर्वे कराया है जिसमें भारत गणराज्य में महिलाओं की दयनीय स्थिति का वर्णन…
Read moreगजलें
Updated: December 6, 2011
आदमी के खून का ही आदमी प्यासा मिला गॉव से पहुंचा बाहर तो हर तरफ धोखा मिला सेठ के बच्चे खिला कर घर जो…
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प्रधानमंत्री पद के लिए बिछती शतरंजी बिसातें
Updated: December 6, 2011
निर्मल रानी अगले लोकसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए सभी राजनैतिक दल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के तरह-तरह के फार्मूले तलाश करने लगे…
Read moreसरकार गरीबी नहीं गरीबों को हटाना चाहती है!
Updated: December 6, 2011
इक़बाल हिंदुस्तानी पूंजीवादी नीतियों पर चलकर तो यही होना स्वाभाविक है! अगर कोई आदमी बीमार हो और उसे यही पता नहीं लगे कि उसको क्या…
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‘मौनमोहन’ से मिन्नतें
Updated: December 6, 2011
राजकुमार साहू हे ‘मौनमोहन’, आपको सादर नमस्कार। आप इतने निरा मन से क्यों अपना राजनीतिक चक्र घुमा रहे हैं। जिस ताजगी के साथ आपने देश…
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