राजनीति अन्ना तुम तो सही हो पर…

अन्ना तुम तो सही हो पर…

किशोर बड़थ्वाल अन्ना तुम फिर से हमारा आह्वान कर के जंतर मंतर पर जा रहे हो, हम फिर से आ जायेंगे लेकिन कहीं कुछ टीस…

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खेल जगत खेलों में बढ़ती डोपिंग प्रवृति

खेलों में बढ़ती डोपिंग प्रवृति

श्याम नारायण रंगा ‘अभिमन्यु’ जब से मानव सभ्यता अस्तित्व में आई है तब से खेलों का प्रादुर्भाव हुआ है। मानव ने अपने अस्तित्व के साथ…

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मीडिया मीडिया विमर्श का उर्दू पत्रकारिता पर केंद्रित अंक प्रकाशित

मीडिया विमर्श का उर्दू पत्रकारिता पर केंद्रित अंक प्रकाशित

भोपाल,2 जुलाई, 2011। जनसंचार के सरोकारों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका मीडिया विमर्श का ताजा अंक (जून,2011) उर्दू पत्रकारिता के भविष्य पर केंद्रित है। इस अंक…

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समाज मंहगाई का बोझ लादती कांग्रेस

मंहगाई का बोझ लादती कांग्रेस

सत्येन्द्र सिंह भोलू हिन्दुस्तान पहले से ही भीषण महंगाई से त्रस्त था ऊपर से केन्द्र की यू0पी0ए0 सरकार ने गैस 50 रूपये, डीजल 3 रूपयें,…

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व्यंग्य जय हो बदलीराम की

जय हो बदलीराम की

पंडित सुरेश नीरव समाज सेवी बदलीरामजी के नागरिक अभिनंदन का धुआंधार जलसा बड़े जोर-शोर से आज संपन्न हुआ। शहर के स्थानीय लोग इसे जिले स्तर…

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व्यंग्य लाइट दा मामला

लाइट दा मामला

पंडित सुरेश नीरव लाइट के मामले को कभी लाइटली नहीं लेना चाहिए। खासकर के यूपी और बिहार के लोगों को। क्योंकि उनके लिए तो लाइट…

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महिला-जगत ईसाई धर्म और नारी मुक्ति / प्रो. कुसुमलता केडिया

ईसाई धर्म और नारी मुक्ति / प्रो. कुसुमलता केडिया

प्रो. कुसुमलता केडिया क्रिश्चिएनिटी की जिन मान्यताओं के विरोध में यूरोपीय नारी मुक्ति आंदोलन वीरतापूर्वक खड़ा हुआ, वे मान्यताएं हिन्दू धर्म, बौध्द धर्म तथा विश्व…

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पुस्तक समीक्षा पुस्‍तक चर्चा : स्त्रीत्व धारणाएँ एवं यथार्थ, लेखिका-कुसुमलता केडिया

पुस्‍तक चर्चा : स्त्रीत्व धारणाएँ एवं यथार्थ, लेखिका-कुसुमलता केडिया

पृष्ठ : 180 मूल्य : $13.95 प्रकाशक : विश्वविद्यालय प्रकाशन आईएसबीएन : 978-81-7124-680 प्रकाशित : जनवरी ०१, २००९ पुस्तक क्रं : 7584 मुखपृष्ठ : सजिल्द…

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राजनीति मुस्लिम समाज का दर्द

मुस्लिम समाज का दर्द

डॉ. मनीष कुमार बिहार में आश्चर्यजनक चीजें होती हैं. मुसलमानों की समस्याओं पर सेमिनार हो, वक्ता राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता हों और…

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राजनीति गंवाए गए दो अवसर, छ: विनाशकारी नतीजे

गंवाए गए दो अवसर, छ: विनाशकारी नतीजे

लालकृष्ण आडवाणी शहीद उसे कहा जाता है जो शत्रु देश के विरूद्ध लड़ते हुए युध्द क्षेत्र में अपने जीवन का बलिदान देता है। डॉ. मुकर्जी…

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विविधा डॉ. मुकर्जी बलिदान दिवस

डॉ. मुकर्जी बलिदान दिवस

लालकृष्ण आडवाणी विशुद्ध ऐतिहासिक रुप से जून का महीना अत्यन्त महत्वपूर्ण है। भाजपा में हमारे लिए इसकी अनेक तिथियां कभी न भूलने वाली हैं। मैं…

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कला-संस्कृति मध्य प्रदेश द्वारा की गई एक प्रशंसनीय सांस्कृतिक पहल

मध्य प्रदेश द्वारा की गई एक प्रशंसनीय सांस्कृतिक पहल

लालकृष्‍ण आडवाणी एक अकेले कलाकार द्वारा दर्शर्कों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले एक घंटे के एकल नाटक को सर्वप्रथम देखने का अवसर मुझे सत्तर वर्ष…

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