जनसांख्यिकी युद्ध का दबाव
Updated: December 5, 2011
शंकर शरण केरल का कैथोलिक चर्च आगामी चौदह नवंबर ऐसे 5,000 दंपतियों को सम्मानित करेगा, जिनके 5 से अधिक बच्चे हैं। ‘परिवार बढ़ाओ’ के नारे…
Read more
सरकार का बौखलाना तो लाजमी है
Updated: December 5, 2011
राजीव गुप्ता जनाब आजकल की फिजां ही ऐसी है ! वर्तमान सरकार की जगह अगर कोई भी होता तो शायद अपना आत्म – संतुलन खो…
Read more
नये राजनैतिक ध्रुवीकरण की संभावनाएँ पुनर्जीवित
Updated: December 5, 2011
श्रीराम तिवारी अति-उन्नत वैज्ञानिक-सूचना एवं संचार क्रांति की बदौलत धरती पर यह बहुत तीव्रगामी परिवर्तनों की लालसा का दौर है. अपने बाह्यरूप -आकार में चीजें…
Read more
बढ़ता क्रेज राजनैतिक यात्राओं का
Updated: December 5, 2011
संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में राजनीति का एक नया टे्रंड चल निकला है। अब कहीं बड़ी-बड़ी जन सभाएं नहीं दिखतीं। सुविधा भोगी नेता जनता को…
Read more
जार्ज बुश को नहीं छोड़ रहा उनके युद्ध अपराधों का भूत
Updated: December 5, 2011
तनवीर जाफ़री धरती पर पर्यावरण असंतुलन की बात हो या अमेरिका में आई भारी आर्थिक मंदी की या फिर बढ़ती हुई ग्लोबल वार्मिंग में हिस्सेदारी…
Read more
पूंजीवादी-साम्राज्यवादी व्यवस्था के विरोधी, समाजवादी-देशभक्त ,सच्चे आशिक थे मजाज़
Updated: December 5, 2011
अरविन्द विद्रोही १९ अक्टूबर ,१९११ को रुदौली तत्कालीन अवध प्रान्त वर्तमान में फैजाबाद जनपद में चौधरी सिराजुल हक़ के पुत्र रूप में जन्मे असरारुल हक़…
Read more
हिसार उपचुनाव में कांग्रेस…..तो अगले चुनाव में कौन ?
Updated: December 5, 2011
विनायक शर्मा मतों की गणना के बाद हिसार लोकसभा उपचुनाव का नतीजा वही आया जिसका अनुमान जनता और पूर्वानुमान सर्वेक्षणों में लगाया जा रहा था.…
Read more
देश की अखंडता और अन्ना का मौन
Updated: December 5, 2011
विपिन किशोर सिन्हा भ्रष्टाचार के खिलाफ़ जनलोकपाल बिल के लिए अन्ना हजारे ने अप्रिल, २०११ में दिल्ली के जन्तर-मन्तर में आमरण अनशन किया। मंच की…
Read more
हिसार में रंग लाई अन्ना की मुहिम
Updated: December 5, 2011
प्रमोद भार्गव आखिर हिसार में अन्ना दल की मुहिम रंग ले आई। कांग्रेस उम्मीदवार जयप्रकाश की जमानत जब्त हो जाने से यह रंग और गहरा…
Read more
कहो कौन्तेय-४३
Updated: December 5, 2011
विपिन किशोर सिन्हा (दुर्वासा-संकट का समाधान) प्रिय सखी स्मरण करे और श्रीकृष्ण उपस्थित न हों, यह कैसे संभव था? इधर स्तुति समाप्त हुई, उधर श्रीकृष्ण…
Read more
पूंजीवाद मृत्यशय्या पर जा चुका है
Updated: October 17, 2011
इक़बाल हिंदुस्तानी पूंजीवाद मृत्यशय्या पर जा चुका है, अब बचना मुश्किल है! कारपोरेट सैक्टर की लूट अब भारत में भी और नहीं चलेगी! 1930 से…
Read more
मीडिया का नैतिक पतन : एक विवेचना
Updated: December 5, 2011
सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्र खींचो न कमानों को न तलवार निकालो, जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो, अकबर इलाहबादी’ की ये पंकितयाँ मीडिया की…
Read more