धर्म-अध्यात्म साम्राज्यवादी रवैया त्यागे चर्च

साम्राज्यवादी रवैया त्यागे चर्च

आर एल फ्रांसिस नये साल में पोप बेनेडिक्ट 16वें ने दुनियाभर के नेताओं से ईसाइयों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की अपील की…

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राजनीति चुनाव पूर्व घमासान से रूबरू उत्तर प्रदेश

चुनाव पूर्व घमासान से रूबरू उत्तर प्रदेश

निर्मल रानी ऐसा माना जाता है कि केंद्र की राजनीति की दिशा व दशा का निर्धारण उत्तर प्रदेश की राजनीति ही करती है। इसका सीधा…

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राजनीति सपा की सोच में खोट

सपा की सोच में खोट

संजय सक्सेना लगता है, उत्तर प्रदेश के नेताओं को वर्ष 2011 को बेसब्री से इंतजार था। नया साल शुरू होते ही प्रदेश में राजनैतिक सरगर्मियां…

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राजनीति मंत्री और अधिकारियों की फांस में शिवराज

मंत्री और अधिकारियों की फांस में शिवराज

विनोद उपाध्‍याय विकास…विकास…बस विकास यह मूल मंत्र है मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार का। पिछले पांच सालों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उनके मंत्रिमंडल के…

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विविधा जीती रहे ‘विकीलीक्स’

जीती रहे ‘विकीलीक्स’

पंकज कुमार साव खोजी पत्रकारिता के लिए आदर्श बन चुके अमेरिकी वेबसाइट ‘विकीलीक्स’ के खुलासों से जब अमेरिकी प्रशासन के माथे पर बल पड़ने शुरू…

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राजनीति प्रणाली नहीं बदली तो खंडित होगा देश

प्रणाली नहीं बदली तो खंडित होगा देश

सूर्यकांत बाली आज जो खंडित जनादेश आ रहे हैं, उसका कारण स्पष्ट है। आज हमारा समाज इतना अधिक खंडित हो चुका है कि वह एक…

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खेत-खलिहान किसान आत्महत्या: त्रासदी कहीं नियति न बन जाए

किसान आत्महत्या: त्रासदी कहीं नियति न बन जाए

के. एन. गोविन्दाचार्य दिनांक 14 अक्टूबर, 2006 की दोपहर मैं ‘विदर्भ’ में कारेजा के निकट मनोरा तहसील के ‘इंजोरी’ गांव में गया। इस गांव के…

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विविधा स्रोत विच्छिन्न जीवन

स्रोत विच्छिन्न जीवन

चैतन्य प्रकाश शाम के धुंधलके में घोंसले की ओर लौटते पंछियों की व्यग्रता, भीतर से उठती उदासी और पत्तों की हल्की-हल्की सरसराहट के बीच फलक…

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कविता आज मां ने फिर याद किया

आज मां ने फिर याद किया

भूली बिसरी चितराई सी कुछ यादें बाकी हैं अब भी जाने कब मां को देखा था जाने उसे कब महसूस किया पर , हां आज…

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विविधा पांच मंत्रालयों पर भुखमरी और कुपोषण से लड़ने की जिम्मेदारी

पांच मंत्रालयों पर भुखमरी और कुपोषण से लड़ने की जिम्मेदारी

संजय स्वदेश देश की जनता को भुखमरी और कुपोषण से बचाने के लिए सरकार नौ तरह की योजनाएं चला रही है। पर बहुसंख्यक गरीबों को…

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विविधा असंवेदनशीलता के मायने…?

असंवेदनशीलता के मायने…?

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश‘ जब-जब भी देश में बम विस्फोट होते हैं या फिदायीन हमले होते हैं तो सभी वर्गों द्वारा आतंकवाद की बढचढकर आलोचना…

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राजनीति आजाद भारत के सबसे बेबस प्रधानमंत्री साबित हुए मनमोहन

आजाद भारत के सबसे बेबस प्रधानमंत्री साबित हुए मनमोहन

लिमटी खरे भारत गणराज्य भ्रष्टाचार, अनाचार, दुराचार की आग में जल रहा है, उधर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी और वजीरे आजम डॉ.मनमोहन सिंह नीरो…

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