जन-जागरण दरवेश का चोला पहनने से डाकू- संत नहीं हो जाते…

दरवेश का चोला पहनने से डाकू- संत नहीं हो जाते…

लगता है कि आदरणीय मुकेश धीरूभाई अम्बानी को बोधत्व प्राप्त हो गया है. देश के सबसे बड़े रईस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के सर्वेसर्वा श्री मुकेश…

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राजनीति सर्वमान्य नेतृत्व का अभाव : एक दृटिकोण

सर्वमान्य नेतृत्व का अभाव : एक दृटिकोण

वर्तमान में भारत का जो राजनैतिक दृश्य है उसे देखकर यह लगता है कि हमारे देश में एक केन्द्रीय नेतृत्व का अभाव है। एक ऐसा…

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आर्थिकी नया बजट और नए खतरे

नया बजट और नए खतरे

नव्य उदारीकरण में भारत के अधिकांश बुद्धिजीवियों ने अपने को पूंजीपरस्ती से बांध लिया है। युवा इस पूंजी के नारकीय खेल से पीड़ित हैं । औरतें…

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प्रवक्ता न्यूज़ जिले के विकास में सभी सहयोगियों और अधिकारी का सहयोग आवश्यक है-मोहन चंदेल

जिले के विकास में सभी सहयोगियों और अधिकारी का सहयोग आवश्यक है-मोहन चंदेल

जिले के विकास में सभी सहयोगियों और अधिकारी का सहयोग आवश्यक है-मोहन चंदेल सिवनी -:जिला पंचायत के समस्त निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों द्वारा बिना किसी…

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आर्थिकी कालेधन की कलिख और कांग्रेस की कसक

कालेधन की कलिख और कांग्रेस की कसक

 स्वामी रामदेव के कालाधन और भ्रष्ट्राचार बिरोधी अभियान से घबरा कर भ्रष्ट्राचार के दलदल में गहरे तक धंसी हुयी कांग्रेस पार्टी का बौखला कर अमर्यादित…

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जन-जागरण कसौटी पर है खाद्यान्न की कमी

कसौटी पर है खाद्यान्न की कमी

इंसान तभी तक जिंदा रह सकता है, जब तक उसका पेट भरा रहे। कहा भी गया है ॔भूखे पेट कोई भजन नहीं कर सकता है’।…

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राजनीति मज़बूरी का नाम मनमोहन सिंह-….देश चले भगवान भरोसे…

मज़बूरी का नाम मनमोहन सिंह-….देश चले भगवान भरोसे…

यु पी ऐ प्रथम के दौर में जब -जब आर्थिक सुधारों के नाम पर देश की सम्पदा और मेहनतकशों के श्रम को मुफ्त में लूटने…

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कविता मेरी तड़त का मतलब

मेरी तड़त का मतलब

मेरा शरीर मेरा है| जैसे चाहूँ, जिसको सौंपूँ! हो कौन तुम- मुझ पर लगाम लगाने वाले? जब तुम नहीं हो मेरे मुझसे अपनी होने की-…

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आर्थिकी किसान का दर्द भी समझें नीता जी

किसान का दर्द भी समझें नीता जी

सिवनी जिले के इतिहास का काला अध्याय है सिवनी विधानसभा के ग्राम थांवरी के एक किसान द्वारा की गई आत्महत्या। यह आत्महत्या किस कारण से…

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आर्थिकी बजट: इधर का उधर-उधर का इधर

बजट: इधर का उधर-उधर का इधर

भारत में केंद्र सरकार का आम बजट आयेगा ,आ रहा है ,आ गया और चला भी गया ,ज्वलंत समस्याएं जहाँ थीं वहीँ की वहीँ रह…

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आर्थिकी बजट २०११-१२ : विसंगतियों का पिटारा…..

बजट २०११-१२ : विसंगतियों का पिटारा…..

वर्तमान बजट पर देश के अर्थशास्त्रियों के सिरमौर कहे जाने वाले हमारे माननीय प्रधानमंत्री जब वित्तमंत्री जी को शाबासी देते हैं तो मेरे जैसे अज्ञानी…

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कालों का राज है भाई

अरेरेरेररेरेरेरेरेरेरे … रूको भाई मैं कोई रंगभेदी नही हूँ .. केवल पत्रकार भी नही हूँ … मैं तो एक अमीर देश की गरीब जनता के…

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